Saturday, September 24, 2022

गायों की अतिदयनीय हालत भी झंकझोरती क्यों नहीं सत्ता को

24th September 2022 at 5:06 PM 

समाज भी मूक दर्शक बना देखता ही रहता है 

एल एस हरदेनिया ने लिखा मुख्यमंत्री को पत्र 

नीचे दिया गया पत्र जानेमाने समाज सेवी,पत्रकार और सक्रिय लेखक एल एस हरदेनिया ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज चौहान को लिखा है। इसमें गायों की दयनीय हालत की जो तस्वीर शब्दों में बताई गई है वह केवल मध्यप्रदेश के को छह क्षेत्रों की बात करती है लेकिन वास्तव में यह दृश्य पूरे देश के बहुत से इलाकों का है। उत्तरभारत के पंजाब और आसपास भी यह सब देखने को मिल जाता है। कहने को गौ माता कहा जाता है लेकिन वास्तव में जो हालत है वह किसी मान की न हो। शायद  धर्म कर्म और नैतिकता गौण हो गई है और सियासत व फायदे नंबर एक पर आ गए हैं। श्री हरदेनिया का पत्र जिस स्थिति को दिखा रहा है वह सभी का ध्यान मांगती है जो धर्म की बात करते हैं, गौ माता की बात करते हैं, गौ सेवा और गौशाला की बात करते हैं। पढ़िए श्री हरदेनिया का पत्र। 

प्रति, 

माननीय श्री शिवराज सिंह चौहान,
मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश

मैं दिनांक 21 सितंबर को अपने गांव (कौड़िया, जिला नरसिंहपुर) गया था। मैं भोपाल से उदयपुरा के रास्ते से गया था। रास्ते में मुझे अनेक स्थानों पर गायों के झुंड दिखे। हर झुंड में 50 से लेकर 100 से ज्यादा गायें थीं। भोपाल से उदयपुरा के बीच कम से कम 15 स्थानों पर गायों के झुंड सड़क के बीचों-बीच बैठी हुई अवस्था में या खड़े हुए मिले। स्पष्टतः ये गायें भूखी और प्यासी होंगीं। रास्ते में मुझे 8 से 10 गायें मृत अवस्था में भी मिलीं। इनकी मृत्यु हुए निश्चित ही कई दिन बीत गए होंगें क्योंकि उनसे भीषण दुर्गन्ध आ रही थी और उनके शरीर में कीड़े पड़ चुके थे।

सवाल यह है कि इतनी बड़ी संख्या में ये गायें सड़क पर कैसे पहुंचीं? इनके मालिक कौन हैं? वे क्यों इतने क्रूर हैं कि उन्होंने गायों को सड़क पर छोड़ दिया। ये गायें कई स्थानों पर सड़क की पूरी चौड़ाई को घेरकर बैठी या खड़ी थीं। ऐसी स्थिति में वाहन चालकों अत्यधिक सावधानी से चलना पड़ता है। रात्रि में  तो वाहन चालकों को और अधिक सतर्कता बरतनी पड़ती है। यह स्थिति तब है जब हम गायों को गौमाता कहते हैं, हम गायों की अच्छी से अच्छी देखभाल करने का दावा करते हैं।

मेरा अनुरोध है कि हाईवे पर इतनी बड़ी संख्या में गायों के आ जाने के क्या कारण हैं और इसके लिए कौन लोग जिम्मेदार हैं इसकी सूक्ष्म जांच की जाए।

हम जब इसी मार्ग से वापस लौट रहे थे तब तेज वर्षा हो रही थी। वर्षा में भीगने के कारण ये गायें खासकर छोटे बछड़े ठंड से कांप रहे थे। ऐसी स्थिति में गायों और उनके बछड़ों को देखकर हम लोगों के दिल भी पसीज गए।

मेरा अनुमान है कि ऐसी ही स्थिति अन्य मार्गों और स्थानों की भी होगी। मेरा अनुरोध है कि इस बात की जांच करवाएं कि हम गायों के साथ इतनी क्रूरता क्यों कर रहे हैं।

