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Friday, February 6, 2026

पीएमएफएमई योजना से लिखी सफलता की कहानी

Posted Dateline Bhopal on Friday 6th February 2026 at 15:17 IST Regarding Success Story 

प्रदेश के युवा विभिन्न उद्योग स्थापित कर बना रहे हैं अपनी पहचान

सरकारी योजना, तकनीकी मार्गदर्शन एवं ईच्छाशक्ति युवाओं के सपने साकार करने में सहायक


भोपाल: शुक्रवार, 6 फरवरी 2026: (DIPR //MP info// मध्यप्रदेश स्क्रीन डेस्क)::

पीएमएफएमई योजना

केन्द्र सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री सूक्ष्म, खाद्य, उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) का लाभ लेकर बुरहानपुर जिले के युवा उद्यमी श्री अभिषेक जायसवाल ने उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने डिहाइड्रेट यूनिट की स्थापना की है। यह प्रदेश के युवाओं एवं किसानों को खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में स्वरोजगार से जोड़ने की एक महत्वाकांक्षी योजना है। इस योजना का उद्देश्य उद्यमिता को बढ़ावा देना और युवाओं को आर्थिक रूप से आत्म निर्भर बनाना है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में इस योजना का लाभ अधिक से अधिक युवाओं तक पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। शासन द्वारा विभागीय मार्गदर्शन, तकनीकी सहायता एवं वित्तीय सहयोग के माध्यम से युवाओं को उद्यम स्थापना हेतु प्रेरित किया जा रहा है, जिससे वे स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर रोजगार के नए अवसर सृजित कर सकें।

यूनिट स्थापना से मिली नई पहचान

बुरहानपुर जिले के युवा उद्यमी अभिषेक जायसवाल एक शिक्षित युवा हैं, जिन्होंने एग्रीकल्चर बीएससी तथा एग्रीकल्चर मैनेजमेंट में एमबीए की पढ़ाई की है। शुरू से ही कृषि से जुड़े परिवार से होने के कारण अभिषेक की कृषि से संबंधित कार्य को आगे बढ़ाने में रूचि थी। उद्यानिकी विभाग के सहयोग से प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना द्वारा अभिषेक ने डिहाइड्रेट यूनिट की स्थापना कर मात्र 4 माह में ही लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।

पीएमएफएमई योजना से मिला संबल

अभिषेक जायसवाल बताते हैं कि उद्यानिकी विभाग के माध्यम से उन्हें पीएमएफएमई योजना की जानकारी प्राप्त हुई, जिसके बाद उन्होंने अपने उद्यम की शुरुआत करने का निर्णय लिया। योजना में उन्होंने बैंक से प्राप्त सहायता राशि के माध्यम से माह अक्टूबर 2025 में डिहाइड्रेट यूनिट की स्थापना की। इस यूनिट में मुख्य रूप से प्याज, केला के डिहाइड्रेट उत्पादों को तैयार करते हैं।

क्या है डिहाइड्रेट यूनिट

डिहाइड्रेशन यूनिट एक ऐसी प्रसंस्करण इकाई है, जिसमें फल एवं सब्जियों जैसे प्याज, केला, हल्दी तथा पत्तेदार सब्जियों से कम तापमान पर नमी हटाकर उन्हें सुखाया जाता है। यह प्रक्रिया जल्दी खराब होने वाली खाद्य सामग्री को लंबे समय तक सुरक्षित रखती है और उन्हें फ्लेक्स, चिप्स अथवा पाउडर के रूप में उपयोग योग्य बनाती है।

डिहाइड्रेशन के कारण उत्पाद लम्बे समय तक सुरक्षित रहते हैं, जिससे भंडारण एवं परिवहन आसान और कम खर्चीला हो जाता है। सही तकनीक से सुखाने पर उत्पाद का रंग, स्वाद एवं पोषण तत्व काफी हद तक सुरक्षित रहते हैं, जिससे ग्राहकों को गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक खाद्य उत्पाद उपलब्ध होते हैं।

प्रक्रिया

अभिषेक जायसवाल बताते हैं कि यूनिट में प्याज को डिहाइड्रेट करने के लिए पहले उसका छिलका हटाकर अच्छे से साफ कर कटर मशीन से 1 एमएम स्लाइस बनाए जाते हैं। इन स्लाइसों को क्रेट में भरकर इलेक्ट्रॉनिक ड्रायर में निर्धारित तापमान पर लगभग 10 घंटे रखा जाता है, जिससे डिहाइड्रेटेड उत्पाद तैयार होता है।

