Friday, February 6, 2026

पीएमएफएमई योजना से लिखी सफलता की कहानी

Posted Dateline Bhopal on Friday 6th February 2026 at 15:17 IST Regarding Success Story 

प्रदेश के युवा विभिन्न उद्योग स्थापित कर बना रहे हैं अपनी पहचान

सरकारी योजना, तकनीकी मार्गदर्शन एवं ईच्छाशक्ति युवाओं के सपने साकार करने में सहायक


भोपाल: शुक्रवार, 6 फरवरी 2026: (DIPR //MP info// मध्यप्रदेश स्क्रीन डेस्क)::

पीएमएफएमई योजना

केन्द्र सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री सूक्ष्म, खाद्य, उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) का लाभ लेकर बुरहानपुर जिले के युवा उद्यमी श्री अभिषेक जायसवाल ने उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने डिहाइड्रेट यूनिट की स्थापना की है। यह प्रदेश के युवाओं एवं किसानों को खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में स्वरोजगार से जोड़ने की एक महत्वाकांक्षी योजना है। इस योजना का उद्देश्य उद्यमिता को बढ़ावा देना और युवाओं को आर्थिक रूप से आत्म निर्भर बनाना है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में इस योजना का लाभ अधिक से अधिक युवाओं तक पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। शासन द्वारा विभागीय मार्गदर्शन, तकनीकी सहायता एवं वित्तीय सहयोग के माध्यम से युवाओं को उद्यम स्थापना हेतु प्रेरित किया जा रहा है, जिससे वे स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर रोजगार के नए अवसर सृजित कर सकें।

यूनिट स्थापना से मिली नई पहचान

बुरहानपुर जिले के युवा उद्यमी अभिषेक जायसवाल एक शिक्षित युवा हैं, जिन्होंने एग्रीकल्चर बीएससी तथा एग्रीकल्चर मैनेजमेंट में एमबीए की पढ़ाई की है। शुरू से ही कृषि से जुड़े परिवार से होने के कारण अभिषेक की कृषि से संबंधित कार्य को आगे बढ़ाने में रूचि थी। उद्यानिकी विभाग के सहयोग से प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना द्वारा अभिषेक ने डिहाइड्रेट यूनिट की स्थापना कर मात्र 4 माह में ही लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।

पीएमएफएमई योजना से मिला संबल

अभिषेक जायसवाल बताते हैं कि उद्यानिकी विभाग के माध्यम से उन्हें पीएमएफएमई योजना की जानकारी प्राप्त हुई, जिसके बाद उन्होंने अपने उद्यम की शुरुआत करने का निर्णय लिया। योजना में उन्होंने बैंक से प्राप्त सहायता राशि के माध्यम से माह अक्टूबर 2025 में डिहाइड्रेट यूनिट की स्थापना की। इस यूनिट में मुख्य रूप से प्याज, केला के डिहाइड्रेट उत्पादों को तैयार करते हैं।

क्या है डिहाइड्रेट यूनिट

डिहाइड्रेशन यूनिट एक ऐसी प्रसंस्करण इकाई है, जिसमें फल एवं सब्जियों जैसे प्याज, केला, हल्दी तथा पत्तेदार सब्जियों से कम तापमान पर नमी हटाकर उन्हें सुखाया जाता है। यह प्रक्रिया जल्दी खराब होने वाली खाद्य सामग्री को लंबे समय तक सुरक्षित रखती है और उन्हें फ्लेक्स, चिप्स अथवा पाउडर के रूप में उपयोग योग्य बनाती है।

डिहाइड्रेशन के कारण उत्पाद लम्बे समय तक सुरक्षित रहते हैं, जिससे भंडारण एवं परिवहन आसान और कम खर्चीला हो जाता है। सही तकनीक से सुखाने पर उत्पाद का रंग, स्वाद एवं पोषण तत्व काफी हद तक सुरक्षित रहते हैं, जिससे ग्राहकों को गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक खाद्य उत्पाद उपलब्ध होते हैं।

प्रक्रिया

अभिषेक जायसवाल बताते हैं कि यूनिट में प्याज को डिहाइड्रेट करने के लिए पहले उसका छिलका हटाकर अच्छे से साफ कर कटर मशीन से 1 एमएम स्लाइस बनाए जाते हैं। इन स्लाइसों को क्रेट में भरकर इलेक्ट्रॉनिक ड्रायर में निर्धारित तापमान पर लगभग 10 घंटे रखा जाता है, जिससे डिहाइड्रेटेड उत्पाद तैयार होता है।

पाउडर बनाने के लिए स्लाइस को पल्वराइज़र मशीन में पीसकर पाउडर तैयार किया जाता है और वाइब्रो फिल्टर से छाना जाता है। वहीं केले को डिहाइड्रेट करने के लिए करीबन 60 डिग्री तापमान पर लगभग 8 घंटे तक ड्रायर में रखा जाता है। इसी प्रकार हल्दी, मैथी एवं अन्य उत्पादों के लिए भी लगभग समान प्रक्रिया अपनाई जाती है।

रोजगार के अवसर भी हुए सृजित

यूनिट में वर्तमान में 5 से 6 लोगों को रोजगार मिल रहा है। इससे न केवल अभिषेक का व्यवसाय आगे बढ़ रहा है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं।

मांग और बिक्री से बढ़ रही आय

अभिषेक जायसवाल यूनिट में प्रतिमाह लगभग 5-6 क्विंटल उत्पादन की बिक्री कर लेते हैं, जिससे उन्हें लगभग 50 से 60 हजार रुपये शुद्ध आय प्रति माह का मुनाफा हो जाता है। अभिषेक जायसवाल बताते है कि, उत्पादों की पैकेजिंग 30 एवं 50 किलो के पैकेट्स में की जाती है। इसके लिए पैकिंग बैग में सामग्री भरकर पैकेजिंग मशीन से सील कर ग्राहकों तक पहुँचाया जाता है। ग्राहकों द्वारा इन डिहाइड्रेट उत्पादों को पसंद किया जा रहा है। नियमित ग्राहक के साथ-साथ मांग अनुसार पैकेट्स भी तैयार किए जाते हैं।

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़ने की तैयारी

अभिषेक के उत्पादों की बिक्री बुरहानपुर जिले के साथ-साथ इंदौर, मुंबई सहित अन्य शहरों में भी हो रही है। आने वाले समय में वे अपने उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से भी विक्रय करने की तैयारी कर रहे हैं।

योजना बनी आत्मनिर्भरता की राह

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना से सही मार्गदर्शन, योजना का लाभ और ईच्छाशक्ति के बल पर युवा न केवल स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर रहे हैं, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर बना रहे है।

आशा उइके/अनिल वशिष्ठ


Friday, January 9, 2026

मध्यप्रदेश में सफलता की एक और कहानी

भोपाल : शुक्रवार, जनवरी 9, 2026, 17:38 IST ऑर्गेनिक कृषि से सबंधित 

शेडनेड हाउस:ऑर्गेनिक खीरा ककड़ी से कमाए 6 लाख रुपये

तस्वीर जन संपर्क विभाग अलीराजपुर  के सोशल मीडिया स्रोत से साभार 

भोपालशुक्रवार 09 जनवरी 2026: (DIPR //MP info// मध्यप्रदेश स्क्रीन डेस्क)

ऑर्गेनिक कृषि से पैदा होने वाले उत्पादन लगातार जहां आम लोगों में लोकप्रिय हो रहे हैं वहीँ इसे अपनाने वाले किसान वर्ग में भी इसे लेकर बहुत उत्साह है। इन उत्पादनों से जहां उपभोक्ता का स्वास्थ्य अच्छा रहता वहीं इसकी खेती करने वालों को भी अच्छा मुनाफा मिलता है। आज देश के अलग अलग हिस्सों में बहुत से किसान इस तरह की खेती से मुनाफा कमा रहे हैं।  

आधुनिक तकनीक और जैविक खेती को अपनाकर अलीराजपुर जिले के ग्राम उण्ड़वा के प्रगतिशील कृषक श्री युवराज सिंह ठाकुर ने क्षेत्र के किसानों के लिए एक प्रेरणादायक मिसाल प्रस्तुत की है।

श्री ठाकुर ने अपने 4 हजार वर्ग मीटर खेत में शेडनेड हाउस का निर्माण कर खीरा–ककड़ी की फसल ऑर्गेनिक तरीके से लगाई। इस शेडनेट हाउस में बोईगई खीरा फसल की कुल लागत लगभग 2 लाख रुपये रही। खीरा–ककड़ी की इस फसल से उन्हें मात्र 4 माह में लगभग 40 टन उत्पादन प्राप्त हुआ। श्री युवराज सिंह ने उपज को 20 रुपये प्रति किलो के भाव से बाजार में विक्रय किया। वास्तविक लागत के मुकाबले श्री युवराज ठाकुर ने करीब 6 लाख रुपये की शुद्ध कमाई की है।

कृषक श्री युवराज सिंह ठाकुर ने बताया कि ऑर्गेनिक खेती के तरीके से नवाचार की प्रेरणा उद्यानिकी विभाग और इंटरनेट की सहायता से मिली। किसान श्री ठाकुर ने खीरा-ककड़ी के अलावा खेत में आम की विभिन्न प्रजातियां लगाई, साथ ही अमरूद भी लगाया। श्री युवराज सिंह ठाकुर ने किसानों से कहा कि इस खेती को यदि सही तकनीक, मार्गदर्शन से करें तो खेती को भी लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सकता है।

कलेक्टर श्रीमती नीतू माथुर ने किया शेडनेट हाउस का अवलोकन
आलीराजपुर जिले के ग्राम उण्ड़वा के प्रगतिशील कृषक श्री युवराज सिंह ठाकुर ने आधुनिक तकनीक और जैविक खेती को अपनाकर क्षेत्र के किसानों के लिए एक प्रेरणादायक मिसाल प्रस्तुत की है।
श्री ठाकुर ने अपने 4 हजार वर्ग मीटर खेत में शेडनेड हाउस का निर्माण कर खीरा–ककड़ी की फसल ऑर्गेनिक तरीके से लगाई। इस शेडनेट हाउस बोईगई खीरा फसल की कुल लागत लगभग 2 लाख रुपये रही। उन्होंने बताया कि खीरा–ककड़ी की इस फसल से मात्र 4 माह में लगभग 40 टन उत्पादन प्राप्त हुआ। श्री युवराज सिंह ने उपज को 20 रुपये प्रति किलो के भाव से बाजार में विक्रय किया।वास्तविक लागत के मुकाबले श्री युवराज ठाकुर ने करीब 6 लाख रुपये की शुद्ध कमाई की जो कि उनकी सफलता हेतु उल्लेखनीय है।
कलेक्टर श्रीमती नीतू माथुर ने शेडनेट हाउस का किया निरीक्षण
उण्ड़वा ग्राम में खीरा–ककड़ी की इस सफल फसल का निरीक्षण करने कलेक्टर श्रीमती नीतू माथुर उनके शेडनेट हाउस पहुंचीं। उन्होंने ऑर्गेनिक तरीके से उगाई गई फसल का अवलोकन किया और किसान से संवाद कर यह जाना कि उन्हें इस नवाचार की प्रेरणा कहां से मिली तथा उद्यानिकी विभाग से किस प्रकार सहयोग प्राप्त हुआ तब उन्होंने बताया कि उद्यानिकी विभाग के संपर्क और इंटरनेट की सहायता लेकर उन्होंने यह प्रयास किया।
कलेक्टर श्रीमती माथुर ने खेती की पूरी प्रक्रिया, लागत, उत्पादन, कमाई और मार्केटिंग व्यवस्था की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने श्री युवराज सिंह ठाकुर की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे अपनी इस सफलता को अन्य किसानों के साथ साझा करें, ताकि अधिक से अधिक किसान आधुनिक व जैविक खेती की ओर प्रेरित हों।
आम की खेती को भी मिलेगा बढ़ावा
किसान श्री युवराज सिंह ठाकुर ने खीरा ककड़ी के अलावा उनके खेत में आम की विभिन्न प्रजातियां लगाई है साथ ही अमरूद भी लगाया है। कलेक्टर श्रीमती माथुर ने उनके द्वारा लगाए गए आम की विभिन्न प्रजातियों के बगीचों का भी अवलोकन किया। उन्होंने उद्यानिकी विभाग के अधिकारी श्री कैलाश चौहान को निर्देश दिए कि वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना के अंतर्गत आम को चयनित करने हेतु प्रस्ताव भेजा जाए।
श्री युवराज सिंह ठाकुर ने जिले के किसानों से कहा कि इस खेती को यदि सही तकनीक, मार्गदर्शन से करे तो खेती को भी लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सकता है।

