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Friday, March 19, 2021

65 लाख रूपये की नल-जल योजना का भूमि-पूजन

Thursday: 18th March 2021 at 20:23 IST

  भूमि-पूजन किया परिवहन मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने  


भोपाल
: गुरूवार: 18 मार्च 2021: (मध्यप्रदेश स्क्रीन ब्यूरो):: 

आज़ादी आने  सात दश्कों के बावजूद भी  अभी बहुत से इलाके ऐसे हैं जहां  पानी की गंभीर किल्लत लगातार  गंभीर बनी हुई है। घर परिवार की   महिलाओं को बाहर से पानी लाना पड़ता है। इस तरह  दुनिया  में कई जगहों पर पानी की किल्लत गंभीर बानी हुई है। इसी तरह की समस्या मध्यप्रदेश में भी है। मध्यप्रदेश की सरकार इस समस्या को कैसे हल कर रही है इसकी एक छोटी सी झलक आपको मिलेगी  हमारी इस रिपोर्ट में। मध्यप्रदेश स्क्रीन की इस पोस्ट में पढ़िए पूरी रिपोर्ट। 

परिवहन एवं राजस्व मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने सागर के ग्राम गेहलपुर एवं कंदेला में 65 लाख की नल-जल योजना का भूमि-पूजन किया। उन्होंने कहा कि इस पेयजल योजना से घर-घर तक पानी पहुँचेगा। पहाड़ी पर बसे इस गाँव की महिलाओं को अभी पेयजल के लिये काफी मशक्कत करना पड़ती है। श्री राजपूत ने कहा कि सुरखी क्षेत्र का एक भी घर ऐसा नहीं बचेगा, जिस घर में जल नल से नहीं आये। उन्होंने कहा राज्य सरकार पात्र लोगों के आयुष्मान-कार्ड बनवा रही है, गाँव के लोग अपना आयुष्मान-कार्ड बनवा लें। इस योजना में 5 लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त में होता है। उन्होंने कोरोना से बचाव के लिये चलाये जा रहे वैक्सीन अभियान में शामिल होने की अपील की।

साकार हुआ अपने घर का सपना

मंत्री श्री राजपूत ने प्रधानमंत्री आवास योजना में गृह-प्रवेश का शुभारंभ एवं हितग्राहियों को प्रमाण-पत्र वितरित किये। उन्होंने कहा कि गरीब आदमी के लिए पक्के मकान की सोच एक सपना होता था, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस सपने को साकार किया है। वर्ष 2022 तक सभी के पास पक्के मकान होंगें, यह जिम्मेदारी हमारी सरकार की है। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि सुरखी क्षेत्र में 25 साल पहले सड़कें नहीं थी। गेंती-फावड़ा लेकर क्षेत्र में आना पड़ता था। अब ऐसा कोई गाँव नहीं, जहाँ सड़क न हो। गेहलपुर से पिपरिया मार्ग एक करोड़ रुपये की लागत से मंजूर किया था, जिसका कार्य चल रहा है। ग्राम भजिया एवं गेहूँरास में सभी विकास कार्य प्रगति पर हैं।

आदर्श स्कूल की होगी स्थापना

मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि क्षेत्र की जनता के लिये मैं मंत्री नहीं, एक सेवक और परिवार का सदस्य हूँ। उन्होंने कहा कि सरकार नया सिस्टम ला रही है, जिसमें 20 से 25 कि.मी. के दायरे में इतना भव्य आदर्श स्कूल बनेगा, जो किसी प्राईवेट स्कूल से बेहतर होगा। स्कूल में अच्छे अध्यापकों सहित खेल व बच्चों के आने-जाने के लिए वाहनों की व्यवस्थाएँ भी रहेंगी। इससे गाँव के बच्चों को भी शहरों जैसे स्कूल में पढ़ने को मिलेगा। स्वामित्व योजना से गाँव में सभी को मकान का स्वामित्व मिलेगा, जिससे घर मालिक को मिलेगी घर की हकदारी। इस दौरान उन्होंने लाड़ली लक्ष्मी योजना के प्रमाण-पत्र एवं मध्यान्ह भोजन योजना अंतर्गत राशन वितरण भी किया।