पाउडर बनाने के लिए स्लाइस को पल्वराइज़र मशीन में पीसकर पाउडर तैयार किया जाता है और वाइब्रो फिल्टर से छाना जाता है। वहीं केले को डिहाइड्रेट करने के लिए करीबन 60 डिग्री तापमान पर लगभग 8 घंटे तक ड्रायर में रखा जाता है। इसी प्रकार हल्दी, मैथी एवं अन्य उत्पादों के लिए भी लगभग समान प्रक्रिया अपनाई जाती है।

रोजगार के अवसर भी हुए सृजित

यूनिट में वर्तमान में 5 से 6 लोगों को रोजगार मिल रहा है। इससे न केवल अभिषेक का व्यवसाय आगे बढ़ रहा है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं।

मांग और बिक्री से बढ़ रही आय

अभिषेक जायसवाल यूनिट में प्रतिमाह लगभग 5-6 क्विंटल उत्पादन की बिक्री कर लेते हैं, जिससे उन्हें लगभग 50 से 60 हजार रुपये शुद्ध आय प्रति माह का मुनाफा हो जाता है। अभिषेक जायसवाल बताते है कि, उत्पादों की पैकेजिंग 30 एवं 50 किलो के पैकेट्स में की जाती है। इसके लिए पैकिंग बैग में सामग्री भरकर पैकेजिंग मशीन से सील कर ग्राहकों तक पहुँचाया जाता है। ग्राहकों द्वारा इन डिहाइड्रेट उत्पादों को पसंद किया जा रहा है। नियमित ग्राहक के साथ-साथ मांग अनुसार पैकेट्स भी तैयार किए जाते हैं।

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़ने की तैयारी

अभिषेक के उत्पादों की बिक्री बुरहानपुर जिले के साथ-साथ इंदौर, मुंबई सहित अन्य शहरों में भी हो रही है। आने वाले समय में वे अपने उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से भी विक्रय करने की तैयारी कर रहे हैं।

योजना बनी आत्मनिर्भरता की राह

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना से सही मार्गदर्शन, योजना का लाभ और ईच्छाशक्ति के बल पर युवा न केवल स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर रहे हैं, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर बना रहे है।

आशा उइके/अनिल वशिष्ठ


Sunday, December 21, 2025

भोपाल में किया मेट्रो ट्रेन का शुभारंभ

भोपाल : शनिवार, दिसम्बर 20, 2025, 19:26 IST

मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय मंत्री श्री मनोहरलाल ने दिखाई हरी झंडी

भोपाल: शनिवार, 20 दिसम्बर 2025 at 19:26 IST:


मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहरलाल ने शनिवार की शाम भोपाल के सुभाष नगर मेट्रो ट्रेन स्ट्रेशन से हरी झंडी दिखाकर 7 किलोमीटर ट्रेक में चलने वाली मेट्रो ट्रेन का शुभारंभ किया।

भोपाल में मेट्रो ट्रेन परियोजना के प्रथम चरण में इस ट्रेक पर नियमित मेट्रो ट्रेन संचालन प्रारंभ किया गया है। भोपाल में लगभग 30 कि.मी. लंबाई में मेट्रो ट्रेन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय मंत्री श्री खट्टर ने अनेक जनप्रतिनिधियों, मीडिया प्रतिनिधियों और नागरिकों की उपस्थिति में मेट्रो ट्रेन के शुभारंभ अवसर पर हरी झंडी दिखाकर एम्स के लिए ट्रेन को रवाना किया। इसके पूर्व उन्होंने मेट्रो ट्रेन कार्पोरेशन के वरिष्ठ अधिकारियों से मेट्रो ट्रेन संचालन के संबंध में तकनीकी जानकारियां प्राप्त कीं।

अशोक मनवानी

Tuesday, December 16, 2025

मिशन महिला-शक्ति के स्वर्णिम दो वर्ष-सुश्री निर्मला भूरिया

भोपाल : सोमवार, दिसम्बर 15, 2025, 19:31 IST

दो वर्ष समग्र विकास के अद्वितीय कालखंड के रूप में दर्ज हुए हैं

महिला सशक्तीकरण, सुरक्षा और सम्मान ने लगातार पकड़ी रफ़्तार 

भोपाल: सोमवार, 15 दिसम्बर 2025:(मीडिया लिंक 32//मध्यप्रदेश स्क्रीन डेस्क//)::