Sunday, December 21, 2025

भोपाल में किया मेट्रो ट्रेन का शुभारंभ

भोपाल : शनिवार, दिसम्बर 20, 2025, 19:26 IST

मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय मंत्री श्री मनोहरलाल ने दिखाई हरी झंडी

भोपाल: शनिवार, 20 दिसम्बर 2025 at 19:26 IST:


मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहरलाल ने शनिवार की शाम भोपाल के सुभाष नगर मेट्रो ट्रेन स्ट्रेशन से हरी झंडी दिखाकर 7 किलोमीटर ट्रेक में चलने वाली मेट्रो ट्रेन का शुभारंभ किया।

भोपाल में मेट्रो ट्रेन परियोजना के प्रथम चरण में इस ट्रेक पर नियमित मेट्रो ट्रेन संचालन प्रारंभ किया गया है। भोपाल में लगभग 30 कि.मी. लंबाई में मेट्रो ट्रेन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय मंत्री श्री खट्टर ने अनेक जनप्रतिनिधियों, मीडिया प्रतिनिधियों और नागरिकों की उपस्थिति में मेट्रो ट्रेन के शुभारंभ अवसर पर हरी झंडी दिखाकर एम्स के लिए ट्रेन को रवाना किया। इसके पूर्व उन्होंने मेट्रो ट्रेन कार्पोरेशन के वरिष्ठ अधिकारियों से मेट्रो ट्रेन संचालन के संबंध में तकनीकी जानकारियां प्राप्त कीं।

अशोक मनवानी

Friday, December 19, 2025

भोपाल मेट्रो: शहरी परिवहन की दिशा में ऐतिहासिक पहल

प्रविष्टि तिथि: 19th December  2025 at 4:56 PM by PIB Bhopal//मध्यप्रदेश स्क्रीन

भोपाल को शीघ्र ही एक आधुनिक, सुरक्षित एवं विश्वस्तरीय शहरी परिवहन प्रणाली की सौगात

कुल 30.8 किलोमीटर लंबी इस मेट्रो परियोजना में दो प्रमुख कॉरिडोर शामिल हैं—


भोपाल
: 19 दिसंबर 2025: (PIB Bhopal//मध्यप्रदेश स्क्रीन डेस्क):: 

भोपाल में मैट्रो की नई सौगात की दस्तक हो चुकी है। इसके चालू होने पर भोपाल के लोगों को बहुत लाभ मिलेगा। इसकी विभिन्न रंगों की गाड़ियां लोगों को बहुत तेज़ी से आवाजे की सुविधा प्रदान करेंगी। घंटों का सफर मिनटों में सिम्त जाएगा। 

ऑरेंज लाइन: 16.74 किमी की यात्रा तय करेगी। इस फैसले में कई इलाके और स्टेशन कवर होंगें। 


ब्लू लाइन: 14.16 किमी की दूरी तय करेगी। साथ ही परियोजना के अंतर्गत एक अत्याधुनिक मेट्रो डिपो का निर्माण भी किया गया है।

भोपाल मेट्रो के प्रथम चरण के अंतर्गत ऑरेंज लाइन के प्रायोरिटी कॉरिडोर का शुभारंभ किया जा रहा है। लगभग 7 किलोमीटर लंबे इस एलिवेटेड कॉरिडोर में 8 स्टेशन शामिल हैं— एम्स (AIIMS), अलकापुरी, डीआरएम ऑफिस, रानी कमलापति स्टेशन, एमपी नगर, बोर्ड ऑफिस चौराहा, केंद्रीय विद्यालय एवं सुभाष नगर।

यह प्रायोरिटी कॉरिडोर शहर के प्रमुख व्यावसायिक एवं आवासीय क्षेत्रों को जोड़ते हुए यातायात के दबाव को कम करेगा तथा नागरिकों को सुरक्षित, सुगम एवं समयबद्ध यात्रा सुविधा प्रदान करेगा। इस कॉरिडोर की कुल लागत ₹2225 करोड़ है एवं प्रतिदिन लगभग 3000 यात्रियों के लाभान्वित होने की संभावना है।

भोपाल मेट्रो परियोजना को यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए विकसित किया गया है। इसकी प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं—

सभी स्टेशनों पर हाई-स्पीड लिफ्ट एवं एस्केलेटर  भी उपलब्ध रहेगा।  

इसी तरह दिव्यांगजनों हेतु सुगम प्रवेश, व्हीलचेयर सुविधा एवं ब्रेल साइनेज

AI आधारित CCTV निगरानी, प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर एवं उन्नत सिग्नलिंग प्रणाली

सोलर पावर एवं रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग जैसी पर्यावरण-अनुकूल तकनीक

पूर्णतः वातानुकूलित कोच, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट एवं आधुनिक यात्री सूचना प्रणाली

भोपाल मेट्रो केवल एक परिवहन परियोजना नहीं, बल्कि स्मार्ट सिटी, हरित भविष्य और नागरिकों के बेहतर जीवन स्तर की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके शुभारंभ के साथ ही भोपाल एक आधुनिक, सुरक्षित एवं सुलभ राजधानी के रूप में नई पहचान स्थापित करने की ओर अग्रसर है।

***//(रिलीज़ आईडी: 2206599)

Tuesday, December 16, 2025

मिशन महिला-शक्ति के स्वर्णिम दो वर्ष-सुश्री निर्मला भूरिया

भोपाल : सोमवार, दिसम्बर 15, 2025, 19:31 IST

दो वर्ष समग्र विकास के अद्वितीय कालखंड के रूप में दर्ज हुए हैं

महिला सशक्तीकरण, सुरक्षा और सम्मान ने लगातार पकड़ी रफ़्तार 

भोपाल: सोमवार, 15 दिसम्बर 2025:(मीडिया लिंक 32//मध्यप्रदेश स्क्रीन डेस्क//)::


मध्यप्रदेश में बीते दो वर्ष महिला सशक्तीकरण, सुरक्षा, सम्मान और समग्र विकास के अद्वितीय कालखंड के रूप में दर्ज हुए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व और संवेदनशील दृष्टिकोण से प्रदेश में महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव  की मंशा स्पष्ट रही है—हर महिला को सुरक्षित जीवन, हर बालिका को प्रोत्साहन तथा हर बच्चे को बेहतर भविष्य का अधिकार मिले। इन्हीं लक्ष्यों को मूर्त रूप देने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा अनेक ऐतिहासिक पहलें की गईं, जिनसे समाज में सकारात्मक परिवर्तन की व्यापक लहर उत्पन्न हुई है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री के रूप में मैं यह बताते हुए गर्व का अनुभव करती हूँ कि मिशन वात्सल्य के माध्यम से प्रदेश में हजारों बच्चों को नए जीवन अवसर प्रदान किए गए हैं। स्पॉन्सरशिप योजना ने कमजोर परिस्थितियों में रह रहे बच्चों के लिए सुरक्षा कवच का कार्य किया है, जिसके अंतर्गत प्रति माह 4 हजार रुपये की वित्तीय सहायता ने परिवारों और संस्थाओं दोनों को सशक्त बनाया है। वर्ष 2024-25 में 20,243 बच्चों को इस सहायता का लाभ मिला और वर्ष 2025-26 के लिए 32,896 बच्चों के प्रकरण स्वीकृत किए जा चुके हैं। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 ने चौबीसों घंटे त्वरित सेवा उपलब्ध कराते हुए दो वर्षों में लगभग 48,872 बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की है।

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना सबसे क्रांतिकारी पहलों में से एक रही है। कई राज्यों ने इसका अनुसरण किया है। जून 2023 से अक्टूबर 2025 तक महिलाओं को नियमित रूप से 29 किस्तों के माध्यम से आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। तीन बार विशेष सहायता राशि के रूप में प्रति बहन 250 रुपये अतिरिक्त प्रदान किए गए, जिससे लाखों परिवारों को सीधा आर्थिक संबल मिला। कुल 44,917.92 करोड़ रुपये महिलाओं के खातों में पारदर्शी डिजिटल अंतरण के माध्यम से प्रदान किए गए, जिसने मध्यप्रदेश की महिलाओं को आत्मनिर्भरता की नई दिशा दी है।

मिशन शक्ति के अंतर्गत वन स्टॉप सेंटरों, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, पिंक ड्राइविंग लाइसेंस, जेंडर चैंपियन पहल और सशक्त वाहिनी कार्यक्रमों ने महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तीकरण को और मजबूती प्रदान की है। वर्ष 2024-25 में वन स्टॉप सेंटरों ने 31,763 महिलाओं को सहायता प्रदान की और 2025-26 में अक्टूबर तक 20,332 महिलाओं को त्वरित राहत और परामर्श उपलब्ध कराया। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत नवजात बालिकाओं का स्वागत, पूजा-अर्चना और व्यापक पौधारोपण ने समाज में बेटियों के सम्मान की संस्कृति को मजबूत किया है। पिंक ड्राइविंग लाइसेंस और जेंडर चैंपियंस जैसी पहलें बालिकाओं के आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को नई उड़ान दे रही हैं।

राज्य एवं जिला स्तर के हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वुमन ने जनजागरूकता की दृष्टि से अभूतपूर्व कार्य किया है। 100 दिवसीय अभियान, घरेलू हिंसा निरोधक कार्यक्रम, बाल विवाह मुक्ति प्रतिज्ञा, PC-PNDT अधिनियम जागरूकता अभियान, साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण और आत्मरक्षा कार्यक्रमों ने समाज में व्यापक संवेदनशीलता विकसित की है। वर्ष 2024-25 में 1.47 लाख से अधिक गतिविधियाँ आयोजित हुईं और लाखों नागरिकों की भागीदारी ने यह सिद्ध किया कि मध्यप्रदेश, महिला सम्मान और सुरक्षा के विषय में समाज को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है।

सखी निवास (वर्किंग वुमन हॉस्टल) और शक्ति सदन ने कार्यरत महिलाओं तथा संरक्षण की आवश्यकता वाली महिलाओं के लिए सुरक्षित आवास का मजबूत तंत्र निर्मित किया है। नए हॉस्टलों के निर्माण से प्रदेश में महिलाओं के लिए और अधिक सुरक्षित सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। महिला हेल्पलाइन 181 ने दो वर्षों में लगभग 1.7 लाख से अधिक महिलाओं को त्वरित सहायता प्रदान की है, जो शासन की संवेदनशीलता का प्रमाण है।