आशा है इस संबंध में जरूरी एवं उचित कदम उठाए जाएंगे।  यदि संभव हो तो मुझे अवगत भी करवाएंगे।

  सधन्यवाद

एल एस हरदेनिया  

Sunday, June 12, 2022

गिरफ्तारी काफी नहीं--मुख्यमंत्री श्री चौहान

Sunday: 12th June 2022 at 17:00 IST

अपराधियों को कठोरतम दंड देंगे:मुख्यमंत्री ने संकल्प दोहराया 

*मुख्यमंत्री श्री चौहान ने घायल महिला से भेंट कर सौंपी प्रोत्साहन राशि

*सुबह सबेरे बुलाई आला अफसरों की बैठक  

भोपाल: रविवार: 12 जून 2022: (मध्यप्रदेश स्क्रीन ब्यूरो)::

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि महिलाओं के विरूद्ध अपराध घटित करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ कठोरतम कार्यवाही की जाएगी। कल भोपाल में हई घटना के संबंध में पुलिस कमिश्नर भोपाल को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने रविवार को सुबह मुख्यमंत्री निवास पर आला अफसरों की बैठक में आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज शिवाजी नगर स्थित श्रीमती सीमा के निवास पर उनसे भेंट कर स्वास्थ्य की जानकारी ली। शनिवार को एक घटना में श्रीमती सीमा पर कुछ बदमाशों द्वारा ब्लेड से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने घायल महिला को एक लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की।

सराहनीय है सीमा का साहस

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि श्रीमती सीमा का साहस सराहनीय है। उन्होंने बदमाशों की आपत्तिजनक और अश्लील हरकत का हिम्मत से मुकाबला किया। श्रीमती सीमा का उपचार राज्य शासन द्वारा करवाया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अन्याय का प्रतिकार करना अन्य लोगों के लिए प्रेरणा का काम है। घटना का प्रतिरोध करने वाली सीमा अन्य महिलाओं के लिए प्रेरक भी है। मुख्यमंत्री ने श्रीमती सीमा के बेटा और बेटी, जो भोपाल में पढ़ते हैं, के सहयोग के लिए भी कलेक्टर भोपाल को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि घटना के आरोपी गिरफ्तार किये जा चुके हैं। उनके विरूद्ध कठोरतम कार्रवाई के निर्देश पुलिस कमिश्नर भोपाल और अन्य अधिकारियों को दिए गए हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने श्रीमती सीमा के पति और अन्य परिजन से भी बातचीत की।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि घटना में तीन अपराधी शामिल हैं। उन्होंने भयानक अपराध किया है। मुख्य अपराधी ऑटो चलाने का कार्य करता है। वह कुछ दिन पूर्व ही जेल से छूट कर आया है। उसे गिरफ्तार किया जा चुका है। साथ ही उसके वाहन का लायसेंस रद्द कर दिया गया है। श्रीमती सीमा ने साहस का काम किया है। मैं उसे प्रणाम करता हूँ और बधाई देता हूँ। वे अन्याय और हिंसा के खिलाफ प्रेरणा बन कर सामने आई हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि डॉक्टरों से विचार-विमर्श कर श्रीमती सीमा की प्लास्टिक सर्जरी भी करवाई जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बैठक में दी सख्त हिदायतें