मध्यप्रदेश में बीते दो वर्ष महिला सशक्तीकरण, सुरक्षा, सम्मान और समग्र विकास के अद्वितीय कालखंड के रूप में दर्ज हुए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व और संवेदनशील दृष्टिकोण से प्रदेश में महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव  की मंशा स्पष्ट रही है—हर महिला को सुरक्षित जीवन, हर बालिका को प्रोत्साहन तथा हर बच्चे को बेहतर भविष्य का अधिकार मिले। इन्हीं लक्ष्यों को मूर्त रूप देने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा अनेक ऐतिहासिक पहलें की गईं, जिनसे समाज में सकारात्मक परिवर्तन की व्यापक लहर उत्पन्न हुई है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री के रूप में मैं यह बताते हुए गर्व का अनुभव करती हूँ कि मिशन वात्सल्य के माध्यम से प्रदेश में हजारों बच्चों को नए जीवन अवसर प्रदान किए गए हैं। स्पॉन्सरशिप योजना ने कमजोर परिस्थितियों में रह रहे बच्चों के लिए सुरक्षा कवच का कार्य किया है, जिसके अंतर्गत प्रति माह 4 हजार रुपये की वित्तीय सहायता ने परिवारों और संस्थाओं दोनों को सशक्त बनाया है। वर्ष 2024-25 में 20,243 बच्चों को इस सहायता का लाभ मिला और वर्ष 2025-26 के लिए 32,896 बच्चों के प्रकरण स्वीकृत किए जा चुके हैं। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 ने चौबीसों घंटे त्वरित सेवा उपलब्ध कराते हुए दो वर्षों में लगभग 48,872 बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की है।

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना सबसे क्रांतिकारी पहलों में से एक रही है। कई राज्यों ने इसका अनुसरण किया है। जून 2023 से अक्टूबर 2025 तक महिलाओं को नियमित रूप से 29 किस्तों के माध्यम से आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। तीन बार विशेष सहायता राशि के रूप में प्रति बहन 250 रुपये अतिरिक्त प्रदान किए गए, जिससे लाखों परिवारों को सीधा आर्थिक संबल मिला। कुल 44,917.92 करोड़ रुपये महिलाओं के खातों में पारदर्शी डिजिटल अंतरण के माध्यम से प्रदान किए गए, जिसने मध्यप्रदेश की महिलाओं को आत्मनिर्भरता की नई दिशा दी है।

मिशन शक्ति के अंतर्गत वन स्टॉप सेंटरों, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, पिंक ड्राइविंग लाइसेंस, जेंडर चैंपियन पहल और सशक्त वाहिनी कार्यक्रमों ने महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तीकरण को और मजबूती प्रदान की है। वर्ष 2024-25 में वन स्टॉप सेंटरों ने 31,763 महिलाओं को सहायता प्रदान की और 2025-26 में अक्टूबर तक 20,332 महिलाओं को त्वरित राहत और परामर्श उपलब्ध कराया। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत नवजात बालिकाओं का स्वागत, पूजा-अर्चना और व्यापक पौधारोपण ने समाज में बेटियों के सम्मान की संस्कृति को मजबूत किया है। पिंक ड्राइविंग लाइसेंस और जेंडर चैंपियंस जैसी पहलें बालिकाओं के आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को नई उड़ान दे रही हैं।

राज्य एवं जिला स्तर के हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वुमन ने जनजागरूकता की दृष्टि से अभूतपूर्व कार्य किया है। 100 दिवसीय अभियान, घरेलू हिंसा निरोधक कार्यक्रम, बाल विवाह मुक्ति प्रतिज्ञा, PC-PNDT अधिनियम जागरूकता अभियान, साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण और आत्मरक्षा कार्यक्रमों ने समाज में व्यापक संवेदनशीलता विकसित की है। वर्ष 2024-25 में 1.47 लाख से अधिक गतिविधियाँ आयोजित हुईं और लाखों नागरिकों की भागीदारी ने यह सिद्ध किया कि मध्यप्रदेश, महिला सम्मान और सुरक्षा के विषय में समाज को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है।

सखी निवास (वर्किंग वुमन हॉस्टल) और शक्ति सदन ने कार्यरत महिलाओं तथा संरक्षण की आवश्यकता वाली महिलाओं के लिए सुरक्षित आवास का मजबूत तंत्र निर्मित किया है। नए हॉस्टलों के निर्माण से प्रदेश में महिलाओं के लिए और अधिक सुरक्षित सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। महिला हेल्पलाइन 181 ने दो वर्षों में लगभग 1.7 लाख से अधिक महिलाओं को त्वरित सहायता प्रदान की है, जो शासन की संवेदनशीलता का प्रमाण है।