यदि आपके पास पानी की किल्लत दूर करने के लिए कुछ ठोस सुझाव हों तो हमें अवश्य बताएं। विचारों की इंतज़ार रहेगी ही। 

मुकेश दुबे


Saturday, December 19, 2020

नए कृषि कानूनों से बिचौलियों में हड़कंप- मंत्री पटेल का दावा

Saturday, 19th December 2020 at 20:11 IST

  हरदा के ग्राम धुरगाड़ा में विधेयकों के समर्थन में चौपाल आयोजित 

भोपाल: 19 दिसम्बर 2020:, (मध्यप्रदेश स्क्रीन ब्यूरो)::

भारतीय जनता पार्टी की तरफ से किसानों के आंदोलन का मुकाबला जारी है। इस मकसद के लिए चौपालों का अयिजन भी किया जा रहा है। हाल ही में एक चौपाल हरदा के गांव धुरवाड़ा में भी आयोजित की गई जिसमें किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री श्री कमल पटेल भी पहुंचे। 

किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री श्री कमल पटेल ने कहा है कि नवीन कृषि कानूनों से बिचौलियों में हड़कंप मचा है। उन्होंने कहा कि अब तक बिचौलिए किसानों के लाभ को हजम कर जाते थे। इन कानूनों के आने के बाद किसानों को उनका वाजिब हक मिलेगा। श्री पटेल ने यह बात हरदा जिले के ग्राम धुरगाड़ा में नवीन कृषि विधेयकों के समर्थन में आयोजित किसान चौपाल में कहीं।

मंत्री श्री पटेल ने नए कृषि विधेयकों के समर्थन में आयोजित चौपाल में कहा कि विधेयक किसानों के हित में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा लाए गए हैं। इनसे किसानों की आय बढ़ेगी। खेती का उन्नत स्वरूप विकसित होगा। गांव में कृषि आधारित अधोसंरचनात्मक विकास होगा। किसान अपने उद्योग खुद लगा सकेंगे।   वे किसान के साथ-साथ उद्योगपति भी बन सकेंगे। श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के संबोधन से किसानों में सकारात्मकता का भाव आया है। किसान अब आगे बढ़कर नवीन कृषि विधेयकों का समर्थन कर रहे हैं। ग्राम धुरगाड़ा में भी किसानों ने नारे लगाए कि वे नवीन कृषि विधेयकों के मामले में केंद्र और प्रदेश सरकार के साथ हैं। उनका पूरा- पूरा समर्थन नवीन कृषि विधेयकों के लिए है।

           किसान चौपाल में मंत्री श्री पटेल ने किसानों को आश्वस्त किया कि मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्र में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार किसानों की आय को न सिर्फ दुगुना करेगी बल्कि किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त और समृद्ध बनाने का हर मुमकिन प्रयास करेगी।