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इसके पहले आज सुबह मुख्यमंत्री निवास में आला अफसरों की बैठक बुलाकर कल राजधानी में हुई हिंसा की इस घटना पर चिंता और दु:ख व्यक्त किया। उन्होंने अप्रसन्न्ता के स्वर में कहा कि इस घटना से मैं बहुत अपसेट हूँ। महिलाओं के विरूध छेड़खानी की घटनाएँ हिंसा का स्वरूप लेंगी, यह अकल्पनीय है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पुलिस कमिश्नर भोपाल श्री मकरंद देऊस्कर को निर्देश दिए कि महिलाओं के सम्मान पर आँच पहुँचाने वाले अपराधिक तत्वों को किसी भी कीमत पर बखशा नहीं जाए। उनके विरूद्ध सख्त से सख्त कानूनी कार्यवाही की जाए। उन्हें जिला बदर भी करना पड़े तो प्रकरण तैयार कर तेजी से क्रियान्वित किया जाए। ऐसे जघन्य अपराधियों को सिर्फ कारावास में भेजने से काम नहीं चलेगा। आवश्यक धाराओं में और अधिक कठोर कार्यवाही की जाए। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री मनीष रस्तोगी, विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी मुख्यमंत्री कार्यालय श्री योगेश चौधरी, कमिश्नर भोपाल श्री गुलशन बामरा और कलेक्टर भोपाल श्री अविनाश लवानिया उपस्थित थे।

---अशोक मनवानी


Saturday, May 7, 2022

CM ने अंतरराज्यीय चोर की गिरफ्तारी पर पुलिस को दी बधाई

 पुलिसकर्मी 10-10 हजार रूपए की राशि से पुरस्कृत

भोपाल: शुक्रवार 6 मई 2022: (मध्यप्रदेश स्क्रीन ब्यूरो)::

Symbolic Pexels-Photo By Kindel Media C1
चोरी जैसे जुर्मों का दायरा बढ़ने से आम लोगों के दिलों में एक आतंक जैसा पैदा करता जा रहा है। न घर में सुरक्षा महसूस होती है न ही घर से बाहर। चोर हर जगह पर सेंध लाने को तैयार बैठे होते हैं। इसी बीच एक अच्छी खबर भी आई है कि राज्य पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय चोर को काबू करने में सफलता पा ली है। 

मध्यप्रदेश में अंतरराज्यीय चोर की गिरफ्तारी से पुलिस को बहुत बड़ी सफलता मिली है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने शहडोल पुलिस द्वारा अंतरराज्यीय चोर हसन को गिरफ्तार करने पर पुलिस विभाग को बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। 

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ऐसे कर्त्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी और कर्मचारी ही मध्यप्रदेश की शान हैं। पुलिसकर्मियों एसआई वर्षा बैगा, आर. धन्नालाल एवं परिमल को 10-10 हजार रूपए की राशि से पुरस्कृत किया है।

उल्लेखनीय है कि इन पुलिसकर्मियों ने अन्य राज्यों में करोड़ों की चोरी के आरोपी हसन को गिरफ्तार करने में
सफलता प्राप्त की। पुलिसकर्मियों ने शातिर चोर हसन को गिरफ्तार कर यूनियन बैंक में करोड़ों रूपए की चोरी होने से बचाया।

Tuesday, March 8, 2022

महिलाओं ने संभाली मुख्यमंत्री श्री चौहान की सुरक्षा

 8th March 2022 at 15:35 IST

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला पुलिस ने संभाली जिम्मेदारी

भोपाल: मंगलवार, 8 मार्च 2022 (मध्यप्रदेश स्क्रीन ब्यूरो)::

इस बार अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश सरकार ने एक ऐसा सकारत्मक कदम उठाया है जिसने महला दिवस पर एक मिसाल पैदा की है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की सुरक्षा का दायित्व अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च को महिला पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने संभाला। एसीपी कोतवाली सुश्री बिट्टू शर्मा मुख्यमंत्री श्री चौहान के कारकेड की प्रभारी थीं। रक्षित निरीक्षक श्रीमती इरशाद अली ने मुख्यमंत्री श्री चौहान का वाहन चलाया। सायबर सैल की इंस्पेक्टर सुश्री रेनू मुराब ने पायलट गाड़ी की कमान संभाली। मिसरोद थाने की सब इंस्पेक्टर सुश्री अर्चना तिवारी ने आज वीआईपी शैडो की जिम्मेदारी संभाली।  