आंगनवाड़ी सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए भी महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। 12,670 मिनी आंगनवाड़ियों को पूर्ण आंगनवाड़ी में उन्नत किया गया, जिसके परिणामस्वरूप सेवाओं की गुणवत्ता और महिलाओं के लिए रोजगार दोनों में वृद्धि हुई है। ‘चयन पोर्टल’ की शुरुआत ने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया है और हजारों कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को नई नियुक्ति मिली है। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के माध्यम से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को मजबूत सामाजिक सुरक्षा प्रदान की गई है।

जनजातीय बाहुल्य क्षेत्रों में पीएम-जनमन तथा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्थान अभियान के माध्यम से सैकड़ों नए आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन प्रारंभ किया गया है। इससे जनजातीय महिलाओं और बच्चों को पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएँ उनके गांवों तक उपलब्ध कराई गई हैं। हजारों भवनों के निर्माण और उन्नयन से आंगनवाड़ी व्यवस्था अधिक सशक्त और सुरक्षित बनी है।

पोषण अभियान के अंतर्गत लाखों बच्चों के विकास की निगरानी के लिए अत्याधुनिक उपकरण प्रदान किए गए हैं। फेस-मैच आधारित सत्यापन ने हितग्राहियों को पारदर्शी और समयबद्ध लाभ दिलाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे अभियानों ने पोषण और पर्यावरण—दोनों आयामों को जोड़कर जनभागीदारी का नया मॉडल प्रस्तुत किया है।

इन सभी उपलब्धियों के मूल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की वह स्पष्ट सोच और संवेदनशील दृष्टिकोण है, जिसके कारण आज मध्यप्रदेश महिला और बाल विकास के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। प्रदेश सरकार का लक्ष्य केवल योजनाओं की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि हर महिला, हर बालिका और हर बच्चे तक सुरक्षा, सम्मान, समान अवसर और आर्थिक-सामाजिक सशक्तिकरण की रोशनी पहुँचाना है। आने वाले वर्षों में भी यह अभियान निरंतर जारी रहेगा और मध्यप्रदेश, आत्मनिर्भर, समृद्ध और सशक्त समाज के रूप में नए मानक स्थापित करेगा।

 (लेखक मध्यप्रदेश शासन की महिला एवं बाल विकास मंत्री हैं।) 

उनका यह लेख MP Info से साभार लिया गया है 

Thursday, June 1, 2023

120 लाड़ली लक्ष्मी एक जून को जाएँगी बाघा-हुसैनी वाला बार्डर

31st May 2023 at 14:23 IST

मुख्यमंत्री श्री चौहान हरी झंडी दिखा कर करेंगे रवाना


भोपाल: बुधवार, 31मई 31, 2023: (मध्य प्रदेश स्क्रीन ब्यूरो)::

"माँ तुझे प्रणाम" योजना में प्रदेश की 120 लाड़ली लक्ष्मी एक जून को बाघा-हुसैनी वाला बार्डर की अनुभव यात्रा पर जाएंगी। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान दोपहर 12 बजे रवीन्द्र भवन से लाड़ली लक्ष्मियों को हरी झंडी दिखा कर रवाना करेंगे। दोपहर 3:30 बजे दादर-अमृतसर एक्सप्रेस से रवाना होंगी। खेल और युवा कल्याण मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया भी उपस्थित रहेंगी।

अनुभव यात्रा में जाने वाली लाड़ली लक्ष्मियाँ बाघा-हुसैनी वाला बार्डर (अमृतसर पंजाब), स्वर्ण मंदिर, जलियाँवाला बाग और रामतीर्थ का भ्रमण करेंगी। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष निर्णय लिया गया था कि प्रदेश की लाड़ली लक्ष्मी बेटियाँ भी "माँ तुझे प्रणाम" योजना का हिस्सा बनेगी। वर्ष 2022 में 200 लाड़ली लक्ष्मी बेटियों ने बाघा बार्डर की यात्रा की थी।