आंगनवाड़ी सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए भी महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। 12,670 मिनी आंगनवाड़ियों को पूर्ण आंगनवाड़ी में उन्नत किया गया, जिसके परिणामस्वरूप सेवाओं की गुणवत्ता और महिलाओं के लिए रोजगार दोनों में वृद्धि हुई है। ‘चयन पोर्टल’ की शुरुआत ने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया है और हजारों कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को नई नियुक्ति मिली है। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के माध्यम से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को मजबूत सामाजिक सुरक्षा प्रदान की गई है।

जनजातीय बाहुल्य क्षेत्रों में पीएम-जनमन तथा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्थान अभियान के माध्यम से सैकड़ों नए आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन प्रारंभ किया गया है। इससे जनजातीय महिलाओं और बच्चों को पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएँ उनके गांवों तक उपलब्ध कराई गई हैं। हजारों भवनों के निर्माण और उन्नयन से आंगनवाड़ी व्यवस्था अधिक सशक्त और सुरक्षित बनी है।

पोषण अभियान के अंतर्गत लाखों बच्चों के विकास की निगरानी के लिए अत्याधुनिक उपकरण प्रदान किए गए हैं। फेस-मैच आधारित सत्यापन ने हितग्राहियों को पारदर्शी और समयबद्ध लाभ दिलाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे अभियानों ने पोषण और पर्यावरण—दोनों आयामों को जोड़कर जनभागीदारी का नया मॉडल प्रस्तुत किया है।

इन सभी उपलब्धियों के मूल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की वह स्पष्ट सोच और संवेदनशील दृष्टिकोण है, जिसके कारण आज मध्यप्रदेश महिला और बाल विकास के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। प्रदेश सरकार का लक्ष्य केवल योजनाओं की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि हर महिला, हर बालिका और हर बच्चे तक सुरक्षा, सम्मान, समान अवसर और आर्थिक-सामाजिक सशक्तिकरण की रोशनी पहुँचाना है। आने वाले वर्षों में भी यह अभियान निरंतर जारी रहेगा और मध्यप्रदेश, आत्मनिर्भर, समृद्ध और सशक्त समाज के रूप में नए मानक स्थापित करेगा।

 (लेखक मध्यप्रदेश शासन की महिला एवं बाल विकास मंत्री हैं।) 

उनका यह लेख MP Info से साभार लिया गया है 

Sunday, November 9, 2025

विन्ध्य की उड़ान को लगे पंख-- राजेन्द्र शुक्ल

 भोपाल : रविवार, नवम्बर 9, 2025, 17:35 IST

सोमवार से एटीआर 72 की भी उड़ान शुरू

भोपाल : रविवार, नवम्बर 9, 2025, 17:35 IST

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी जब कहते थे कि वह दिन भी अब दूर नहीं जब हमारे देश के 'हवाई चप्पल वाले लोग भी हवाई जहाज में उड़ान भरेंगे' तब विरोधी इसे महज जुमला कहकर बात हवा में उड़ा देते थे। ऐसे लोगों को आज रीवा आकर देखना चाहिए कि सपना किस तरह यथार्थ के धरातल पर उतरकर चरितार्थ होता है।

राजेन्द्र शुक्ल

10 नवंबर 2025 का दिन कई पीढ़ियों की परिकल्पना और सपने को यथार्थ में परिवर्तित होने का दिन है जब एटीआर 72 वायुयान दिल्ली के लिए उड़ान भरेगा। उड्डयन विभाग के हमारे केन्द्रीय मंत्री, माननीय मुख्यमंत्री, विन्ध्य के सांसद, विधायक गण व नागरिक विन्ध्य के विकास के इस मंगलाचरण के साक्षी होंगे। हम यहीं रुकने वाले नहीं है शीघ्र ही इंदौर से वायुमार्ग से जुड़ने वाले हैं। अगले चरण में मुंबई, पुने, बेंगलुरु जैसे शहरों से सभी इसी एयरपोर्ट से उड़ान भरेंगे। हमसे मीडिया के लोग पूछते हैं कि इसके आगे और क्या? मेरा जवाब है एयरबस, सिर्फ 500 मीटर का रनवे और बढ़ा देंगे।

प्रधानमंत्री जी ने रीवा में हवाई सेवा के विस्तार के लिए जिस तरह से अपनी रुचि प्रदर्शित की है उसके लिए हम विन्ध्यवासी उनके प्रति चिर ऋणी रहेंगे। 9 सितंबर 2024 को डीजीसीए ने रीवा एयरपोर्ट से 72 सीटर विमान के लिए लायसेंस जारी किया था। 20 अक्टूबर 2024 को माननीय प्रधानमंत्री जी ने रीवा एयर पोर्ट का वर्चुअल उद्घाटन किया इसके साथ ही रीव- दिल्ली और रीवा -इंदौर के लिए हवाई उड़ान का पथ प्रशस्त हुआ। इस के लिये इंडिगो और एलायंस एयर को प्रस्ताव भेजा गया। आज का दिन इसी प्रयत्न का प्रतिफल है।

हमारे तत्कालीन नागरिक उड्डयन मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह जी चौहान ने रीवा में 15 फरवरी 2023 को हवाई अड्डे की आधारशिला रखी थी। इसके साथ ही रीवा भविष्य में उत्तरमध्य भारत का सबसे महत्वपूर्ण एयर ट्रैफिक डेस्टिनेशन बनकर उभरेगा की यात्रा पर चल पड़ा।

दो वर्ष पूर्व इंदौर में आयोजित ग्लोबल इनवेस्टर्स मीट में विश्वभर के उद्यमियों के बीच तत्कालीन केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया जी ने सगर्व यह घोषणा की थी कि हम मध्यप्रदेश का छठवे हवाईअड्डे को निर्मित और विकसित करने जा रहे हैं। उनकी इस घोषणा ने दुनियाभर के उन उद्योगपतियों के ध्यान को आकृष्ट किया जो यहाँ पावर व माइनिंग सेक्टर, वाइल्ड लाइफ टूरिज्म, फूड प्रोसेसिंग इन्डस्ट्रीज की संभावनाओं को देखते हैं। शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश करने वालों के लिए यह अवसरों का दरवाजा खोलने वाला है। मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि रीवा का हवाईअड्डा चरणबद्ध तरीके से विकसित होने की प्रक्रिया में है। पाँच साल के भीतर ही रीवा का हवाईअड्डा बोइंग की लैंडिंग और अन्तर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए बनकर तैय्यार रहेगा।

देश में श्री मोदी जी और प्रदेश में श्री मोहन यादव जी के कुशल और फलदायी नेतृत्व के अनुभव को देखते हुए मैं यह विश्वास पूर्वक कह सकता हूँ कि अगले पाँच वर्षों के भीतर यह सब पूर्णरूपेण यथार्थ के धरातल पर उतर जाएगा। विन्ध्य की आशाओं के केन्द्र रीवा के विकास का श्रेष्ठ व उन्नत दौर है जो स्वतंत्रता के अमृतकाल में प्रारंभ हो रहा है। मैं जब कहता हूँ कि अब रीवा मध्यप्रदेश के ही नहीं देश के समुन्नत और श्रेष्ठ महानगरों की श्रेणी में कदमताल मिलाकर चल पड़ा है तो इसके पीछे ठोस आधार है। 1956 तक रीवा विन्ध्य प्रदेश की राजधानी रहा है और तब इसकी हैसियत भोपाल, लखनऊ, पटना और भुवनेश्वर जैसे शहरों के समकक्ष थी। कांग्रेस सरकार ने राजनीतिक द्वेषवश रीवा से एक प्रदेश की राजधानी का गौरव छीन लिया। 1956 से 2004 तक यह उपेक्षित और अभिशप्त पड़ा रहा। विन्ध्य में आज जो प्राकृतिक संसाधन हैं वो कल भी थे। आम नागरिकों में विकास की ललक और अपेक्षाएं कल भी वैसी ही थीं। केन्द्र में अटलजी और उसके बाद मोदीजी की नेतृत्व की व प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने आहत और उपेक्षित विन्ध्यवासियों की पीड़ा और भावनाओं को समझा। आज यह क्षेत्र कई मामलों देश में अग्रगण्य है।

जब मैं कहता हूँ कि रीवा एयरपोर्ट उत्तरमध्य भारत का सबसे महत्वपूर्ण एयरपोर्ट होगा तो मेरी दृष्टि के सामने सिंगरौली का पावर काम्प्लेक्स उभरकर सामने आता है। सिंगरौली में थर्मल प्लांटस में 20,000 मेगावाट से ज्यादा विद्युत उत्पादन होता है। देश का यह सबसे बड़ा पावर काम्प्लेक्स है। रीवा से सिंगरौली तक विश्वस्तरीय सड़क इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित होकर पूर्णता के करीब है। जो यात्री पाँच घंटे में बनारस पहुँचते थे वे दो घंटे में रीवा एयरपोर्ट के लाउंज में होंगे। विन्ध्य की 29 बड़ी औद्योगिक इकाईयां 225 किमी की परिधि में फैली हैं और प्रायः सभी नेशनल हाइवेज से जुड़ी हैं। अपने रीवा का हाइवेज जंक्शन पहले ही विकसित हो चुका है। इन औद्योगिक इकाइयों के अधिकारियों के लिए रीवा एयरपोर्ट कितनी बड़ी सहूलियत बनने जा रहा है यह अब उनसे ही पूछ सकते हैं। विन्ध्य की वाइल्डलाइफ टूरिज्म का विश्व में स्थान है। यहाँ का सफेद बाघ दुनियाभर के चिड़ियाघरों में दहाड़ रहा है। टीवी में दिखने वाला हर दूसरा बाघ या तो बांधवगढ़ का है या कि पन्ना का। पर्यटकों के लिए यह कितना आसान हो जाएगा। रीवा में 750 मेगावाट का सोलर पावर काम्प्लेक्स एशिया के बड़े पावर प्रोडक्शन यूनिट में शामिल है। रीवा में खूबसूरत जल प्रपातों की श्रृंखला है। भगवान राम का तपोवन चित्रकूट और माँ शारदा के धाम मैहर कौन नहीं आना चाहेगा।

बाणसागर का वृस्तित जल प्रक्षेत्र और उसके द्वीप विकसित होने पर हनुवंतिया के आकर्षण से आगे का प्राकृतिक सौंदर्य प्रस्तुत करेंगे। अपना विन्ध्य पावर हब की तरह सीमेंट का भी प्रोडक्शन काम्प्लेक्स है। प्रायः सभी बड़े औद्योगिक घरानों का निवेश यहां आया है। रीवा में नागपुर की तरह मेडिकल फैसिलटी और कोटा की तरह एकडमीज का विस्तार हो रहा है।

अभी तीन लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित हुई है, बाणसागर का पानी जब 9लाख हेक्टेयर तक पहुँचेगा तब यहाँ के किसानों की स्थिति क्या बनेगी कल्पना की जा सकती है। विन्ध्यवासियों की क्रयशक्ति बढ़ी है और यही सब क्षमता मिलकर रीवा को उत्तरमध्य भारत के सबसे विकसित महानगर बनाने का काम करेगी। रीवा इंदौर की तर्ज पर आगे बढ़ रहा है। शहरी विकास की रेटिंग एजेंसियां रीवा को संभावनाओं का महानगर बता रहे हैं। इन्हीं सबके आधार पर मैं यह कहता हूँ कि रीवा एयरपोर्ट विन्ध्य के उन्नत उडान के लिए स्वर्णिम पंख लगाने जा रहा है।