कारकेड में वार्नर का दायित्व हनुमानगंज थाने की उप निरीक्षक सुश्री कंचन राजपूत तथा हबीबगंज थाने की उप निरीक्षक सुश्री सुनीता भलराय पर था और पायलेट का दायित्व थाना बजरिया की उप निरीक्षक सुश्री भावना शर्मा के पास। थाना कमला नगर की उप निरीक्षक सुश्री आकांक्षा शर्मा, एसटीएफ की निरीक्षक सुश्री कंचन राजपूत, चूना भट्टी थाने की उप निरीक्षक सुश्री गौसिया सिद्दीकी, हबीबगंज थाने की उप निरीक्षक सुश्री रिद्धी शर्मा, शाहपुरा थाने की उप निरीक्षक सुश्री संध्या शुक्ला, अशोका गार्डन थाने की उप निरीक्षक सुश्री योगिता जैन, शहजहानाबाद थाने की उप निरीक्षक सुश्री कल्पना गुर्जर भी मुख्यमंत्री श्री चौहान की सुरक्षा में तैनात रहीं। इसके साथ ही उप निरीक्षक सुश्री मंजू, उप निरीक्षक सुश्री मोनिका अबरियो, उप निरीक्षक सुश्री कोमल गुप्ता, उप निरीक्षक मेघा गोहिया, उप निरीक्षक सुश्री मेघा उदेनिया ने भी महत्पूर्ण दायित्व निभाए।

उल्लेखनीय है कि कारकेड प्रभारी एसीपी कोतवाली सुश्री बिट्टू शर्मा अंतर्राष्ट्रीय स्तर की जूडो खिलाड़ी रही हैं। उन्होंने 25 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लिया और 15 अंतर्राष्ट्रीय पदक प्राप्त किए। इसी प्रकार मुख्यमंत्री श्री चौहान का वाहन चलाने वाली श्रीमती इरशाद अली ने भोपाल के ट्रेफ्रिक प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सुश्री रेनू मुराब यू.एन. पीस कीपिंग मिशन तथा सीबीआई में रह चुकी हैं और फर्स्ट शैडो का दायित्व निभाने वाली सुश्री अर्चना तिवारी मिसरोद थाने में ऊर्जा महिला डैस्क की प्रभारी हैं।

Sunday, February 27, 2022

जब खजुराहो के नृत्यों में साकार हुए बसंत और फागुन

26 February 2022 at 21:41 IST

खजुराहो नृत्य समारोह का समापन हृदयग्राही और ओजपूर्ण रहा 


भोपाल
: शनिवार, 26 फरवरी 2022, 21:41 IST: (मध्यप्रदेश स्क्रीन ब्यूरो)::


फागुन महीने का जादू क़ज़ा होता है इसकी अनुभूति के बिना इसे समझा नहीं जा सकता। जानेमाने फ़िल्मकार जनाब राजिंदर सिंह बेदी ने वर्ष 1973 में रिलीज़ हुई फिल्म फागुन को लिखा भी था और निर्देशित भी किया था। फागुन से जुड़े माहौल और जज़्बातों को दर्शाती इस फिल्म में हरति रंग भी था और पंजाब का रंग भी। अमीरी का रंग भी और गरीबी का रंग भी। सुनने वालों को मस्त कर देने वाले गीतों को लिखा था मजरूह सुल्तानपुरी साहिब ने और संगीत से सजाया था सचिनदेव बर्मन साहिब ने। इसमें एक गीत है फागुन आयो रे.....! इस गीत के शब्द, आवाज़ और संगीत एक दृश्य का निर्माण कर देते हैं कि होली का उल्लास साकार हो उठता है। 

जब वसंत के महीने में खजुराहो जैसा स्थान भी हो तो एक नया ही रंग बनता है। पर्यटन नगरी में आज की शाम बसंत और फागुन अपने शबाब पर थे। इस बार 48वें खजुराहो नृत्य समारोह के आखिरी दिन सुर, लय, ताल, नृत्य, संगीत और रंगों का ऐसा संगम हुआ कि बसंत कब फागुन में बदल गया इसका आभास ही नहीं हुआ। सुखद अहसासों से लबरेज इस रंगीन शाम में भोपाल की श्वेता और क्षमा की जोड़ी से लेकर कथक की जानी मानी हस्ती शमा भाटे ने ऐसे अद्भुत रंग भरे जिसका बखान करना मुश्किल है। आखिरी प्रस्तुति के रूप में सुदूर उत्तर पूर्व भारत के मणिपुरी नर्तकों ने तो कमाल ही कर दिया। इन्हीं प्रस्तुतियों के साथ 48वें खजुराहो नृत्य समारोह का हृदयग्राही समापन हो गया। 