"माँ तुझे प्रणाम" योजना

मध्यप्रदेश शासन द्वारा प्रदेश के युवाओं में देश की सीमाओं की सुरक्षा के प्रति जागृति लाने, राष्ट्र के प्रति समर्पण, साहस की भावना जाग्रत करने एवं युवाओं को सेना तथा अर्द्ध सैनिक बलों के प्रति आकर्षित करने के उद्देश्य से वर्ष 2013 में "माँ तुझे प्रणाम" योजना प्रारंभ की गई थी। अब तक 14 हजार 293 युवाओं को भ्रमण पर भेजा गया, जिसमें 7 हजार 779 युवक और 6 हजार 514 युवतियाँ शामिल है। इन्हें लेह-लद्दाख, कारगिल, आर.एस. पुरा (जम्मू-कश्मीर), बाघा-हुसैनीवाला बार्डर (अमृतसर, पंजाब), तनोत माता का मंदिर-लोंगेवॉल (राजस्थान), बीकानेर (राजस्थान), बाडमेर (राजस्थान), कोच्चि (केरल), नाथूला-दर्रा (सिक्किम), तुरा (मेघालय), पेंद्रा-पोल (पश्चिम बंगाल), जय गाँव (पश्चिम बंगाल), अण्डमान-निकोबार और कन्याकुमारी (तमिलनाडु) का भम्रण करवाया गया।

बिन्दु सुनील//समाचार 

Sunday, June 12, 2022

गिरफ्तारी काफी नहीं--मुख्यमंत्री श्री चौहान

Sunday: 12th June 2022 at 17:00 IST

अपराधियों को कठोरतम दंड देंगे:मुख्यमंत्री ने संकल्प दोहराया 

*मुख्यमंत्री श्री चौहान ने घायल महिला से भेंट कर सौंपी प्रोत्साहन राशि

*सुबह सबेरे बुलाई आला अफसरों की बैठक  

भोपाल: रविवार: 12 जून 2022: (मध्यप्रदेश स्क्रीन ब्यूरो)::

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि महिलाओं के विरूद्ध अपराध घटित करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ कठोरतम कार्यवाही की जाएगी। कल भोपाल में हई घटना के संबंध में पुलिस कमिश्नर भोपाल को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने रविवार को सुबह मुख्यमंत्री निवास पर आला अफसरों की बैठक में आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज शिवाजी नगर स्थित श्रीमती सीमा के निवास पर उनसे भेंट कर स्वास्थ्य की जानकारी ली। शनिवार को एक घटना में श्रीमती सीमा पर कुछ बदमाशों द्वारा ब्लेड से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने घायल महिला को एक लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की।

सराहनीय है सीमा का साहस

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि श्रीमती सीमा का साहस सराहनीय है। उन्होंने बदमाशों की आपत्तिजनक और अश्लील हरकत का हिम्मत से मुकाबला किया। श्रीमती सीमा का उपचार राज्य शासन द्वारा करवाया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अन्याय का प्रतिकार करना अन्य लोगों के लिए प्रेरणा का काम है। घटना का प्रतिरोध करने वाली सीमा अन्य महिलाओं के लिए प्रेरक भी है। मुख्यमंत्री ने श्रीमती सीमा के बेटा और बेटी, जो भोपाल में पढ़ते हैं, के सहयोग के लिए भी कलेक्टर भोपाल को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि घटना के आरोपी गिरफ्तार किये जा चुके हैं। उनके विरूद्ध कठोरतम कार्रवाई के निर्देश पुलिस कमिश्नर भोपाल और अन्य अधिकारियों को दिए गए हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने श्रीमती सीमा के पति और अन्य परिजन से भी बातचीत की।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि घटना में तीन अपराधी शामिल हैं। उन्होंने भयानक अपराध किया है। मुख्य अपराधी ऑटो चलाने का कार्य करता है। वह कुछ दिन पूर्व ही जेल से छूट कर आया है। उसे गिरफ्तार किया जा चुका है। साथ ही उसके वाहन का लायसेंस रद्द कर दिया गया है। श्रीमती सीमा ने साहस का काम किया है। मैं उसे प्रणाम करता हूँ और बधाई देता हूँ। वे अन्याय और हिंसा के खिलाफ प्रेरणा बन कर सामने आई हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि डॉक्टरों से विचार-विमर्श कर श्रीमती सीमा की प्लास्टिक सर्जरी भी करवाई जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बैठक में दी सख्त हिदायतें