रीवा में एयरपोर्ट और उड़ानों के फलितार्थ होने में भी परिश्रम की पराकाष्ठा शामिल है। मैं आभारी हूँ तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज जी का, मुझे वह तारीख 13 जनवरी 2015 आज भी याद है जब उन्होंने सिविल एविएशन मिनिस्ट्री को रीवा में एयरपोर्ट की संभावनाओं के अध्ययन के लिए पत्र लिखा। इसके बाद वह सिलसिला चल निकला। प्रधानमंत्री जी ने किफायती दरों वाली उडान योजना लांच की तो उन्हीं की कृपा से रीवा 'उडान' में शामिल हो गया। श्री सिंधिया जी ने जब से उड्डयन विभाग की कमान सँभाली रीवा एयरपोर्ट उनकी प्राथमिकता में सर्वोपरि रहा। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने प्रदेश सरकार से कहा कि हमें रीवा के लिए 258 एकड़ भूमि और चाहिए। मुख्यमंत्री जी ने बिना वक्त गँवाए इसके लिए 209 करोड़ रुपये उपलब्ध करा दिए।

जब जनसेवा का भाव और संकल्प प्रबल होता है तब दैवयोग से सभी कार्य ऐसे ही सधते जाते हैं जैसे कि रीवा एयरपोर्ट की कल्पना व उसके बाद यहां से वायुयानों की नियमित उड़ान और उसे अब यथार्थ के धरातल पर उतरते हुए देखना। मैं विन्ध्यजनों की ओर से, रीवा के नागरिकों की ओर विनयवत हूँ, आभारी और कृतज्ञ हूँ।

 (लेखक-मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री हैं)

उनका यह लेख MP Info से साभार लिया गया है 

Friday, October 31, 2025

मध्यप्रदेश स्थापना दिवस:शुभकामनाएँ-श्री राजेन्द्र शुक्ल

 भोपाल : शुक्रवार, अक्टूबर 31, 2025, 20:18 IST

स्वस्थ, समृद्ध और आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर अग्रसर मध्यप्रदेश

भोपाल: शुक्रवार, 31 अक्टूबर 2025: (MP Info//Media Link 32//मध्यप्रदेश स्क्रीन डेस्क)::

मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के इस गौरवशाली अवसर पर मैं प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूँ। यह दिन हमें न केवल अपने अतीत की उपलब्धियों का स्मरण कराता है, बल्कि भविष्य की नई ऊँचाइयों को प्राप्त करने का संकल्प भी देता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के ऊर्जावान नेतृत्व में मध्यप्रदेश "विकसित भारत" के विज़न को साकार करने की दिशा में दृढ़तापूर्वक अग्रसर है।

लेखक राजेंद्र शुक्ल 

स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में बीते वर्षों में मध्यप्रदेश ने ऐतिहासिक परिवर्तन देखा है। राज्य सरकार ने "स्वस्थ मध्यप्रदेश – सशक्त मध्यप्रदेश" के मंत्र को व्यवहार में उतारते हुए स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार, चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और जनसेवा में संवेदनशीलता के नए आयाम स्थापित किए हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश के हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ मिलें। इसी दृष्टि से बीते समय में चिकित्सा संस्थानों के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दिया गया है। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि की गई है। इन संस्थानों के माध्यम से न केवल डॉक्टरों और विशेषज्ञों की उपलब्धता बढ़ी है, बल्कि ग्रामीण अंचलों में भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँची हैं। राज्य सरकार ने चिकित्सा शिक्षा में पारदर्शिता और गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। आधुनिक प्रयोगशालाओं, सिमुलेशन सेंटर्स और ई-लर्निंग के माध्यम से चिकित्सा शिक्षा को आधुनिक युग के अनुरूप बनाया जा रहा है।

राज्य के स्वास्थ्य अधोसंरचना को मज़बूत करने के लिए जिला चिकित्सालयों, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के उन्नयन का कार्य निरंतर चल रहा है। टेलीमेडिसिन सेवाओं का विस्तार किया गया है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिक भी विशेषज्ञ परामर्श प्राप्त कर सकें। साथ ही, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में मातृ शिशु संजीवन मिशन और अनमोल 2.0 से समेकित प्रयास किए जा रहे हैं। मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण की दिशा में भी राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ की बड़ी संख्या में नियुक्तियाँ की गई हैं। स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में दक्षता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों पर विशेष बल दिया जा रहा है। हमने यह सुनिश्चित किया है कि हर स्वास्थ्य केंद्र पर आवश्यक मानव संसाधन, दवाएँ और उपकरण उपलब्ध रहें।

स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए हर संभव संसाधन पर कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में पीपीपी मॉडल (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) को बढ़ावा दिया गया है। इससे निजी क्षेत्र की विशेषज्ञता और तकनीकी क्षमताओं का लाभ आम नागरिकों तक पहुँचाया जा रहा है। एयर एम्बुलेंस सेवा, मोबाइल मेडिकल यूनिट्स और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं का सतत विस्तार और उन्नयन किया जा रहा है। प्रदेश में "मेडिकल डिवाइस पार्क" की स्थापना की दिशा में भी कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसका उद्देश्य प्रदेश को चिकित्सा उपकरण निर्माण का केंद्र बनाना है, जिससे आत्मनिर्भरता के साथ-साथ रोजगार के अवसरों का सृजन भी होगा।

हमारा संकल्प है कि आने वाले वर्षों में प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना हो और हर नागरिक को अपने जिले में ही उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो। डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड, ई-संजीवनी जैसी योजनाओं के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीकी रूप से और अधिक सशक्त बनाया जा रहा है। आयुष्मान भारत योजना ने मध्यप्रदेश सहित पूरे देश में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच और प्रभावशीलता को नया आयाम दिया है। इस योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को प्रतिवर्ष पाँच लाख रुपये तक का नि:शुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने योजना के क्रियान्वयन को और अधिक सशक्त बनाया है, जिससे गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों को गंभीर बीमारियों के उपचार में आर्थिक राहत मिली है। प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों, चिकित्सा महाविद्यालयों और पंजीकृत निजी अस्पतालों में आयुष्मान कार्डधारकों को सहज, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ मिल रही हैं। यह योजना "सबका स्वास्थ्य–सबका विकास" के संकल्प को साकार करती हुई सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार बन चुकी है।

मध्यप्रदेश आज स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, उद्योग और अवसंरचना के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के "सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास" के विज़न को ध्येय मानकर सरकार सतत कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश स्थापना दिवस हमें यह प्रेरणा देता है कि हम सब मिलकर अपने प्रदेश को विकास, स्वास्थ्य और खुशहाली के नए शिखरों तक पहुँचाएँ। आने वाला दशक "स्वस्थ, शिक्षित और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश" के रूप में हमारे संकल्प का साक्षी बनेगा — यही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि होगी।

मध्यप्रदेश स्थापना दिवस की पुनः हार्दिक शुभकामनाएँ।

 (लेखक मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री हैं)

उनका यह लेख MP Info से साभार लिया गया है 


Tuesday, August 26, 2025

श्रीमहाकालेश्वर उज्जैन-इंदौर-पीथमपुर मेट्रो कॉरिडोर

भोपाल: मंगलवार, अगस्त 26, 2025, 17:09 IST//मंत्रि-परिषद के निर्णय

मेट्रो कॉरिडोर के लिये डी.पी.आर. बनाने परामर्श शुल्क की स्वीकृति 


*प्रदेश में 100 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना

*साथ ही 60 मेगावाट पवन ऊर्जा परियोजना 

*यह सब कैप्टिव मोड पर स्थापित करने का अनुमोदन

*ई-विवेचना ऐप के लिए 75 करोड़ रूपये से 25 हजार टैबलेट क्रय का निर्णय

*"प्रति न्यायालय एक अभियोजक" के सिद्धांत पर 610 नवीन पदों की स्वीकृति

*मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक


भोपाल: 26 अगस्त 2025:(मीडिया लिंक रविंदर//मध्यप्रदेश स्क्रीन डेस्क)::

बहुत से आवश्यक मुद्दों पर मंत्रि-परिषद के निर्णय  प्रकार रहे:

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा उज्जैन-इंदौर-पीथमपुर लाइन के प्रथम चरण में श्रीमहाकालेश्वर उज्जैन लवकुश चौराहा, इंदौर एवं द्वितीय चरण में लवकुश चौराहा से पीथमपुर, मेट्रो रेल परियोजना की डीपीआर बनाने के कार्य के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड को परामर्श शुल्क 9 लाख रूपये प्रति किमी की दर (जीएसटी के अनुसार) का अनुमोदन किया गया।

मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में संचालित क्राईम एण्ड क्रिमिनल ट्रेकिंग नेटवर्क एण्ड सिस्टम (CCTNS) प्रोजेक्ट के सतत् क्रियान्वयन एवं संचालन के लिए 5 वर्षों (वर्ष 2021-22 से 2025-26) के लिए स्वीकृत लागत 102 करोड़ 88 लाख रूपये की योजना में ई-विवेचना ऐप के लिए 75 करोड़ रूपये से 25 हजार टैबलेट क्रय करने की स्वीकृति दी। संशोधित/विस्तारित (CCTNS) योजना की कुल राशि 177 करोड़ 87 लाख 51 हजार रूपये की स्वीकृति प्रदान गयी।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश के सभी पुलिस थानों में CCTNS प्रोजेक्ट 2012 से स्वीकृति है। नए चरण में सभी विवेचना अधिकारियों को इलेक्ट्रॉनिक टेबलेट दिया जाता है। जिससे मौके पर समस्त कार्यवाही हो सके। इसके लिए ई-विवेचना ऐप बनाया गया है। प्रथम चरण में 1732 टेबलेट खरीदे गए हैं।

610 नवीन पदों की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के प्रभावी क्रियान्वयन, आपराधिक न्याय प्रशासन के सुचारू संचालन एवं प्रदेश के सभी दण्ड न्यायालयों के समक्ष "प्रति न्यायालय एक अभियोजक" के सिद्धांत अनुसार अभियोजकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लोक अभियोजन संचालनालय के तहत 610 नवीन पदों की स्वीकृति प्रदान की गई।

स्वीकृति अनुसार अभियोजन संचालनालय के पदों के सृजन में अतिरिक्त लोक अभियोजक के 185 पद, अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी के 255 पद, सहायक जिला अभियोजन अधिकारी के 100 पद और सहायक कर्मचारी के 70 पद का सृजन किया गया है। पद सृजन पर तीन वर्ष में लगभग 60 करोड़ रूपए का व्यय आयेगा।

प्रतिस्पर्धात्मक आधार पर विद्युत क्रय किये जाने का निर्णय:

एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा मंत्रि-परिषद की 24 जनवरी 2025 को हुई बैठक के पालन में प्रदेश में स्थापित की जाने वाली 4000 (3200+800 मेगावाट "ग्रीनशू") मेगावाट क्षमता की प्रस्तावित नवीन ताप विद्युत परियोजनाओं से प्रतिस्पर्धात्मक आधार पर विद्युत क्रय के लिए जारी निविदा अंतर्गत चयनित तीन विकासकों से क्रमशः 800 मेगावाट, 1600 मेगावाट एवं 800 मेगावाट विद्युत क्रय के लिए स्वीकृति प्रदान की गई। एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा चयनित विकासकों से अतिरिक्त 800 मेगावाट विद्युत का क्रय "ग्रीनशू" प्रावधान का उपयोग कर, निविदा की शर्तों एवं म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा प्रदत्त स्वीकृति के अनुसार किया जायेगा। उक्त स्वीकृति के पालन में अग्रिम कार्यवाही एवं म.प्र. विद्युत नियामक आयोग के समक्ष टैरिफ स्वीकृति के लिए याचिका दायर करने के लिए एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड को अधिकृत किया गया है।