नृत्य समारोह के आखिरी दिन की पहली प्रस्तुति के रूप में कथक और भरतनाट्यम की जुगलबन्दी पेश की गई। भोपाल की भरतनाटयम नृत्यांगना श्वेता देवेंद्र और कथक नृत्यांगना क्षमा मालवीय  ने अपने ग्रुप्स की 14 नृत्यांगनाओं के साथ अद्भुत नृत्य प्रस्तुति दी। दोनों ने नर्मदा जी की स्तुति से शुरुआत की। रागमालिका के तमाम राग़ों को पिरोकर तैयार की गई इस स्तुति के बोल थे-"नमो नर्मदाय निजानंदाय.."। आदि और तीनताल में निबद्ध इस रचना में नर्मदा जी के 10 नामों को भाव नृत से प्रस्तुत किया गया। भाव नृत्य की प्रस्तुति में दोनों नृतिकियों का अद्भुत संगम देखने को मिला।  सूरदास के पद "सुंदर श्याम सुंदसर लीला सुंदर बोलत बचन " कथक और भरतनाटयम का सुंदर रूप उभरकर सामने आया। इसी के साथ कथक और भरतनाटयम को एकाकार करते हुए इस प्रस्तुति का समापन हुआ। 

दूसरी प्रस्तुति देश की जानी मानी नृत्यांगना शमा भाटे के कथक नृत्य की थी। उनके नृत्य संस्थान - "नादरूप " के कलाकारों ने बसंत और फागुन को अपने कथक से खजुराहो के मंच पर साकार किया। "उमंग"  नाम की इस प्रस्तुति में बसंत भी था। होली के रंग भी बिखरे और कृष्ण की बंशी के जादू ने तो मादकता के पैमाने तोड़ दिए। दरअसल शमा जी की इस नृत्य रचना में प्रकृति की खूबसूरती के दर्शन होते हैं। तिलंग के स्वरों में कृष्ण की वंदना- "-वसुदेव सुतम ..." पर कलाकारों ने बेहतरीन नृतभाव दिखाए। फिर रथ पर सवार बसन्त का आगमन मन को लुभा गया। "कलियन संग करत रंगरलियां" बसंत और बहार के सुरों और त्रिताल में बंधी इस रचना पर भाव नृत से कलाकारों ने जैसे बसंत को साकार कर दिया। फिर आगे बढ़े तो पहाड़ी के सुरों में होली-  " रंग डारूँगी डारूँगी रंग डारूँगी नंद के लालन पे " की प्रस्तुति सभी को रंग बिरंगा कर गई। पटदीप के सुरों में सजी बंदिश - बाजे मुरलिया बाजे- पर बाँसुरी और भीमसेन जोशी दोनों ही साकार हो गए। बंदिश पंडित भीमसेन की आवाज में थी आखिर में तीन ताल में भैरवी की बंदिश-" आज राधा बृज को चली," पर भाव नृत करते हुए तराने के बोलों के साथ खुद को समाहित करते हुए नृत्य का समापन हुआ। दर्शकों को लगा कि सब परिपूर्ण है सब सबरंग है। 