Monday, May 4, 2020

मदिरा एवं भांग दुकानों के संचालन की 5 मई से नई व्यवस्था

Monday: 4th May 2020 at 15:34 IST
 भोपाल, इंदौर एवं उज्जैन जिलों में बंद रहेगी मदिरा एवं भांग की बिक्री 
भोपाल: सोमवार: 4 मई  2020: (मीडिया लिंक रविन्द्र//मध्यप्रदेश स्क्रीन):: 
कोरोना को नज़र में रख कर बनाई गयी नयी व्यवस्था  
कोरोना भी बढ़ रहा है और नशे की तलब भी। हालांकि शराब इत्यादि से सरकारों को काफी आमदनी होती है इसके बावजूद राज्य की सरकार ने इसकी बिक्री की आज्ञा सभी जगहों पर नहीं दी। इसके लिए बाकायदा एक विशेष चार्ट जारी किया गया है जो कोरोना की रफ्तार को नजर में रखते हुए बना गया है। 
राज्य शासन ने प्रदेश में नोवल कोरोना वायरस संक्रमण के कारण मदिरा एवं भांग दुकानों के संचालन की जोनवार वर्गीकृत जिलों में नई व्यवस्था 5 मई से लागू की है।
नई व्यवस्था के मुताबिक प्रदेश में रेड जोन में आने वाले भोपाल, इंदौर एवं उज्जैन जिलों में मदिरा एवं भांग की समस्त दुकानें आगामी आदेश तक बंद रहेंगी। रेड जोन के अन्य जिलों जबलपुर, धार, बड़वानी, पूर्वी निमाड़(खण्डवा), देवास एवं ग्वालियर जिलों के मुख्यालय की शहरी क्षेत्रों की दुकानों को छोड़कर अन्य क्षेत्रों की मदिरा एवं भांग की दुकानें संचालित की जाएंगी। ऑरेंज जोन के अंतर्गत आने वाले खरगौन, रायसेन, होशंगाबाद, रतलाम, आगर-मालवा, मंदसौर, सागर, शाजापुर, छिन्दवाड़ा, अलीराजपुर, टीकमगढ़, शहडोल, श्योपुर, डिण्डौरी, बुरहानपुर, हरदा, बैतूल, विदिशा, मुरैना एवं रीवा के कंटेनमेंट एरिया को छोड़कर शेष मदिरा एवं भांग दुकानें संचालित की जाएंगी। ग्रीन जोन के अंतर्गत आने वाले जिलों की सभी मदिरा एवं भांग दुकानों का संचालन प्रारंभ किया जाएगा।
सभी लायसेंसियों को निर्देशित किया गया है कि वे दुकानों पर गृह मंत्रालय, भारत सरकार तथा वाणिज्यिक कर विभाग मध्यप्रदेश शासन द्वारा जारी एसओपी और दो गज की दूरी का पालन भी सुनिश्चित करें।

Sunday, May 3, 2020

श्रमिकों की वापसी के लिए 31 रेलगाड़ियों की मांग

Sunday: 3rd May 2020 at 18:39 IST
अब तक 59 हजार श्रमिकों की वापसी 
भोपाल: रविवार, मई 3, 2020, 18:39 IST: (मध्यप्रदेश स्क्रीन)::
कोरोना संक्रमण के कारण अन्य प्रदेशों में फंसे मध्यप्रदेश के श्रमिकों की वापसी का क्रम लगातार जारी है। अब तक 59000 श्रमिक प्रदेश में वापस लाए जा चुके हैं। विभिन्न प्रदेशों में फँसे श्रमिकों को वापस लाने के लिए रेल मंत्रालय से 31 ट्रेनों की मांग की गई है।
 अपर मुख्य सचिव और प्रभारी स्टेट कंट्रोल रूम श्री आई.सी.पी. केसरी ने जानकारी दी है कि आज गुजरात से लगभग 4000 श्रमिक वापस लाए गए। प्रदेश के विभिन्न जिलों में फँसे प्रदेश के करीब 42000 श्रमिकों को पिछले 8 दिनों में उनके ग्रह स्थान पहुँचाया गया है। तमिलनाडु, केरल, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक आदि राज्यों से श्रमिकों को वापस लाने के लिए चर्चाएँ जारी हैं। महाराष्ट्र, गोवा, हरियाणा और गुजरात के लिए ट्रेन मूवमेंट एवं रूट की जानकारी तैयार की जा रही है। रेल मंत्रालय और संबंधित राज्यों को रेलगाड़ियों के लिए मांग पत्र भेजा गया है।

