Friday, January 9, 2026

मध्यप्रदेश में सफलता की एक और कहानी

भोपाल : शुक्रवार, जनवरी 9, 2026, 17:38 IST ऑर्गेनिक कृषि से सबंधित 

शेडनेड हाउस:ऑर्गेनिक खीरा ककड़ी से कमाए 6 लाख रुपये

तस्वीर जन संपर्क विवहग शिमला के सोशल मीडिया स्रोत से साभार 

भोपालशुक्रवार 09 जनवरी 2026: ( DIPR //MP info// मध्यप्रदेश स्क्रीन डेस्क)

ऑर्गेनिक कृषि से पैदा होने वाले उत्पादन लगातार जहां आम लोगों में लोकप्रिय हो रहे हैं वहीँ इसे अपनाने वाले किसान वर्ग में भी इसे लेकर बहुत उत्साह है। इन उत्पादनों से जहां उपभोक्ता का स्वास्थ्य अच्छा रहता वहीं इसकी खेती करने वालों को भी अच्छा मुनाफा मिलता है। आज देश के अलग अलग हिस्सों में बहुत से किसान इस तरह की खेती से मुनाफा कमा रहे हैं।  

आधुनिक तकनीक और जैविक खेती को अपनाकर अलीराजपुर जिले के ग्राम उण्ड़वा के प्रगतिशील कृषक श्री युवराज सिंह ठाकुर ने क्षेत्र के किसानों के लिए एक प्रेरणादायक मिसाल प्रस्तुत की है।

श्री ठाकुर ने अपने 4 हजार वर्ग मीटर खेत में शेडनेड हाउस का निर्माण कर खीरा–ककड़ी की फसल ऑर्गेनिक तरीके से लगाई। इस शेडनेट हाउस में बोईगई खीरा फसल की कुल लागत लगभग 2 लाख रुपये रही। खीरा–ककड़ी की इस फसल से उन्हें मात्र 4 माह में लगभग 40 टन उत्पादन प्राप्त हुआ। श्री युवराज सिंह ने उपज को 20 रुपये प्रति किलो के भाव से बाजार में विक्रय किया। वास्तविक लागत के मुकाबले श्री युवराज ठाकुर ने करीब 6 लाख रुपये की शुद्ध कमाई की है।

कृषक श्री युवराज सिंह ठाकुर ने बताया कि ऑर्गेनिक खेती के तरीके से नवाचार की प्रेरणा उद्यानिकी विभाग और इंटरनेट की सहायता से मिली। किसान श्री ठाकुर ने खीरा-ककड़ी के अलावा खेत में आम की विभिन्न प्रजातियां लगाई, साथ ही अमरूद भी लगाया। श्री युवराज सिंह ठाकुर ने किसानों से कहा कि इस खेती को यदि सही तकनीक, मार्गदर्शन से करें तो खेती को भी लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सकता है।

कलेक्टर श्रीमती नीतू माथुर ने किया शेडनेट हाउस का अवलोकन
आलीराजपुर जिले के ग्राम उण्ड़वा के प्रगतिशील कृषक श्री युवराज सिंह ठाकुर ने आधुनिक तकनीक और जैविक खेती को अपनाकर क्षेत्र के किसानों के लिए एक प्रेरणादायक मिसाल प्रस्तुत की है।
श्री ठाकुर ने अपने 4 हजार वर्ग मीटर खेत में शेडनेड हाउस का निर्माण कर खीरा–ककड़ी की फसल ऑर्गेनिक तरीके से लगाई। इस शेडनेट हाउस बोईगई खीरा फसल की कुल लागत लगभग 2 लाख रुपये रही। उन्होंने बताया कि खीरा–ककड़ी की इस फसल से मात्र 4 माह में लगभग 40 टन उत्पादन प्राप्त हुआ। श्री युवराज सिंह ने उपज को 20 रुपये प्रति किलो के भाव से बाजार में विक्रय किया।वास्तविक लागत के मुकाबले श्री युवराज ठाकुर ने करीब 6 लाख रुपये की शुद्ध कमाई की जो कि उनकी सफलता हेतु उल्लेखनीय है।
कलेक्टर श्रीमती नीतू माथुर ने शेडनेट हाउस का किया निरीक्षण
उण्ड़वा ग्राम में खीरा–ककड़ी की इस सफल फसल का निरीक्षण करने कलेक्टर श्रीमती नीतू माथुर उनके शेडनेट हाउस पहुंचीं। उन्होंने ऑर्गेनिक तरीके से उगाई गई फसल का अवलोकन किया और किसान से संवाद कर यह जाना कि उन्हें इस नवाचार की प्रेरणा कहां से मिली तथा उद्यानिकी विभाग से किस प्रकार सहयोग प्राप्त हुआ तब उन्होंने बताया कि उद्यानिकी विभाग के संपर्क और इंटरनेट की सहायता लेकर उन्होंने यह प्रयास किया।
कलेक्टर श्रीमती माथुर ने खेती की पूरी प्रक्रिया, लागत, उत्पादन, कमाई और मार्केटिंग व्यवस्था की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने श्री युवराज सिंह ठाकुर की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे अपनी इस सफलता को अन्य किसानों के साथ साझा करें, ताकि अधिक से अधिक किसान आधुनिक व जैविक खेती की ओर प्रेरित हों।
आम की खेती को भी मिलेगा बढ़ावा
किसान श्री युवराज सिंह ठाकुर ने खीरा ककड़ी के अलावा उनके खेत में आम की विभिन्न प्रजातियां लगाई है साथ ही अमरूद भी लगाया है। कलेक्टर श्रीमती माथुर ने उनके द्वारा लगाए गए आम की विभिन्न प्रजातियों के बगीचों का भी अवलोकन किया। उन्होंने उद्यानिकी विभाग के अधिकारी श्री कैलाश चौहान को निर्देश दिए कि वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना के अंतर्गत आम को चयनित करने हेतु प्रस्ताव भेजा जाए।
श्री युवराज सिंह ठाकुर ने जिले के किसानों से कहा कि इस खेती को यदि सही तकनीक, मार्गदर्शन से करे तो खेती को भी लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सकता है।

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