नृत्य समारोह का ओजपूर्ण और जोशीला समापन इम्फाल से आये मणिपुरी नृत्य समूह 'तपस्या' के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत मणिपुरी नृत्य से हुआ। नृत्य का आगाज़ नट संकीर्तन से हुआ। यह पूजा का एक रूप है, जो महायज्ञ के रूप में माना जाता है। यह श्रीमद भागवत के सौंदर्य तत्व को प्रदर्शित करता है। मणिपुरी शैली में नर्तकों ने पुंग और करताल के साथ मंद अभिनय और नृत्य संगीत के साथ इसे पेश किया। यूनेस्को ने मणिपुरी नृत्य संकीर्तन को अपनी प्रतिनिधि सूची में जगह दी है। अगली प्रस्तुति "एको गोपी एको श्याम" की रही। इस प्रस्तुति में कृष्ण के प्रति गोपियों के प्यार को बड़े ही उदात्त और मार्मिक ढंग से पेश किया गया।  अहंकार होने पर कृष्ण गोपियों को छोड़कर चले जाते हैं और अहंकार टूटने पर आ जाते हैं। हर गोपी के साथ उनकी उपस्थिति से इसे एको गोपी एको श्याम की संज्ञा दी गई। इन प्रस्तुतियों में 20 कलाकारो ने भागीदारी की। सभी पर्यटको और दर्शकों ने लगातार करतल ध्वनि से खजुराहो नृत्य समारोह के कलाकारों और आयोजकों का अभिवादन कर उनकी प्रस्तुतियों को पूर्णता प्रदान की।

कुल मिला कर यह एक यादगारी आयोजन रहा। जो देख सके वे भाग्यशाली रहे। जो इस बार नहीं देख सके उन्हें इंतज़ार करना होगा अगली बार का। 

Thursday, February 3, 2022

कहानी नूर और सिमरन की//कुमुद सिंह की ज़ुबानी

 सोचने को मजबूर करती सच्ची कहानी 

आप सुन सकते हैं उनकी नई पॉडकास्ट यहाँ क्लिक करके

लुधियाना: 3 फरवरी 2022: (मध्यप्रदेश स्क्रीन ब्यूरो)::

मुझे नहीं मालूम देवलोक है या नहीं। देवी देवता होते हैं या नहीं। लेकिन इतना ज़रूर है कि कुछ विशेष लोग इसी इंसानी रूप में ऐसे होते हैं जिनमें दूसरों के दर्द को महसूस करने की संवेदना होती है। जिनमें दूसरों के दुःख को दूर करने की इच्छा होती है। जिनके पास जो कुछ होता है उसे बांट कर ही उन्हें ख़ुशी मिलती है। कुमुद सिंह उन्हीं दिव्य लोगों जैसी ही हैं।  
सादगी भरा सीधा सा व्यक्तित्व। बिलकुल ही सीधे से शब्द। टू द पॉइंट बात। सीधा सा नज़रिया। सरोकार आम जनता से जुड़े हुए। यही है कुमुद सिंह की जान पहचान। सड़क पर राह जाते गाड़ी रोक लेना। सिर्फ रोक ही नहीं लेना ज़रूरत पड़े तो बैक भी करना। अगर बैक करना सम्भव न हो तो अगले कट से ही वापिस उधर आ पहुंचना जहां फुटपाथ पर परेशान से बैठे किसी व्यक्ति को देखा था। बस दिमाग में इतना सा ही कौंध जाना कि यह तो कोई बरसों पुराने जानकार का चेहरा लगता है। पास आ कर पूछना आप कहीं वो तो नहीं जो हमारे पड़ोस में रहते थे। कन्फर्म भी करना उसका हालचाल भी पूछना और गाड़ी में पड़ी राश की किट के साथ उसे कुछ पैसे भी थमा देना। कोरोना के दिनों में कुमुद परिवार की टीम ने ऐसा बहुत बार किया। यह मोहब्बत है इंसानियत से। इबादत है इंसानियत की। मोहब्बत इसी तरह इबादत बनती है। आप सुन सकते हैं उनकी नई पॉडकास्ट यहाँ क्लिक करके। बहुत ही टचिंग है यह कहानी नूर और सिमरन की। कुमुद कहती हैं-जि़न्दगी का पहला और अंतिम सत्य तो मोहब्बत ही है ना और मोहब्बत का दूसरा नाम हैं "नूर और सिमरन" (जिसे नूर प्यार से सिमर कहती) आज  सुनिये कहानी नूर और सिमरन की।  कुमुद जी की आवाज़ सचमुच आकाशवाणी की ही आवाज़ लगती है। अपनी कलम, अपनी आवाज़ अपने शब्दों और अंदाज़ का इस्तेमाल अमन और मोहब्बत के लिए करना एक बहुत मिसाल हम सभी के लिए। आप भी सरोकार से जुड़ सकते हैं। पहले अआप इसे सुन कर देखिए। आपके विचारों की इंतज़ार रहेगी ही। --रेक्टर कथूरिया 