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इसके पहले आज सुबह मुख्यमंत्री निवास में आला अफसरों की बैठक बुलाकर कल राजधानी में हुई हिंसा की इस घटना पर चिंता और दु:ख व्यक्त किया। उन्होंने अप्रसन्न्ता के स्वर में कहा कि इस घटना से मैं बहुत अपसेट हूँ। महिलाओं के विरूध छेड़खानी की घटनाएँ हिंसा का स्वरूप लेंगी, यह अकल्पनीय है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पुलिस कमिश्नर भोपाल श्री मकरंद देऊस्कर को निर्देश दिए कि महिलाओं के सम्मान पर आँच पहुँचाने वाले अपराधिक तत्वों को किसी भी कीमत पर बखशा नहीं जाए। उनके विरूद्ध सख्त से सख्त कानूनी कार्यवाही की जाए। उन्हें जिला बदर भी करना पड़े तो प्रकरण तैयार कर तेजी से क्रियान्वित किया जाए। ऐसे जघन्य अपराधियों को सिर्फ कारावास में भेजने से काम नहीं चलेगा। आवश्यक धाराओं में और अधिक कठोर कार्यवाही की जाए। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री मनीष रस्तोगी, विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी मुख्यमंत्री कार्यालय श्री योगेश चौधरी, कमिश्नर भोपाल श्री गुलशन बामरा और कलेक्टर भोपाल श्री अविनाश लवानिया उपस्थित थे।

---अशोक मनवानी


Saturday, May 7, 2022

CM ने अंतरराज्यीय चोर की गिरफ्तारी पर पुलिस को दी बधाई

 पुलिसकर्मी 10-10 हजार रूपए की राशि से पुरस्कृत

भोपाल: शुक्रवार 6 मई 2022: (मध्यप्रदेश स्क्रीन ब्यूरो)::

Symbolic Pexels-Photo By Kindel Media C1
चोरी जैसे जुर्मों का दायरा बढ़ने से आम लोगों के दिलों में एक आतंक जैसा पैदा करता जा रहा है। न घर में सुरक्षा महसूस होती है न ही घर से बाहर। चोर हर जगह पर सेंध लाने को तैयार बैठे होते हैं। इसी बीच एक अच्छी खबर भी आई है कि राज्य पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय चोर को काबू करने में सफलता पा ली है। 

मध्यप्रदेश में अंतरराज्यीय चोर की गिरफ्तारी से पुलिस को बहुत बड़ी सफलता मिली है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने शहडोल पुलिस द्वारा अंतरराज्यीय चोर हसन को गिरफ्तार करने पर पुलिस विभाग को बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। 

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ऐसे कर्त्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी और कर्मचारी ही मध्यप्रदेश की शान हैं। पुलिसकर्मियों एसआई वर्षा बैगा, आर. धन्नालाल एवं परिमल को 10-10 हजार रूपए की राशि से पुरस्कृत किया है।

उल्लेखनीय है कि इन पुलिसकर्मियों ने अन्य राज्यों में करोड़ों की चोरी के आरोपी हसन को गिरफ्तार करने में
सफलता प्राप्त की। पुलिसकर्मियों ने शातिर चोर हसन को गिरफ्तार कर यूनियन बैंक में करोड़ों रूपए की चोरी होने से बचाया।

Thursday, February 3, 2022

कहानी नूर और सिमरन की//कुमुद सिंह की ज़ुबानी

 सोचने को मजबूर करती सच्ची कहानी 

आप सुन सकते हैं उनकी नई पॉडकास्ट यहाँ क्लिक करके

लुधियाना: 3 फरवरी 2022: (मध्यप्रदेश स्क्रीन ब्यूरो)::

मुझे नहीं मालूम देवलोक है या नहीं। देवी देवता होते हैं या नहीं। लेकिन इतना ज़रूर है कि कुछ विशेष लोग इसी इंसानी रूप में ऐसे होते हैं जिनमें दूसरों के दर्द को महसूस करने की संवेदना होती है। जिनमें दूसरों के दुःख को दूर करने की इच्छा होती है। जिनके पास जो कुछ होता है उसे बांट कर ही उन्हें ख़ुशी मिलती है। कुमुद सिंह उन्हीं दिव्य लोगों जैसी ही हैं।  
सादगी भरा सीधा सा व्यक्तित्व। बिलकुल ही सीधे से शब्द। टू द पॉइंट बात। सीधा सा नज़रिया। सरोकार आम जनता से जुड़े हुए। यही है कुमुद सिंह की जान पहचान। सड़क पर राह जाते गाड़ी रोक लेना। सिर्फ रोक ही नहीं लेना ज़रूरत पड़े तो बैक भी करना। अगर बैक करना सम्भव न हो तो अगले कट से ही वापिस उधर आ पहुंचना जहां फुटपाथ पर परेशान से बैठे किसी व्यक्ति को देखा था। बस दिमाग में इतना सा ही कौंध जाना कि यह तो कोई बरसों पुराने जानकार का चेहरा लगता है। पास आ कर पूछना आप कहीं वो तो नहीं जो हमारे पड़ोस में रहते थे। कन्फर्म भी करना उसका हालचाल भी पूछना और गाड़ी में पड़ी राश की किट के साथ उसे कुछ पैसे भी थमा देना। कोरोना के दिनों में कुमुद परिवार की टीम ने ऐसा बहुत बार किया। यह मोहब्बत है इंसानियत से। इबादत है इंसानियत की। मोहब्बत इसी तरह इबादत बनती है। आप सुन सकते हैं उनकी नई पॉडकास्ट यहाँ क्लिक करके। बहुत ही टचिंग है यह कहानी नूर और सिमरन की। कुमुद कहती हैं-जि़न्दगी का पहला और अंतिम सत्य तो मोहब्बत ही है ना और मोहब्बत का दूसरा नाम हैं "नूर और सिमरन" (जिसे नूर प्यार से सिमर कहती) आज  सुनिये कहानी नूर और सिमरन की।  कुमुद जी की आवाज़ सचमुच आकाशवाणी की ही आवाज़ लगती है। अपनी कलम, अपनी आवाज़ अपने शब्दों और अंदाज़ का इस्तेमाल अमन और मोहब्बत के लिए करना एक बहुत मिसाल हम सभी के लिए। आप भी सरोकार से जुड़ सकते हैं। पहले अआप इसे सुन कर देखिए। आपके विचारों की इंतज़ार रहेगी ही। --रेक्टर कथूरिया 

