Showing posts with label Education. Show all posts
Showing posts with label Education. Show all posts

Saturday, December 3, 2022

“अनुगूंज” कार्यक्रम 4 एवं 5 दिसम्बर को

Saturday 3rd December 2022 at 18:38 IST

मुख्यमंत्री 5 को अनुगूँज के धनक कार्यक्रम में होंगे मुख्य अतिथि

*स्कूल शिक्षा मंत्री श्री परमार 4 दिसम्बर को अनुगूँज का करेंगे शुभारंभ

भोपाल: शनिवार 03 दिसम्बर 2022: (मध्यप्रदेश स्क्रीन ब्यूरो)::

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा ''कला से समृध्द शिक्षा'' के अंतर्गत मध्यप्रदेश में प्रतिवर्ष होने वाले शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों के सांस्कृतिक कार्यक्रम ''अनुगूँज'' का आयोजन 4 और 5 दिसम्बर को किया जायेगा। स्कूल शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार) राज्य मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार 4 दिसंबर को शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान इस कार्यक्रम में 5 दिसम्बर को समापन संध्या में मुख्य अतिथि होंगे। 

''अनुगूँज'' का यह चतुर्थ कार्यक्रम शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय, भोपाल में किया जा रहा है, जिसमें मध्यप्रदेश के शासकीय विद्यालयों के लगभग 700 से अधिक विद्यार्थी राज्य स्तर पर अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।

''अनुगूँज'' मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग का वैश्विक शिक्षा प्रणाली STEAM (साइंस, टैक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, आर्टस और मैथेमेटिक्स) की दिशा में ''कला से समृध्द शिक्षा'' का अभिनव कार्यक्रम है। अब अनुगूँज के कार्यक्रम अन्य संभागों में भी किये जा रहे हैं। इन संभागों की कुछ मोहक प्रस्तुतियॉं राजधानी भोपाल के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में भी शामिल हैं। 

विद्यार्थियों द्वारा पहले दिन अनुगूँज कि 'रंगकार' कार्यक्रम में नाट्य प्रस्तुतियों के साथ ही माइम और बैले नृत्य नाटिका का मंचन किया जाएगा। वहीं दूसरे दिन 'धनक' में वाद्य यन्त्र, गीत संगीत की जुगलबंदी, भारत के विविध शास्त्रीय नृत्य फ्यूज़न और वेस्टर्न नृत्य आदि की मनमोहक प्रस्तुतियाँ होंगी। अनुगूँज के ''सृजन'' भाग में माटीकला, फोटोग्राफी और चित्रकला कार्यशालाओं में विद्यार्थियों द्वारा सृजित कलाकृति की प्रदर्शनी में बच्चों की सहज अभिव्यक्ति और उनकी कलात्मक अभिरूचियों को प्रदर्शित किया जाएगा। 

केन्द्र सरकार द्वारा परिकल्पित ''एक भारत–श्रेष्ठ भारत'' कार्यक्रम में सांस्कृतिक आदान – प्रदान के लिए मध्यप्रदेश को उत्तर पूर्वी राज्यों, मणिपुर एवं नागालैंड के साथ समूहबद्ध किया गया है, जिससे अंतर्राज्यीय संस्कृति, कलाओं एवं शैलियों को जानने का अवसर मिले। इस तारतम्य में अनुगूँज 2022 में इन राज्यों की सांस्कृतिक झलक भी दिखाई देगी।  

अनुगूँज में होने वाले सभी कार्यक्रमों का मंच संचालन एवं कार्यक्रमों की व्यवस्थाओं का दायित्व शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय शिवाजी नगर भोपाल के छात्र-छात्राओं द्वारा किया जाएगा।             राजेश दाहिमा