कैप्टिव मोड पर सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा परियोजना स्थापित करने का अनुमोदन:

मंत्रि-परिषद द्वारामध्यप्रदेश जल निगम की समूह ग्राम पेयजल प्रदाय योजनाओं के संचालन-संधारण व्यय को कम करने के लिए प्रदेश में सौर ऊर्जा परियोजना एवं पवन ऊर्जा परियोजना स्थापित किए जाने की स्वीकृति दी गयी।

स्वीकृति अनुसार प्रदेश में 100 मेगावाट सौर उर्जा एवं 60 मेगावाट पवन उर्जा परियोजना कैप्टिव मोड पर स्थापित किए जाने, निविदा से प्राप्त दरों पर विद्युत् क्रय किए जाने एवं उत्पादित विद्युत देयकों के भुगतान की सुनिश्चितता के लिए "भुगतान सुरक्षा व्यवस्था" के अंतर्गत 6 माह का रिवोल्विंग लेटर ऑफ क्रेडिट जारी किए जाने के लिए अनुमोदन दिया गया।

मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा 35 हजार से अधिक ग्रामों के 75 लाख परिवारों को पेयजल 60,786 करोड़ रुपए की लागत से 147 समूह ग्राम पेयजल प्रदाय योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। उक्त परियोजनाओं के लिये निजी भागीदारी के माध्यम से क्रियान्वयन किए जाने के लिये 24 मार्च 2025 को मंत्रि-परिषद द्वारा सैद्धांतिक सहमति दी गई है।

राजेश दाहिमा

Tuesday, May 6, 2025

बेटियाँ बढ़ा रही है मान, सम्मान और गौरव: CM डॉ. यादव

From Bhopal on Tuesday 6th May 2025 at 18:25 IST Regarding Daughters of M P

मुख्यमंत्री ने किया "परीक्षा संचालन मानक प्रक्रिया निर्देशिका" का किया विमोचन


*हाई स्कूल में 76.22 प्रतिशत और हायर सेकेण्डरी में 74.48 प्रतिशत रहा परीक्षा परिणाम

*विद्यार्थियों की सफलता लक्ष्य के प्रति समर्पण, अथक परिश्रम और लगन का प्रतिफल है

*मुख्यमंत्री ने हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी परीक्षा वर्ष 2024-25 का परिणाम किया घोषित

*हाईस्कूल परीक्षा में सिंगरौली की कु. प्रज्ञा जायसवाल पूरे 500 अंक प्राप्त कर बनी टॉपर

भोपाल: 6 मई 2025: (कार्तिका कल्याणी सिंह//मीडिया लिंक//मध्यप्रदेश स्क्रीन डेस्क):: 

Image By Meta  AI 

महिलाओं का दमन, नवजन्मी कन्यायों की हत्या...अतीत में यह सब आम जैसा ही था। अगर बच्चियों को जीवन मिल भी जाता तो भी उनकी ज़िन्दगी सारी उम्र एक दर्द बन के ही रह जाती। शायरी और कथा कहानियों में इस ज़ुल्म और अत्याचार की बहुत सी बातें सच्ची कहानियों और दस्तावेज़ की तरह दर्ज हैं। बहुत सी फिल्में भी महिलाओं पर हुए ज़ुल्म को लेकर ही बनीं। "दामिनी" और "निकाह" जैसी बहुत सी फिल्मों ने आज के आधुनिक युग की उन कहानियों को भी सामने रखा जो महिला वर्ग पर ज़ुल्म की रिपोर्ट सामने रखती हैं। इस काली अँधेरी आंधी के खिलाफ कुझ समझदार लोगों ने शिक्षा की मशाल रौशन की। बेटियों को पढ़ाया भी जाने लगा। बेटियों ने भी एक बार फिर साबित कर दिखाया यही कि हम किसी से कम नहीं। आसमान छूती इन बच्चियों ने एक बार फिर से सारे समाज को और सारी दुनिया को आशाओं की सौगात दी है कि चिंता न करें--वे हैं जलती हुई सारी दुनिया को बचाने के लिए, सभी को शीतलता और उज्जवल भविष्य देने के लिए...!

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इस वर्ष हाईस्कूल परीक्षा में 76.22 प्रतिशत एवं हायर सेकेण्डरी परीक्षा में 74.48 प्रतिशत विद्यार्थियों ने पिछले 15 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ते हुए सफलता हासिल की है। यह सफलता लक्ष्य के प्रति समर्पण, अथक परिश्रम और लगन का प्रतिफल है। प्रदेश की प्रतिभाशाली बेटियों ने एक बार फिर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध कर अपने अभिभावकों, शिक्षकों के साथ मध्यप्रदेश को गौरवान्वित किया है। बेटियाँ हमारा, मान, सम्मान और गौरव बढ़ा रही हैं। हाईस्कूल में सिंगरौली की बेटी प्रज्ञा जायसवाल ने शत प्रतिशत 500 अंकों के साथ प्रदेश में प्रथम स्थान और हायर सेकेण्डरी में भी सतना अमरपाटन की बेटी प्रियल द्विवेदी ने 492/500 (विज्ञान - गणित समूह) अंकों के साथ प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश द्वारा संचालित हाईस्कूल 10वीं एवं हायर सेकेण्डरी 12वीं परीक्षा वर्ष 2024-25 के परिणामों को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) से घोषित कर सफल विद्यार्थियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अभिभावकगण एवं शिक्षकगणों को भी बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा प्रकाशित "परीक्षा संचालन मानक प्रक्रिया निर्देशिका" का विमोचन किया। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री राव उदय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, माध्यमिक शिक्षा मण्डल की महानिदेशक श्रीमती स्मिता भारद्वाज उपस्थित रहीं।

असफल विद्यार्थियों को मिलेगा एक और अवसर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जो विद्यार्थी आज असफल रहे, उन्हें निराश नहीं होना है, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लागू नई शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत असफल विद्यार्थियों को एक बार फिर परीक्षा देने का मौका दिया जाएगा और जो विद्यार्थी अपना स्कोर बढ़ाना चाहते हैं वह भी दोबारा परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। यह नवाचार विद्यार्थियों के लिए इतिहास बदलने वाला सिद्ध होगा। मध्यप्रदेश इस प्रकार की परीक्षा कराने वाला देश का तीसरा राज्य होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सफल विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि भारतीय मेधा सम्पूर्ण विश्व में अपनी श्रेष्ठता स्थापित कर रही है। विश्व में बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकांश देशों की सफलता में भारतीय युवा शक्ति का योगदान उल्लेखनीय है।

माध्यमिक शिक्षा मंण्डल की अध्यक्ष श्रीमती स्मिता भारद्वाज ने बताया कि परीक्षा पद्धति में सुधार और तकनीकी नवाचार के परिणाम स्वरूप इस वर्ष मण्डल द्वारा संचालित परीक्षा में एक भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई और न ही किसी स्थान पर पेपर लीक होने जैसी घटना घटी। नकल के प्रकरण भी न्यूनतम रहे। मण्डल द्वारा विकसित परीक्षा संचालन मानक प्रक्रिया को निरंतर अद्ययतन करते हुए क्रियान्वित किया जाता रहेगा।

संदीप कपूर

Friday, July 12, 2024

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुश्री आशा मालवीय के साहस को सराहा

Thursday 11th July 2024 at 17:57 IST

साइकिल से कारगिल जा रही है आशा मालवीय 

*कारगिल विजय दिवस की रजत जयंती 26 जुलाई को कारगिल पहुंचेगी सुश्री आशा

*एकल महिला साइकिलिस्ट को प्रोत्साहन स्वरूप एक लाख रूपए देने के निर्देश


भोपाल
: गुरूवार: 11जुलाई 2024: (कार्तिका कल्याणी सिंह//मध्यप्रदेश स्क्रीन डेस्क)::

महिलाओं की भावनाएं पुरुषों से कहीं भी काम नहीं होती। इतिहास गवाह है कि देश भक्ति  क़ुरबानी के मामले में महिलाएं बढ़ चढ़ कर अपने देश प्रेम का अपने कामों और अपनी कुर्बानियों  से करती रही हैं। अब इस आधुनकि युग में भी यह सिलसिला कम नहीं हुआ। अगर आज भी बहुत सी महिलाएं फ़िल्मी दुनिया और फैशन की तरफ अग्रसर हैं तो देश की तरफ लगाव रखने वाली  महिलाएं भी पीछे नहीं हैं। एकल साइकिलिस्ट सुश्री आशा मालवीय इसी की नई मिसाल बन कर सामने आई हैं। 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आगामी 26 जुलाई को आने वाली कारगिल विजय दिवस की रजत जयंती के लिए कन्याकुमारी से कारगिल-सियाचिन जा रही एकल साइकिलिस्ट सुश्री आशा मालवीय को प्रोत्साहन स्वरूप एक लाख रुपए उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इस वित्तीय सहयोग से जहां आशा मालवीय का हिम्मत और हौंसला बढ़ेगा वहीं अन्य महिलाओं को भी इससे प्रेरणा मिलेगी। 

राजगढ़ जिले के ग्राम नाटाराम की निवासी सुश्री आशा "सशक्त सेना-समृद्ध भारत" के उद्देश्य से कन्याकुमारी से साइकिल यात्रा आरंभ कर भोपाल आईं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से साइकिलिस्ट सुश्री आशा मालवीय ने समत्व भवन में भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुश्री आशा का पुष्पगुच्छ भेंटकर व कैप पहनाकर अभिवादन किया और स्पोर्ट्स किट भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एकल साइकिलिस्ट सुश्री आशा के साहस की प्रशंसा करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और लक्ष्य प्राप्ति में सफलता की कामना की। 

राष्ट्रीय खिलाड़ी व एकल महिला साइकिलिस्ट सुश्री आशा ने "महिला सुरक्षा-महिला सशक्तिकरण" के उद्देश्य से संपूर्ण भारत में अब तक 26 हजार किलोमीटर की एकल साइकिल यात्रा की है।  की और कितनी युवाएं और महिलाएं आशा मालवीय से प्रेरणा पा कर इसी तरह के रस्ते तलाश करती हैं।                        

Friday, June 14, 2024

आम नहीं खास हैं मप्र के आम

Thursday:13th June 2024 at 14:58

 मध्यप्रदेश में भी है आम का हज़ारों बरस पुराना इतिहास 


भोपाल
: 13 जून 2024: (कार्तिका कल्याणी सिंह//मध्य प्रदेश स्क्रीन डेस्क)::

क्या इस पहेली को आप एक पल में बूझ सकते हैं? यह जनजातीय समाज में बुजुर्ग अपने पोते-पोतियो से पूछते हैं। इसका सही जवाब है-आम। यह ईश्वरीय फल है। इसका स्वाद शब्दों में बता पाना मुश्किल है। भारत में करीब 1500 किस्म का आम होता है। इनमें से कुछ प्रकार बेहद लोकप्रिय है और आम लोगों की जवान पर चढ़े है। अल्फांसो, बॉम्बे ग्रीन, चौसा दशहरा, लंगड़ा, केसर, नीलम, तोतापरी मालदा, सिंदूरी, बादामी, हापुस, नूरजहां, कोह-ए-तूर के नाम अक्सर लोग लेते हैं। इनमें मध्यप्रदेश के आमों का जिक्र खास है।