Monday, January 17, 2022

महिला विरोधी जुर्मों के खिलाफ और सख्त हुए मुख्यमंत्री चौहान

 Monday 17th January 2022, 17:34 IST

कहा-मानवता को शर्मसार करने वाले अपराधी को मिले कड़ी सजा

महिलाओं के विरूद्ध अपराध की घटनाओं पर बुलाई विशेष बैठक


भोपाल: सोमवार 17 जनवरी 2022 at 17:34 IST सोमवार

महिलाओं के खिलाफ अपराध रुकने का नाम ही नहीं ले रहे। दुनिया भर में शर्मनाक घटनाएं बढ़ रही हैं। देश का शायद ही कोई ऐसा कोना ही जहां से ऐसी खबरें न आ रही हों। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि हाल ही में कुछ जिलों में महिलाओं के विरूद्ध घटित अपराधों में सख्त से सख्त कार्यवाही की जाये। अमानवीय और घृणित कृत्य करने वाले नरपिशाचों को फाँसी के तख्ते तक ले जाने के लिए ऐसे प्रकरणों का निरंतर फॉलोअप किया जाये। इंदौर, सीहोर, ग्वालियर और शिवपुरी में हुई घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इंदौर की कल की घटना पर दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों के विरूद्ध सिर्फ गिरफ्तारी तक कार्यवाही सीमित नहीं होना चाहिए। इंदौर ग्रामीण के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने जानकारी दी कि इस प्रकरण में 5 लोग गिरफ्तार हुए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रकरण में अविलंब आरोप-पत्र लगाने और फॉस्ट ट्रेक कोर्ट में मामला ले जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सीहोर की घटना पर भी गंभीर रूख अपनाते हुए कहा कि दोषियों को फास्ट ट्रेक के माध्यम से दण्डित किया जाए। उन्होंने ग्वालियर के पुलिस अधिकारियों से 27 दिसंबर की घटना पर चर्चा की। इस प्रकरण में तीन व्यक्ति गिरफ्तार हुए हैं। अपराध में उपयोग में लाए गए ट्रक को भी राजसात करने और ट्रक के मालिक के विरूद्ध भी एफआईआर करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधीक्षक शिवपुरी से जिले में एक बालिका पर परिजन द्वारा घटित अपराध की घटना में दोषी के विरूद्ध कठोरतम दंड के निर्देश दिए।

मानवता शर्मसार होती है ऐसी घटनाओं से

मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर की घटना मानवता को शर्मसार करने वाली घटना है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अपराधियों की संपत्ति जप्त करने को भी कहा। मुख्यमंत्री ने चारों मामलों को चिन्हित अपराध की श्रेणी में शामिल करते हुए फास्ट ट्रेक कोर्ट के माध्यम से कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

चीनी मांझा जानलेवा है, कार्यवाही करें–मुख्यमंत्री श्री चौहान

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने उज्जैन में पतंगबाजी में उपयोग में लाए जाने वाले चीनी मांझे से एक युवती की मृत्यु को दुखदायी बताया। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित मांझे का उपयोग करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाए। प्रदेश में किसी भी स्थान पर इसके विक्रय और उपयोग पर नजर रखें और जानलेवा सिद्ध होने वाली इस सामग्री के इस्तेमाल को नियंत्रित करें। बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा, पुलिस महानिदेशक श्री विवेक जौहरी, मुख्यमंत्री कार्यालय के विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी श्री योगेश चौधरी उपस्थित थे।