Thursday, April 23, 2020

लॉकडाउन में भी लाउड स्पीकर से घर-घर पहुँचा स्कूल

 22nd April 2020 at 22:37 IST
आकाशवाणी पर शुरू किये गये 'रेडियो स्कूल'' कार्यक्रम दिखाया कमाल 
भोपाल:बुधवार 22 अप्रैल 2020: (मध्यप्रदेश स्क्रीन ब्यूरो)::
कोरोना ने पूरी दुनिया में ज़िंदगी की शैली ही बदल डाली। हर क्षेत्र में पूरी तब्दीली आई। दिलचस्प बात यह भी कि इन तब्दीलियों को स्वीकार करना ही एकमात्र रास्ता था। और कोई विकल्प ही नहीं था। इन तब्दीलियों का असर शिक्षा के क्षेत्र में भी दिखा। परीक्षा के लिए तैयार बैठे बच्चों को लगने लगा कि इस बार तो सब चौपट हो गया। बच्चों की पढ़ाई और शिक्षा के इस सत्र को बचाने के लिए आकाशवाणी के स्कूल कार्यक्रम को जरिया बनाया गया। आकाशवाणी के जादू ने बच्चों पर भी असर दिखाया। शिक्षा के क्षेत्र में भी कोरोना से जंग लड़ने का यह बिलकुल ही अनूठा प्रयोग था। आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने के साथ साथ पुरानी तकनीक का भी सदुप्योग किया गया। गांव के बच्चे बच्चे तक इसका जादू पहुंचा और इसे बेहद पसंद भी किया गया। हर घर तक स्कूल खुद जा पहुंचा। सोशल डिस्टेंसिंग के नियम को बरकरार रखते हुए स्कूल ने बच्चों को पढ़ाई शुरू करवा दी। लोग खुश भी हुए और हैरान भी। जैसे ही आवाज़ गूंजती उनके चेहरों पर मुस्कराहट सी आ जाती। 
इस तरीके को लागू करने की कहानी भी बहुत दिलचस्प है। कोरोना संक्रमण में शिक्षकों एवं पालकों की बच्चों की पढ़ाई की चिंता को दूर करने के लिये सीहोर जिले में लाउड स्पीकर से  हर रोज़ पढ़ाई कराने की पहल की है। नसरूल्लागंज विकासखण्ड के शैक्षिक समन्वयक श्री संतोष धनवारे को जमुनिया बाजयाफ्त गाँव के शासकीय प्राथमिक स्कूल के बरामदे के एक कोने में रखे लाउड स्पीकर को देखकर यह आईडिया आया। उन्होंने तय किया कि लाउड स्पीकर से प्रत्येक बच्चे तक गत एक अप्रैल से आकाशवाणी पर शुरू किये गये 'रेडियो स्कूल'' कार्यक्रम को पहुँचाया जाये। उनका यह प्रयोग पूरी तरह सफल भी रहा। आज यह बेहद लोकप्रिय भी है। 
आकाशवाणी ने एक बार फिर से अपना जादू जगाया है। गाँव के बच्चों के साथ-साथ उनके घर के बड़े बुजुर्ग और अन्य सदस्य भी यह कार्यक्रम सुनते हैं। रेडियो स्कूल कार्यक्रम को इस तरह हर घर तक निर्बाध रूप से पहुँचाने पर ग्रामीणों ने श्री संतोष धनवारे के प्रयास की सराहना की है। एक बार फिर से लोग रेडियो की तरफ तेज़ी से आकर्षित हो रहे हैं। 
चकल्ली जन शिक्षा केन्द्र के गाँव जामुनिया बाजयाफ्त के इस प्रयोग को विकासखंड शैक्षिक समन्वयक संतोष धनवारे ने जन शिक्षा केन्द्र और विकासखंड के अन्य शिक्षकों से भी साझा किया है। नतीजन आज चकल्ली जन शिक्षा केन्द्र के ही ग्राम नांदियाखेड़ा डावा, आमदो, खापा और बनीगाँव सहित लगभग 20 स्कूलों में सुबह 11 बजे से 12 बजे तक शैक्षिक कार्यक्रम 'रेडियो स्कूल' का प्रसारण लाउड स्पीकर पर रोजाना गूंजता है। कहीं स्कूल के चोंगे से, तो कहीं गाँव के बीचो-बीच किसी घर की दालान में रखे साउंड-बॉक्स से बच्चे नियमित रूप से कार्यक्रम सुन रहे हैं और पढ़ रहे हैं। लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुए रेडियो स्कूल कार्यक्रम से अब इन गाँवों के हर घर में हर रोज लगता है स्कूल।--इनपुट:बबीता मिश्रा