मध्यप्रदेश के आम बहुत खास है। यदि कहें कि मध्यप्रदेश में “आम पर्यटन” के रूप में पर्यटन की नई शाखा सामने आई है तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। आलीराजपुर जिले के कट्ठीवाड़ा का नूरजहां आम खाना तो दूर इसे देखने तक लोग दूर-दूर से आते हैं। आम आने से पहले ही एक-एक फल की बुकिंग हो जाती है। एक आम का वजन 500 ग्राम से लेकर 2 किलो तक हो सकता है। बारह इंच तक लंबा हो सकता है। स्वाद लाजवाब है। आम जब इतना खास हो जाए कि इसे देखने लोग तरस जाएं तो आम पर्यटन की संभावनाएं बढ़ जाती है। जनवरी में फूल आना शुरू होते हैं और फरवरी के आखिर तक पेड़ फूलों से लद जाता है। जून के आखिर तक फलों से भर जाता है। इसका पौधा अफगानिस्तान से गुजरात होते हुए मध्य प्रदेश आया। कट्ठीवाड़ा में ही 37 किस्में देखी जा सकती है। पेड़ की ऊंचाई 60 फीट तक होती है। एक पेड़ में 100 के करीब आम निकल आते हैं। इस प्रकार करीब 350 आम पांच पेड़ों से मिल जाता है। एक आम 500 रूपए से लेकर 2000 तक बिक जाता है।

सुंदरजा आम भी बहुत लोकप्रिय है 

पिछले साल रीवा के गोविंदगढ़ में होने वाले सुंदरजा आम को ज्योग्राफिकल इंडिकेशन टैग मिला। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने खुश होकर ट्वीट साझा किया था। वर्ष 1968 में सुंदरजा पर डाक टिकट जारी हो चुका है। सुंदरजा आम देखने में जितना सुंदर है स्वाद में उतना ही लाजवाब है। इसकी सुगंध मदहोश करने वाली है। बारिश की पहली फुहार के बाद यह पकता है। 

गोविंदगढ़ के वातावरण में ही यह पनपता है क्योंकि यहां मिट्टी और तापमान दोनों का विशेष महत्व है सुंदरजा पेड़ को फलने-फूलने के लिए। इसकी पत्तियां , छाल गुठलियां सब काम आती है। यह एंटीऑक्सीडेंट है। विटामिन-ए, विटामिन-सी और आयरन से भरपूर है। शक्कर की मात्रा कम होती है इसलिए मधुमेह के मरीज भी इसे पसंद करते हैं। सुंदरजा रीवा जिले और पूरे मध्य प्रदेश की भी पहचान बन गया है। एक जिला एक उत्पादक परियोजना में सुंदरजा को शामिल किया गया है। रीवा के फल अनुसंधान केंद्र कठुलिया में आम पर आगे रिसर्च लगातार चल रही है। यहां विभिन्न किस्मों के आम के 2345 पेड़ हैं। इनमें बॉम्बे ग्रीन, इंदिरा, दशहरा, लंगड़ा, गधुवा, आम्रपाली, मलिका मुख्य है।

बाणसागर की नहर के कारण इस क्षेत्र में खेती विकसित हो गई है। साथ ही उद्यानिकी फसलों की पैदावार भी बढ़ी है। इसी के साथ खाद्य प्रसंस्करण लघु उद्योगों की भी भरपूर संभावनाएं बनी है। गोविंदगढ़ क्षेत्र में ही आम के कई बाग है। यहां करीब 237 किस्म के आम मिल जाते है। सभी स्वाद में एक दूसरे से बढ़कर है। यहां से फ्रांस, अमेरिका, इंग्लैंड और अरब देशों को आम निर्यात होता है।

जबलपुर का मियाजाकी आम सबसे महंगा भी स्वाद भी 

जबलपुर में सबसे महंगे आम मियाजाकी ने स्वाद की दुनिया में धूम मचा दी है। एक आम की कीमत 20000 रूपये तक पहुंच जाती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तीन लाख रूपये किलो तक कीमत मिल जाती है। यह लाल रंग का होता है। एक आम 900 ग्राम से लेकर डेढ़ किलो तक का होता है। यह जापान की किस्म है जो थाईलैंड, फिलिपींस में भी होती है। जापान में इसे सूर्य का अंडा कहते हैं। जबलपुर में 1984 से इसका उत्पादन हो रहा है। इसे पकाने के लिए गर्म मौसम और बारिश दोनों की जरूरत होती है। जबलपुर से सटे डगडगा हिनौता गांव में इन आमों को दूर से देखा जा सकता है। यहां आम के पेड़ कड़ी सुरक्षा में रहते हैं। इसके मालिकों की सारी ऊर्जा पेड़ों की सुरक्षा में लग जाती है। मध्यप्रदेश से अब बांग्लादेश अरब, यूके, कुवैत, ओमान और बहरीन देशों को आम का निर्यात हो रहा है।

आम का इतिहास हज़ारों साल पुराना 

आम फल का इतिहास करीब 5000 सालों का है। यह इंडो वर्मा रीजन में पैदा हुआ और पूर्वी भारत और दक्षिण चीन तक पूरे साउथ एशिया में विस्तार से मिलता था। वर्ष 1498 में जब पुर्तगाली कोलकाता में उतरे तो उन्होंने आम का व्यापार स्थापित किया। आम ट्रॉपिकल और सब ट्रॉपिकल जलवायु में अच्छा फलता है। प्राथमिक रूप से यह ब्राज़ील, इक्वाडोर, ग्वाटेमाला, हैती, मेक्सिको, पेरू में भी पाया जाता है।

आम का इतिहास बताता है कि अंग्रेजी का मेंगो शब्द मलयालम के “मंगा” और तमिल के “मंगाई” से बना है। आम की टहनियों को जोड़कर तरह-तरह की नई किस्में पैदा करने की कला पुर्तगालियों की देन है। जैसे अल्फांसो का नाम एक सैन्य विशेषज्ञ अल्बुकर्क के नाम पर रखा गया। भारत आए चीनी यात्री व्हेन सांग ने दुनिया को बताया कि भारत देश में आम का फल होता है। मौर्य काल में आम के पेड़ रोड के किनारे लगाए जाते थे जिन्हें समृद्धि का प्रतीक माना जाता था।

आम का पेड़ 60 फीट तक ऊंचा हो सकता है और 4 से 6 साल में ही आम देने लगता है। आम का पेड़ पत्तियों से कार्बन डाइऑक्साइड सोख लेता है और इसका उपयोग अपने तने, शाखों के लिए करता है। इसलिए आम की पत्तियों को शादियों के मंडपो, घरों में तोरण के रूप में लगाई जाती हैं।

मप्र में उत्पादन लगातार बढ़ रहा है 

मध्यप्रदेश में पिछले 8 सालों के आम उत्पादन, क्षेत्र और उत्पादकता के आंकड़ों का अध्ययन करने से पता लगता है कि आम फल का उत्पादन और क्षेत्र लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2016-17 में उत्पादकता प्रति हेक्टेयर 13.03 मीट्रिक टन थी जो 2023-24 में बढ़कर 14.66 हो गई है। इसी प्रकार 2016-17 में आम का क्षेत्र 43609 हेक्टेयर थाहो गयाजो अब बढ़कर 64216 हो गया है। इसी दौरान उत्पादन 5,04,895 मेट्रिक टन था जो अब बढ़कर 9,41, 352 मीट्रिक टन हो गया है।

अब देखना है कि मध्यप्रदेश के आम को देश के किस किस कोने में ले जा कर आम की नई किस्में पैदा  करने के नए प्रयास होंगें! 

Sunday, December 3, 2023

विधानसभा निर्वाचन-2023:ग्वलियर में भी दिखा मोदी का जादू

रविवार 03 दिसम्बर 2023 को  21:53 बजे 

जिले के सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव परिणाम घोषित

ग्वालियर: रविवार,  03 दिसम्बर 2023: (मध्य प्रदेश स्क्रीन ब्यूरो//चुनाव डेस्क)::

इस बार के इन विधानसभा चुनावों के परिणामों पर सभी की नज़र थी। इन परिणामों को 2024  के चुनावों सेमीफाइनल ही मन जा रहा था। मध्यप्रदेश और राजस्थान प् र सियासी लोगों की विशेष निगाहें थीं।  आसान।  फिर भी भाजपा की जीत अब बहुत से नए संकेत दे रही है। कांग्रेस प्रमुख श्री मल्लिकार्जुन खड़गे  परिणामों के दौरान ही जब सब कुछ स्पष्ट होने लगा था तो की विशेष बैठक  कर दी थी। छह दिसंबर  को विपक्षी दल  परिणामों पर विचार करते हुए अपनी नई रणनीति तय करेंगे। ज़ाहिर है श्री खड़गे लम्बे समय से राजनीति  महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारियां  हैं। वह इस नई चुनौती का सामना भी करेंगे।

इस बार भी चुनावी परिणामों की तरफ सभी लोग निगाहें लगा कर बैठे थे। देश भर में सबसे अधिक उत्साह  गया भारतीय जनता पार्टी में। भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के तहत रविवार 3 दिसम्बर को ग्वालियर जिले की सभी 6 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के मतों की गिनती यहाँ एमएलबी कॉलेज में विधानसभा क्षेत्रवार बनाए गए मतगणना कक्षों में की गई। गिनती के बाद संबंधित रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा चुनाव परिणाम घोषित किए गए। साथ ही विजयी प्रत्याशियों को कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अक्षय कुमार सिंह एवं संबंधित प्रेक्षक गणों की मौजूदगी में रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा विजयी प्रत्याशियों को निर्वाचित होने के प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। 

विधानसभा निवा्रचन क्षेत्र 14-ग्वालियर ग्रामीण में कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी श्री साहब सिंह गुर्जर ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी श्री भारत सिंह कुशवाह को 3242 मतों से पराजित किया। श्री गुर्जर को 79 हजार 871 मत और श्री कुशवाह को 76 हजार 629 मत प्राप्त हुए। 

जिले के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 15-ग्वालियर से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर 19 हजार 140 मतों से विजयी रहे। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी इंडियन नेशनल काँग्रेस के प्रतयाशी श्री सुनील शर्मा को पराजित किया। श्री तोमर को एक लाख 4 हजार 775 और श्री शर्मा को 85 हजार 635 मत मिले।  

विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 16-ग्वालियर पूर्व से इंडियन नेशनल कांग्रेस के उम्मीदवार डॉ. सतीश सिंह सिकरवार ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी श्रीमती माया सिंह को 15 हजार 353 मतों से हराया। श्री सिकरवार को एक लाख 301 मत और श्रीमती माया सिंह को 84 हजार 948 मत हासिल हुए। 

जिले के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 17-ग्वालियर दक्षिण से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी श्री नारायण सिंह कुशवाह ने इंडियन नेशनल काँग्रेस के प्रत्याशी श्री प्रवीण पाठक को 2 हजार 536 मतों से हराया। श्री कुशवाह को कुल 82 हजार 317 मत प्राप्त हुए। उनके निकटतम प्रतिद्वंदी श्री पाठक को 79 हजार 781 मत मिले। 

विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 18-भितरवार से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार श्री मोहन सिंह राठौर ने इंडियन नेशनल काँग्रेस के प्रत्याशी श्री लाखन सिंह यादव को 22 हजार 354 मतों से पराजित किया। श्री राठौर को 97 हजार और श्री यादव को 74 हजार 646 मत प्राप्त हुए। 

विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 19-डबरा (अजा) से इंडियन नेशनल काँग्रेस के प्रत्याशी श्री सुरेश राजे विजयी रहे। उन्होंने अपनी निकटतम प्रतिद्वंदी भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार श्रीमती इमरती देवी को 2 हजार 267 मतों से हराया। श्री सुरेश राजे को 84 हजार 717 व श्रीमती इमरती देवी को 82 हजार 450 मत मिले। 

विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 14-ग्वालियर ग्रामीण का चुनाव परिणाम रिटर्निंग अधिकारी श्री बृजबिहारी लाल श्रीवास्तव, 15-ग्वालियर का परिणाम रिटर्निंग अधिकारी श्री श्री अतुल सिंह, 16-ग्वालियर पूर्व का परिणाम रिटर्निंग अधिकारी श्री विनोद सिंह, 17-ग्वालियर दक्षिण का परिणाम रिटर्निंग अधिकारी श्री नरेश कुमार गुप्ता, 18-भितरवार का परिणाम रिटर्निंग अधिकारी श्री देवकीनंदन सिंह और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 19-डबरा (अजा) का चुनाव परिणाम रिटर्निंग अधिकारी श्री मुनीष सिकरवार द्वारा घोषित किया गया। 

कलेक्टर श्री सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री राजेश चंदेल रविवार को सुबह से मतगणना सम्पन्न होने तक लगातार मतगणना व्यवस्था का का जायजा लेते रहे। साथ ही मतगणना व्यवस्था के प्रभारी एवं जिला पंचायत सीईओ श्री विवेक कुमार, अपर कलेक्टर श्रीमती अंजू अरूण कुमार एवं श्री टी एन सहित जिला प्रशासन के अन्य अधिकारियों तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री ऋषिकेश मीणा समेत अन्य पुलिस अधिकारियों ने सुव्यवस्थित ढंग से मतगणना सम्पन्न कराने में महती भूमिका निभाई।  

पूरी पारदर्शिता के साथ खुले स्ट्रांग रूम

मतगणना दिवस को प्रात:काल लगभग 7 बजे सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के स्ट्रांग रूम पूरी पारदर्शिता के साथ खोले गए। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त प्रेक्षकगण, प्रत्याशी और उनके निर्वाचन अभिकर्ताओं की मौजूदगी में स्ट्रांग रूम खोले गए। भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत स्ट्रांग रूम खोलने के दौरान वीडियोग्राफी भी कराई गई। 

कलेक्टर एवं एसएसपी ने जताया आभार

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अक्षय कुमार सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री राजेश चंदेल ने सुव्यवस्थित ढंग से मतगणना सम्पन्न होने पर मतगणना में लगे अधिकारी-कर्मचारियों, प्रत्याशी व उनके अभिकर्ताओं, मीडिया प्रतिनिधियों तथा जिलेवासियों के प्रति आभार जताया है। --हितेंद्र सिंह भदौरिया

Monday, July 31, 2023

बाबा बैजनाथ धाम में मुख्यमंत्री श्री चौहान 2 अगस्त भूमि-पूजन करेंगे

सोमवार, 31 जुलाई 2023 at 22:38 IST

विकासात्मक कार्यों के लिए होगा यह भूमि पूजन 

मुख्यमंत्री ने आगर-मालवा और मंदसौर में होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी भी ली


भोपाल: सोमवार, 31 जुलाई 2023: (कार्तिका सिंह//मध्यप्रदेश स्क्रीन डेस्क):

मध्य प्रदेश में पूजा पाठ के हर अवसर को हमेशां याद रखा जाता है। इसी तरीक से आम जनजीवन में पूजा अर्चना की आस्था और भावना को विकसित किया जा सकता है। बेहद सुखद बात यह है कि मुख्यमंत्री अक्सर स्वयं इस मकसद में अग्रणी रहते हैं। इसकी नई मिसाल मिलेगी कल एक अगस्त को आगर मालवा और मंदसौर में होने वाले विशेष आयोजन के दौरान जब मंदिर में भूमि पूजन भी होगा। 

इसकी सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि आगर-मालवा और मंदसौर में 2 अगस्त को होने वाले कार्यक्रम बेहतर ढंग से आयोजित हों। आगर-मालवा में बाबा बैजनाथ धाम में विकासात्मक कार्यों का भूमि-पूजन की तैयारियाँ समय पर और सही ढंग से की जाये। सभी कार्यक्रमों में जन-प्रतिनिधियों से समन्वय किया जाये। मुख्यमंत्री श्री चौहान वीडियो कान्फ्रेंसिंग से मंदसौर और आगर-मालवा में होने वाले कार्यक्रम की तैयारियों की जानकारी प्राप्त कर रहे थे। संबंधित जिलों के कलेक्टर्स वीसी से वर्चुअली जुड़े।

इस स्थान की आस्था को ले कर बहुत सी सच्ची कहनियाँ प्र्चाल्लित हैं। अंग्रेज़ उछ अधिकारी की आस्था हबी ज़हन पर यूं ही नहीं बन गई थी। इस अंग्रेज़ अधिकारी को स्वयं महादेव शिव ने दर्शन दिए था। इस सरे घटनाक्रम की कथा भी बहुत दिलचस्प है। इसके बाद ही इस अंग्रेज़ का सारा परिवार ही शिव का भक्त बन गया था। 

आगर मालवा की ब्रिटिश छावनी के लेफ्टिनेंट कर्नल मार्टिन जब अफ्गानिस्तान के साथ हुए युद्ध के दौरान अपनी नियुक्ति होने पर जंग के मैदान में से अचानक ही एकदिन लापता हो गए तो कर्नल की पत्नी लेडी मार्टिन को बहुत चिंता होने लगी। इसी चिंता में जब वह एक दिन पति की खोज में थी। शायद भगवान शिव ही लीला कर रहे थे। अंग्रेजों को भारत की दिव्य शक्ति से अवगत करवाया जा रहा था। 

इसी खोज के अभियान में लेडी मार्टिन ने बैजनाथ महादेव से मन्नत मांगी कि यदि उनके पति कर्नल मार्टिन युद्ध से सकुशल लौट आए तो वह शिखर बंद मंदिर बनवाएंगी. लघुरुद्री अनुष्ठान की पूर्णाहुति के दिन एक संदेशवाहक लेडी मार्टिन से मिलने आया और उन्हें एक लिफाफा दिया। यह एक चमत्कार ही तो था। इस पत्र के मिलने से एकबारगी तो सनसनी फ़ैल गई। 

लेडी मार्टिन ने घबराते हुए लिफाफा खोला, जिसमें कर्नल मार्टिन का पत्र था। युद्ध की भयावह स्थिति का उल्लेख था। उन खौफनाक हालात पर पत्र में लिखा था, ''हम युद्धरत थे और तुम तक संदेश भी भेजते रहे पर अचानक हमें चारों ओर से पठानी सेना ने घेर लिया था। ब्रिटिश सेना कटती-मरती और मैं भी वहीं पर मर जाता।  ऐसी विकट परिस्थिति में हम घिर गए थे कि प्राण बचाकर भागना भी कठिन था।  इतने में सहसा मैंने देखा कि युद्ध भूमि में भारत के कोई एक योगी, जिनकी बड़ी लम्बी जटाएं हैं, उनके हाथ में तीन नोंक वाला एक हथियार (त्रिशूल) है।'' इस तरह अभ्ग्वान शिव ने ही वहां पहुँच कर कर्नल को बचाया था। अंग्रेज़ सैनिक अधिकारी को कोई भरम नहीं हुआ था। उस ने सब कुछ स्पष्ट लिखा था। 

गौरतलब है कि बैजनाथ महादेव मंदिर जिला आगर-मालवा के सुसनेर रोड (उज्जैन-कोटा रोड राष्ट्रिय राजमार्ग 27) पर स्थित है। बैजनाथ महादेव मंदिर जिला आगर-मालवा के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों में से एक है।  यह भारत  का एकमात्र मंदिर है जिसे अंग्रेजो ने बनवाया था। मंदिर बाणगंगा नदी के किनारे स्तिथ है, इसका निर्माण कार्य सन 1528 में शुरू हुआ था और 1536 में इसका निर्माण कार्य पूर्ण हुआ था। मंदिर के शिखर की ऊंचाई लगभग 50 फीट है। 

विकास पर्व और महिला सम्मेलन का भी होगा विशेष आयोजन जिसमें सभी वर्गों के लोग भाग लेंगें। इस की भी सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आगर-मालवा में 2 अगस्त को दोपहर 11 बजे बाबा बैजनाथ धाम में विकासात्मक कार्यों का भूमिपूजन के साथ जनदर्शन यात्रा, विकास पर्व एवं महिला सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। महिला सम्मेलन, लाड़ली बहना महा-सम्मेलन के रूप में मनाया जाएगा। कार्यक्रम की पूरी व्यवस्था कर ली जाए। उन्होंने कहा कि समरसता यात्रा भी जन-दर्शन यात्रा का हिस्सा बनेगी। यात्रा के प्रारंभ में चरण पादुका पूजन होगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान से आगर-मालवा में लाड़ली बहनें अपने अनुभव भी साझा करेंगी।

मंदसौर में रोड शो एवं किसान सम्मेलन का आकर्षण भी होगा जिसमें किसान बढ़चढ़ कर  भाग लेंगें।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मंदसौर में विकास पर्व कार्यक्रम के अंतर्गत पिपलिया मंडी में रोड शो एवं किसान सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। विकास यात्रा के दौरान निर्माण कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण किया जाएगा। लगभग 55 हजार हितग्राही उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जनसभा समय पर हो इसका ध्यान रखा जाए। कुल मिलाकर इसका अहसास एक बार फिर होगा कि मध्यप्रदेश में हर कदम पर और हर काम में जहाँ धर्मकर्म को याद रखा जाता है वहां ज़मीन से जुड़े आम लोगों की भागीदारी को भी याद रखना ज़रूरी समझा जाता है। 

Thursday, June 1, 2023

120 लाड़ली लक्ष्मी एक जून को जाएँगी बाघा-हुसैनी वाला बार्डर

31st May 2023 at 14:23 IST

मुख्यमंत्री श्री चौहान हरी झंडी दिखा कर करेंगे रवाना


भोपाल: बुधवार, 31मई 31, 2023: (मध्य प्रदेश स्क्रीन ब्यूरो)::

"माँ तुझे प्रणाम" योजना में प्रदेश की 120 लाड़ली लक्ष्मी एक जून को बाघा-हुसैनी वाला बार्डर की अनुभव यात्रा पर जाएंगी। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान दोपहर 12 बजे रवीन्द्र भवन से लाड़ली लक्ष्मियों को हरी झंडी दिखा कर रवाना करेंगे। दोपहर 3:30 बजे दादर-अमृतसर एक्सप्रेस से रवाना होंगी। खेल और युवा कल्याण मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया भी उपस्थित रहेंगी।

अनुभव यात्रा में जाने वाली लाड़ली लक्ष्मियाँ बाघा-हुसैनी वाला बार्डर (अमृतसर पंजाब), स्वर्ण मंदिर, जलियाँवाला बाग और रामतीर्थ का भ्रमण करेंगी। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष निर्णय लिया गया था कि प्रदेश की लाड़ली लक्ष्मी बेटियाँ भी "माँ तुझे प्रणाम" योजना का हिस्सा बनेगी। वर्ष 2022 में 200 लाड़ली लक्ष्मी बेटियों ने बाघा बार्डर की यात्रा की थी।