Monday, January 17, 2022

महिला विरोधी जुर्मों के खिलाफ और सख्त हुए मुख्यमंत्री चौहान

 Monday 17th January 2022, 17:34 IST

कहा-मानवता को शर्मसार करने वाले अपराधी को मिले कड़ी सजा

महिलाओं के विरूद्ध अपराध की घटनाओं पर बुलाई विशेष बैठक


भोपाल: सोमवार 17 जनवरी 2022 at 17:34 IST सोमवार

महिलाओं के खिलाफ अपराध रुकने का नाम ही नहीं ले रहे। दुनिया भर में शर्मनाक घटनाएं बढ़ रही हैं। देश का शायद ही कोई ऐसा कोना ही जहां से ऐसी खबरें न आ रही हों। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि हाल ही में कुछ जिलों में महिलाओं के विरूद्ध घटित अपराधों में सख्त से सख्त कार्यवाही की जाये। अमानवीय और घृणित कृत्य करने वाले नरपिशाचों को फाँसी के तख्ते तक ले जाने के लिए ऐसे प्रकरणों का निरंतर फॉलोअप किया जाये। इंदौर, सीहोर, ग्वालियर और शिवपुरी में हुई घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इंदौर की कल की घटना पर दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों के विरूद्ध सिर्फ गिरफ्तारी तक कार्यवाही सीमित नहीं होना चाहिए। इंदौर ग्रामीण के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने जानकारी दी कि इस प्रकरण में 5 लोग गिरफ्तार हुए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रकरण में अविलंब आरोप-पत्र लगाने और फॉस्ट ट्रेक कोर्ट में मामला ले जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सीहोर की घटना पर भी गंभीर रूख अपनाते हुए कहा कि दोषियों को फास्ट ट्रेक के माध्यम से दण्डित किया जाए। उन्होंने ग्वालियर के पुलिस अधिकारियों से 27 दिसंबर की घटना पर चर्चा की। इस प्रकरण में तीन व्यक्ति गिरफ्तार हुए हैं। अपराध में उपयोग में लाए गए ट्रक को भी राजसात करने और ट्रक के मालिक के विरूद्ध भी एफआईआर करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधीक्षक शिवपुरी से जिले में एक बालिका पर परिजन द्वारा घटित अपराध की घटना में दोषी के विरूद्ध कठोरतम दंड के निर्देश दिए।

मानवता शर्मसार होती है ऐसी घटनाओं से

मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर की घटना मानवता को शर्मसार करने वाली घटना है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अपराधियों की संपत्ति जप्त करने को भी कहा। मुख्यमंत्री ने चारों मामलों को चिन्हित अपराध की श्रेणी में शामिल करते हुए फास्ट ट्रेक कोर्ट के माध्यम से कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

चीनी मांझा जानलेवा है, कार्यवाही करें–मुख्यमंत्री श्री चौहान

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने उज्जैन में पतंगबाजी में उपयोग में लाए जाने वाले चीनी मांझे से एक युवती की मृत्यु को दुखदायी बताया। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित मांझे का उपयोग करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाए। प्रदेश में किसी भी स्थान पर इसके विक्रय और उपयोग पर नजर रखें और जानलेवा सिद्ध होने वाली इस सामग्री के इस्तेमाल को नियंत्रित करें। बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा, पुलिस महानिदेशक श्री विवेक जौहरी, मुख्यमंत्री कार्यालय के विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी श्री योगेश चौधरी उपस्थित थे।

अशोक मनवानी