Thursday, March 26, 2020

मुख्यमंत्री श्री चौहान को सहायता कोष के लिये एक करोड़ रूपये

Friday:26th 2020 at 20:28 IST
एक करोड़ रूपये भेंट किये वर्धमान टेक्सटाइल्स ने
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को वर्धमान टेक्सटाईल्स लिमिटेड के मध्यप्रदेश के डायरेक्टर श्री यशपाल ने कोरोना से बचाव कार्यों के लिए मुख्यमंत्री  सहायता कोष में सहयोग स्वरूप एक करोड़ रूपये का चैक भेंट किया 
भोपाल: गुरूवार 26 मार्च 2020: (मध्यप्रदेश स्क्रीन ब्यूरो):: 
कोरोना का कहर टूटा तो आम जनता में करुणा का सागर भी उमड़ पड़ा। मध्यप्रदेश के लिए इस राज्य के सामर्थ्यवान लोगों ने भी अपने खज़ाने खोल दिए। इसी संबंध में एक जानीमानी कम्पनी वर्धमान टैक्सटाइल्स ने मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए एक करोड़ रूपये भेंट किये। आशा है कि अन्य लोग भी इस मकसद के लिए शीघ्रता से आगे आएंगे। 
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को  कोरोना से बचाव कार्यों के लिए वर्धमान टेक्सटाइल्स, बुदनी के डायरेक्टर श्री यशपाल  ने मुख्यमंत्री सहायता कोष में जनसहयोग स्वरूप एक करोड़ रुपए का चैक भेंट किया। उल्लेखनीय है कि एचईजी लिमिटेड द्वारा हाल ही में मुख्यमंत्री सहायता कोष में एक करोड़ रूपये की राशि दी जा चुकी है। आयटीएम यूनिवर्सिटी, ग्वालियर द्वारा मुख्यमंत्री सहायता कोष में 11 लाख रूपये का योगदान दिया गया है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अन्य संस्थाओं, औद्योगिक प्रतिष्ठानों और समर्थ वर्ग से अपील की है कि वे इस आपदा से बचाव के प्रयासों में अपना आर्थिक सहयोग मुख्यमंत्री सहायता कोष में प्रदान करें। सीएम रिलीफ फंड के भारतीय स्टेट बैंक के खाता क्रमांक 10078152483 (IFSC कोड SBIN0001056) में राशि दी जा सकती है।

Monday, May 7, 2018

राज्यपाल श्रीमती आनन्दीबेन पटेल आज ओंकारेश्वर में

ज्योर्तिलिंग के दर्शन किये और पूजा-अर्चना की
भोपाल: सोमवार, मई 7, 2018, 17:58 IST (मध्य प्रदेश स्क्रीन ब्यूरो):: 

विदेशी संस्कृति के तेज़ होते हमलों के बावजूद स्वदेशी नेताओं ने अपनी संस्कृति और धर्म को नहीं छोड़ा। आज भी श्रद्धा का सिलसिला जारी है। राज्यपाल श्रीमती आनन्दीबेन पटेल ने आज उसी श्रद्धा भावना से ओंकारेश्वर में ज्योर्तिलिंग के दर्शन किये और पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर श्रीमती पटेल ने मंदिर में किये गये विकास कार्यों का अवलोकन भी किया।

श्रीमती पटेल को मंदिर समिति द्धारा स्मृति-चिन्ह भी भेंट किया गया। पूजा अर्चना के इस शुभ अवसर पर राज्यपाल ने सैलानी टापू भ्रमण भी किया। श्रीमती पटेल की इस धार्मिक यात्रा से यह अवसर एक और यादगारी दिन बन गया। 