"माँ तुझे प्रणाम" योजना

मध्यप्रदेश शासन द्वारा प्रदेश के युवाओं में देश की सीमाओं की सुरक्षा के प्रति जागृति लाने, राष्ट्र के प्रति समर्पण, साहस की भावना जाग्रत करने एवं युवाओं को सेना तथा अर्द्ध सैनिक बलों के प्रति आकर्षित करने के उद्देश्य से वर्ष 2013 में "माँ तुझे प्रणाम" योजना प्रारंभ की गई थी। अब तक 14 हजार 293 युवाओं को भ्रमण पर भेजा गया, जिसमें 7 हजार 779 युवक और 6 हजार 514 युवतियाँ शामिल है। इन्हें लेह-लद्दाख, कारगिल, आर.एस. पुरा (जम्मू-कश्मीर), बाघा-हुसैनीवाला बार्डर (अमृतसर, पंजाब), तनोत माता का मंदिर-लोंगेवॉल (राजस्थान), बीकानेर (राजस्थान), बाडमेर (राजस्थान), कोच्चि (केरल), नाथूला-दर्रा (सिक्किम), तुरा (मेघालय), पेंद्रा-पोल (पश्चिम बंगाल), जय गाँव (पश्चिम बंगाल), अण्डमान-निकोबार और कन्याकुमारी (तमिलनाडु) का भम्रण करवाया गया।

बिन्दु सुनील//समाचार 

Wednesday, April 5, 2023

कांटों वाली भूमि पर फूलों की खेती

Indore: 05 April 2023 at 16:11

प्री-वेडिंग शूट के लिए भी हो रही है लगातार लोकप्रिय 

इन्दौर: 5 अप्रैल 2023: (मध्यप्रदेश स्क्रीन डेस्क)::

चित्तौड़गढ़-भुसावल राष्ट्रीय राजमार्ग पर लोहारी गांव के पास नहर की एक ढलान इन दिनों फूलों वाली ढलान के लिए लोकप्रिय हो रही है। यह ढलान प्री-वेडिंग के कपल्स को खूब आकर्षित कर रही है। इस स्थान के सौंदर्य को पिक्चर में कैद करने और यादगार दृश्य बनाने के लिए अब तक यहां 4 जोड़ों ने प्री-वेडिंग शूट किया है। साथ ही राजमार्ग से गुजरने वाले यात्रियों को भी खुबसूरत निमाड़ का एहसास करा रही है। यहां फूलों की बगिया लगाने की भी बड़ी रोचक कहानी है। खेडीफाटा के किसान शंकर पाटीदार ने बताया कि वे 10 से 15 वर्ष से मिर्च या कपास की खेती में बॉर्डर के रूप में गेंदा फूल लगाया करते थे। जो किसी कीट व्याधि के इंडिकेटर के तौर पर काम किया करती थी। किसी भी फसल पर अटैक आने से पहले फूलों पर अटैक होता है। लेकिन जब रासायनिक छिड़काव या खाद नहीं देना पड़ा और बाजार में वजन व भाव अच्छा मिलने लगा तो पूरी तरह फूलों की खेती की शुरुआत की।     

24 हजार रुपये की लागत से 17 हजार गेंदा 2.5 एकड़ में लगाएँ 

किसान शंकरजी ने बताया कि फूलों की खेती करना आसान भी है और सस्ता भी। 2.5 एकड़ की इस बगिया को बसाने में मात्र 24 हजार रुपये खर्च किये गए है। 17 हजार पौधों की इस बगिया से 80 दिनों बाद फूल आना भी प्रारम्भ हुए हैं। जो लगातार 70 से 80 दिनों तक फसल रहती है। वे 2.50 एकड़ के क्षेत्र में दूसरी बार गेंदा की किमको सीड किस्म की खेती कर रहे हैं। पिछले वर्ष इसी खेत से 150-160 क्विंटल फूलों का उत्पादन ले चुके हैं। 20 से 25 रुपये के भाव से उन्हें फूल उत्पादन में अच्छा मुनाफा हुआ। क्योंकि इस फसल में किसी कीटनाशक या रासायनिक खाद की जरूरत नहीं पड़ती। इस फसल का अधिक मुनाफा लेने के लिए गणेश चतुर्थी, नवरात्रि और दीपावली के सीजन को बेहतर अवसर मान सकते हैं।

गेंदा फूल की इस ढलान में पानी नहीं था तो ट्यूबवेल कराने पर हुए मजबूर    

55 वर्षीय एमकॉम में शिक्षित शंकर भाई ने बताया कि खेती तो उनके पास पर्याप्त है लेकिन 1990 के दशक में पानी नहीं होने से एक फसल ले पाते थे। 1990 से 2010 के मध्य उन्होंने 60 एकड़ खेत के अलग-अलग हिस्सें में अब तक 48 ट्यूबवेल 600 फीट से अधिक गहराई के करवा चुके हैं। लेकिन पानी की पर्याप्त उपलब्धता नहीं हो पाई। फिर 2013 में इंदिरा सागर परियोजना की नहर निकलने के बाद से तस्वीर और खेती का नजरिया बदला। नहर आने के बाद उनके 5 ट्यूबवेल सालभर पानी दे पा रहे है। अब आसपास का पूरा क्षेत्र गर्मी में भी लहलहा रहा है।    

उद्यानिकी विभाग ने पहली बार ड्रिप सिंचाई से परिचय कराया    

कसरावद के वरिष्ठ उद्यान  विस्तार अधिकारी श्री जगदिश मुजाल्दे ने बताया कि 2005-06 में उद्यानिकी विभाग ने पानी के प्रबंधन करने की कला ड्रिप सिंचाई से परिचय कराते हुए 5 एकड़ में ड्रिप सिंचाई अनुदान पर दिया था। इसके बाद अब तक समय-समय पर उनको और भाईयों को इसी भूमि पर 410322 रूपये के अनुदान पर 27 एकड़ में ड्रिप सिंचाई का लाभ दिया। आज वे पूरे 60 एकड़ खेत में ड्रिप सिंचाई से खेती कर रहे है। उद्यानिकी उपसंचालक श्री केके गिरवाल ने बताया कि जिले में वर्ष 2021-22 में फ्लोरीकल्चर का कुल रकबा 152 हे. और इस वर्ष 2022-23 में 220 हे. है।                     महिपाल अजय


Monday, April 3, 2023

नसरूल्लागंज का नाम अब हुआ भैरूंदा

Sunday: 2nd April 2023 at 10:56 PM

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने वायदा निभाया

*मुख्यमंत्री श्री चौहान भैरुंदा के गौरव दिवस में हुए शामिल

*भैरूंदा को 80 करोड़ से अधिक के निर्माण एवं विकास कार्यों का लोकार्पण/भूमिपूजन

*इस मौके पर भैरूंदा नगर विकास के लिए 100 करोड़ रूपये की घोषणा

भोपाल: रविवार, अप्रैल 2, 2023, 22:24 IST:

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार मध्यप्रदेश के नवनिर्माण में पूरे ज़ोरशोर से लगी हुई है। मध्यप्रदेश को नया रंगरूप देने के प्रयास में लगातार लगी हुई है। इसी अभियान के अंतर्गत कुछ स्थानों के नाम भी बदले जा रहे हैं। अब नसरूलगंज का नाम बदल कर भैंरूदा कर दिया गया है। 

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि आज नसरूल्लागंज का नाम बदल कर भैरूंदा कर दिया गया है। उन्होंने पुराने नाम को ऐतिहासिक अन्याय बताते हुए कहा कि नाम परिवर्तन से हमारा वैभव फिर लौटा है। उन्होंने नगर के ऐतिहासिक बदलाव के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री श्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया।

इस
अवसर पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने
रविवार को विशाल जन-समूह के बीच नसरूल्लागंज का नामकरण भैरूंदा करने का उदघोष नगर के गौरव दिवस पर किया। उन्होंने सिंगल क्लिक से नसरुल्लागंज का नाम बदलकर भेरूंदा करने के साथ ही गजट नोटिफिकेशन सांसद श्री रमाकांत भार्गव और अध्यक्ष नगर परिषद श्री मारुति शिशिर को सौंपा। नागरिकों ने वर्षों पुरानी मांग पूर्ण होने और फिर से वैभव लौटाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार माना। हजारों की संख्या में उपस्थित नागरिकों का उत्साह देखते ही बनता था। इस अवसर पर आतिशबाजी भी की गई।

विकास परियोजनाओं की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री श्री चौहान ने गौरव दिवस पर नगर को 80 करोड़ 94 लाख से अधिक राशि के अनेक निर्माण एवं विकास कार्यों की सौगात दी। इन कार्यों में 76 करोड़ 25 लाख 51 हजार रूपए की लागत के 16 निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन तथा 4 करोड़ 68 लाख 50 हजार रूपए के दो निर्माण कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भैरूंदा नगर के विकास के लिये 100 करोड़ रूपये देने की घोषणा भी की।

अपनी सरकार की तरफ से किए गए कार्यों के कुछ अंश बताते हुए मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आज पूरे क्षेत्र में सिंचाई, सड़क, बिजली, शिक्षा आदि के अनगिनत कार्य हुए है। भैरूंदा से अब 350 करोड़ रूपये की लागत से नेशनल हाइ-वे बनाया जायेगा, जो खातेगांव, बडनगर और इटारसी को भी जोड़ेगा। उन्होंने भैरूंदा के दो दर्जन से अधिक गाँव को सीप अंबर लिफ्ट एरिगेशन योजना से जोड़ने की घोषणा की। साथ ही करीब एक दर्जन गाँव में बेराज निर्माण की मंजूरी भी दी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने लाड़ली बहना योजना को अपने कार्यकाल की सर्वाधिक अच्छी योजना निरूपित करते हुए कहा कि यह योजना गरीब परिवार में खुशहाली के साथ ही बहनों के सशक्तिकरण, मान-सम्मान बढ़ाने और आत्म-निर्भर बनाने की योजना है। उन्होंने सभी पात्र बहिनों से शिविर में बिना कुछ दिए आवेदन करने का आहवान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सी.एम. राइज स्कूल गाँव के गरीब परिवार के बच्चों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा का माध्यम बनेंगे। उन्होंने कहा कि लाड़ली लक्ष्मी योजना में बेटियों की शिक्षा का खर्च राज्य सरकार उठा रही है। प्रदेश में अब मेडिकल और इंजीनियरिंग की शिक्षा अब हिंदी भाषी बच्चे भी कर सकेंगे और अपना भविष्य सवांर सकेंगे। उन्होंने भैरूंदा में स्किल पार्क बनाने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी नौकरियों में भर्ती, स्व-रोजगार योजनाओं से रोजगार देने के साथ ही अब मुख्यमंत्री युवा कौशल कमाई योजना भी जून से लागू की जायेगी। योजना में काम सीख रहे युवाओं को 8 हजार रूपए भी मिलेंगे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में शराब को हतोत्साहित करने के लिये सभी अहाते बंद कर दिये गये हैं। इस दिशा में समाज को भी सकारात्मक रूख अपनाना होगा। सांसद श्री रमाकांत भार्गव ने भैरूंदा का वैभव लौटाने के लिये मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। गौरव दिवस पर 40 से अधिक विभागीय गतिविधियों एवं उपलब्धियों पर प्रदर्शनी लगाई गई। मुख्यमंत्री ने नगर की विभूतियों को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम में स्थानीय जन-प्रतिनिधि, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।

 राजेश बैन