Saturday, February 10, 2018

पहन लो जैकेट अगर बिजली नहीं तो क्या हुआ

MP में शिक्षकों के लिए विशेष ड्रेस कोड की जैकेट 
भोपाल: 10 फरवरी 2018: (मध्य प्रदेश स्क्रीन ब्यूरो//इंट.)::
"डिजिटल इंडिया" और "विकास" के इस युग में प्राथमिकताएं बदल रही हैं। कभी जनाब दुष्यंत कुमार साहिब ने कहा था:
भूख है तो सब्र कर रोटी नहीं तो क्या हुआ; 
आजकल दिल्ली में है ज़ेर-ए-बहस ये मुदद्आ। 
अब जबकि प्रदेश में बहुत सी बातें विकास करने वालों का ध्यान मांग रही हैं उस समय कुछ नए ऐलान सामने आ रहे हैं। 
एक ऐलान सुनने में आया है कि मध्य प्रदेश के शिक्षकों को अब नया ड्रेस कोड मिलने वाला है। शिक्षकों को "नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी"(निफ्ट) की तरफ से डिजाइन की गई जैकेट दी जाएंगी।  उनकी शख्सियत में निखार आएगा और वे सचमुच राष्ट्र निर्माता दिखने लगेंगे। आम जनता के मुद्दों से जुड़ कर काम कर रहे एक जानेमाने टीवी चैनल एनडीटीवी की खबर के मुताबिक मध्य प्रदेश के शिक्षा मंत्री विजय शाह ने कहा कि यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि शिक्षकों को महसूस हो कि वे एक महान कार्य कर रहे हैं और उनकी पहचान सरकारी शिक्षक के तौर पर हो सके। इस फैसले मुताबिक राज्य में करीब ढाई लाख सरकारी शिक्षकों को जल्द ही ये जैकेट मुहैया कराई जाएंगी। राज्य के शिक्षा मंत्रालय की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि सभी शिक्षकों को निफ्ट की तरफ से डिजाइन की गई जैकेट पहननी होंगी, जैकेट पर राष्ट्र निर्माता नाम की नेमप्लेट भी लगी होगी। 
गौररतलब है कि यह सरकारी आदेश ऐसे समय आया है जब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने पिछले वर्ष यह स्वीकार किया था कि राज्य में एक लाख से ज्यादा स्कूलों में बिजली नहीं है, 17 हजार से ज्यादा स्कूल में केवल एक-एक शिक्षक पर निर्भर हैं और करीब 50 हजार से ज्यादा शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं।
इसी बीच कांग्रेस पार्टी ने इसकी आलोचना की है और कहा है की वास्तविक मुद्दों पर दशा देने की बजाये ड्रेस कोड जैसे मुद्दे प्राथमिक बना कर एक ख़ास विचारधारा को लागू करने का छुपा एजेंडा है यह योजना। गौरतलब है कि यह प्रयास काफी देर से जारी है।  डाक बाबुओं के लिए भी विशेष ड्रेस बनाने की बात चली थी। 
अब लगे हाथ दुष्यंत कुमार साहिब की ग़ज़ल के कुछ और शेयर भी पढ़ लीजिये। 
भूख है तो सब्र कर रोटी नहीं तो क्या हुआ 
आजकल दिल्ली में है ज़ेर-ए-बहस ये मुदद्आ ।
मौत ने तो धर दबोचा एक चीते कि तरह 
ज़िंदगी ने जब छुआ तो फ़ासला रखकर छुआ । 
गिड़गिड़ाने का यहां कोई असर होता नही 
पेट भरकर गालियां दो, आह भरकर बददुआ । 
क्या वज़ह है प्यास ज्यादा तेज़ लगती है यहाँ 
लोग कहते हैं कि पहले इस जगह पर था कुँआ । 
आप दस्ताने पहनकर छू रहे हैं आग को 
आप के भी ख़ून का रंग हो गया है साँवला । 
इस अंगीठी तक गली से कुछ हवा आने तो दो 
जब तलक खिलते नहीं ये कोयले देंगे धुँआ । 
दोस्त, अपने मुल्क की किस्मत पे रंजीदा न हो 
उनके हाथों में है पिंजरा, उनके पिंजरे में सुआ । 
इस शहर मे हो कोई बारात हो या वारदात 
अब किसी भी बात पर खुलती नहीं हैं खिड़कियाँ ।