अशोक मनवानी

Wednesday, May 20, 2020

विभिन्न प्रदेशों से लौटे 4 लाख 63 हजार श्रमिक

Wednesday: 20th May 2020 at 15:55 IST
107 ट्रेनों से 1 लाख 35 हज़ार आये और सड़क मार्ग से 3 लाख 28 हजार 
भोपाल: बुधवार, मई 20, 2020 को 15:55 बजे: (मध्यप्रदेश स्क्रीन)
कोरोना संकट के कारण विभिन्न प्रदेशों में फँसे 4 लाख 63 हजार श्रमिक अब-तक प्रदेश में लाये जा चुके हैं। अपर मुख्य सचिव एवं प्रभारी स्टेट कंट्रोल रूम आईसीपी केशरी ने जानकारी दी है कि 107 ट्रेनो से करीब एक लाख 35 हजार और सड़क मार्ग से लगभग 3 लाख 28 हजार श्रमिक वापस आएं है।
श्री केशरी ने बताया कि 20 मई तक गुजरात से एक लाख 93 हजार, राजस्थान से एक लाख, महाराष्ट्र से एक लाख 7 हजार श्रमिकों के साथ ही गोवा, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, केरल आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु एवं तेलंगाना से भी श्रमिका आऐ हैं।
125 ट्रेन का रिक्विजिशन भेजा गया
श्री केशरी ने बताया है कि अब तक 125 ट्रेनों का रिक्विजिशन भेजा गया है। दिनांक 20 मई को सात ट्रेन विभिन्न स्थानों पर आयी। कल 21 मई को 6 ट्रेन आ रही है। अभी-तक महाराष्ट्र से 32, गुजरात से 27, हरियाणा से 16, तेलंगाना से 7, पंजाब से 5, कर्नाटक से 3, गोवा से 3, केरल, राजस्‍थान और दिल्ली से दो-दो तथा तमिलनाडु एवं जम्मू से एक-एक ट्रेन आ चुकी है।
श्रमिकों को उत्तरप्रदेश सीमा तक पहुँचाने 850 बसें और लगी
प्रदेश की सीमा पर आ रहे अन्य प्रदेशों के श्रमिकों को बस से उत्तरप्रदेश की सीमा तक पहुँचाने के लिये आज से 850 बसें और लगा दी गई है।

Saturday, April 25, 2020

क्रिश्चियन समाज की सिस्टर्स बना रहीं मास्क

Saturday: 25th April 2020 at 18:17 IST
स्थानीय मनो-विकास समर्थ सेंटर में दीखता है मानवता से प्रेम का दृश्य 
भोपाल: शनिवार 25 अप्रैल 2020: (मीडिया लिंक//मध्यप्रदेश स्क्रीन)::
उज्जैन में क्रिश्चियन समाज की सिस्टर्स मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चों की देखभाल करने के साथ-साथ मास्क बनाने और जरूरतमंदों तक मास्क पहुंचाने का काम कर रही हैं। स्थानीय मनो-विकास समर्थ सेंटर में  रहने वाले 8-10 मानसिक दिव्यांग बच्चे  लॉकडाउन के कारण अपने घर नही जा सके हैं। समर्थ सेंटर, पुष्पा मिशन हॉस्पिटल, सेंट मेरी कॉन्वेंट स्कूल आदि में  सेवारत  सिस्टर्स ने इस बच्चों की देखभाल करते हुए अभी तक 1000 से अधिक मास्क बनाये हैं।
सिस्टर्स द्वारा बनाये गए मास्क बिशप सेबास्टियन वडकेल ने पुलिस विभाग के अधिकारियों को सौपे हैं। क्रिश्चियन समाज इस सेवा कार्य के साथ ही जरूरतमंद गरीब परिवारों को खाद्यान्न सामग्री भी वितरित कर रहा है। बिशप वड़क्केल ने बताया कि समाज की कृपा वेलफेयर सोसायटी, मध्यप्रदेश विकलांग सहायता समिति एवं निर्मला चर्च चंदेस्सेरी की सिस्टर्स ने इस काम में  भरपूर योगदान दिया है।  सर्वधर्म समभाव की भावना के साथ संकट की इस घड़ी में उज्जैन धर्मप्रान्त के क्रिश्चियन समाज का यह योगदान शहर के लिये मिसाल बन गया है।