Thursday, May 3, 2018

कृषि से आमदनी बढ़ाने को किसानों ने अपनाई आधुनिक तकनीक

लगातार 5 वर्षो से उन्हें मुनाफा ही मिल रहा है
भोपाल: गुरूवार, मई 3, 2018, 16:32 IST
प्रदेश में किसान अब अपनी आय बढ़ाने के लिये कृषि विशेषज्ञों की मदद से नई-नई तकनीक अपना रहे हैं। इससे किसानों के जीवन-स्तर में काफी बदलाव आया है।
पन्ना जिले के ग्राम अहिरगुवा के किसान अग्निमित्र शुक्ला के पास तीन हेक्टेयर सिंचित रकबा हैं। इस वर्ष  अग्निमित्र को दो एकड़ में चने का लगभग दो गुना उत्पादन मिला है। उन्होंने बताया कि पूर्व वर्षों की तुलना में 18 से 20 क्विंटल प्रति हेक्टेयर के स्थान पर 34 क्विंटल प्रति हेक्टेयर चने का उत्पादन प्राप्त हुआ है। किसान अग्निमित्र बताते हैं कि वे पिछले 7-8 वर्षों से चने की खेती कर रहे हैं। उन्होंने अपने खेत में विभिन्न किस्मों के चने की बोनी की। इन सबके बावजूद उन्हें कभी भी 18 से 20 क्विंटल प्रति हेक्टेयर से अधिक चने का उत्पादन प्राप्त नहीं हुआ। इस संबंध में उन्होंने वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी से चर्चा की।  कृषि विभाग की चना क्‍लस्टर प्रदर्शन योजना के अंतर्गत अग्निमित्र को चने का जे.जी.-63 प्रजाति का 60 किलो बीज दिया गया। उन्होंने इस बीज को दो एकड़ में बोया, कृषि अधिकारियों की सलाह पर खेत में मृदा स्वास्थ्य कार्ड की अनुशंसा पर उर्वरक भी डाला। इससे बीज का अंकुरण और पौधों की बढ़त भी अच्छी हुई। कृषि की इस तकनीक को अपनाने से इन्हें 34 क्विंटल प्रति हेक्टेयर चने का उत्पादन प्राप्त हुआ है। आज वे इस तकनीक को अपने किसान साथियों को बताते हैं तो वे आश्चर्यचकित रह जाते हैं। अब क्षेत्र के अन्य किसानों ने भी चने की जे.जी.-63 प्रजाति को अपनाने का मन बना लिया है।
खरगोन जिले की कसरावद तहसील के किसान महेंद्र पाटीदार ने उद्यानिकी विभाग के सहयोग से नींबू का बगीचा तो लगा लिया, लेकिन पानी की समस्या ने उनकी चिंता बढ़ा दी थी। ऐसे समय में नव-विवाहित महेंद्र ने अपनी पत्नि को साथ लेकर, बैलगाड़ी पर कोठी बाँधकर एक-एक पौधे को कढ़ी धूप में पानी देकर सिंचाई की पाँच वर्षो के बाद नींबू को पहली फसल आई। पहली फसल से कोई खास मुनाफा तो नहीं हुआ, मगर अंतरवर्ती फसलों कपास, गेहूँ और सोयाबीन के सहारे उनको मुनाफा होता रहा। इसके लगातार बाद 5 वर्षो से उन्हें मुनाफा ही मिल रहा है। अब अग्निमित्र क्षेत्र के प्रतिशील किसान की श्रेणी में भी शामिल हो गये है।
उद्यानिकी विभाग से किसान महेंद्र को एक हेक्टेयर में मल्चिंग शीट के लिए 10 हजार रुपए की सब्सिडी भी मिली। इसके बाद महेंद्र ने मल्चिंग विधि से तरबूज की खेती की और एक लाख 29 हजार 600 रुपए खर्च कर 5 लाख 70 हजार 567 रुपए का शुद्ध मुनाफा लिया। महेंद्र ने मात्र 80 दिनों की तरबूज की फसल में 75 हजार 960 किलोग्राम तरबूज की फसल ली। कृषि और उद्यानिकी विभाग के जानकार बताते हैं कि निमाड़ में मल्चिंग विधि से तरबूज की फसल सफलतापूर्वक लेने वाले महेंद्र पहले किसान हैं। अब महेंद्र कृषि की नई-नई तकनीकों को अपनाकर अलग-अलग प्रयोग करने में जुट गए हैं।
सक्सेस स्टोरी (पन्ना, खरगोन)
मुकेश मोदी