Monday, August 2, 2021

बहुत से लोगों के अच्छे दिन आए हैं मध्यप्रदेश में

  मुख्यमंत्री पथ विक्रेता योजना से बदली खूबीलाल तोश की ज़िंदगी 


भोपाल: 31 जुलाई 2021: (मध्यप्रदेश स्क्रीन ब्यूरो)::

मुख्यमंत्री पथ विक्रेता योजना उन लोगों के लिए लाईफ-लाईन साबित हो रही है जो आशा छोड़ चुके हैं। गरीबी   ने जिन्हें निराश और हताश कर दिया है। कोई छोटा रोजगार करने वाले परिवारों को फिर से आत्मनिर्भर बनाने में कारगर हो रही है यह विशेष योजना।  

लाभ उठाने वाले लोगों में से एक हैं श्री खुबीलाल साहू। तोष और ब्रेड बेचने का काम करते थे पर बहुत मेहनत से किये इस काम से भी परिवार का भरण पोषण बमुश्किल से ही हो पाता था। गरीब पीछा न छोड़ती। जेब खली की खली रहती थी। फिर उन्हें मुख्यमंत्री पथ विक्रेता योजना का पता चला और उन्होंने भी इस योजना का लाभ लिया। अब उनका काम और परिवार का खर्चा अच्छे से चल रहा है। यह स
च्ची कहानी बयां की है विकासखंड बैरसिया के ग्राम सौहाया निवासी श्री खुबीलाल साहू ने। अब खूबी लाल साहू  आ रहे हैं। 

 इस के यादें बताते हुए श्री साहू बताते हैं कि मैं पहले तोष और ब्रेड बेचने का काम करता था पर इस काम से भी परिवार का भरण पोषण करने में दिक्कतें आती थी। मुझे मेरे परिचित द्वारा मुख्यमंत्री पथ विक्रेता योजना के बारे में जानकारी दी गई। मैने योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया और मुझे बैंक द्वारा मुख्यमंत्री पथ विक्रेता योजना के तहत रूपये 10 हजार की राशि व्यवसाय आरंभ करने के लिए दी गई। इस राशि के आने से ही जैसे लक्ष्मी  कृपा बरसनी शुरू हो गई। अच्छे दिनों ने दस्तक डी दी उनके घर द्धार पर। 

साहू ने बताया कि मुख्यमंत्री पथ विक्रेता योजना की राशि मिलने के बाद मैंने किराना की दुकान खोल ली और अब धीरे-धीरे मेरी किराने की दुकान अच्छी चल रही है। परिवार का पालन पोषण भी अच्छे से हो रहा है। श्री साहू मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का धन्यवाद करते हुए कहते हैं कि शासन की ऐसी योजनाएं हमारे जैसे लोगों के लिए बहुत सहारा बन रही है। इसी तरह बहुत से लोगों ने अच्छे दिनों का मुँह देखा है। 


अब देखना है कि
कितनी जल्दी प्रदेश के सभी कमज़ोर वर्गों से जुड़े लोगों के अच्छे दिन इसी तरह की योजनाओं से आ पाते हैं। घर घर में खुशहाली कितनी जल्दी नज़र आने लगती है। 

Sunday, August 1, 2021

केन्द्रीय इस्पात राज्य मंत्री से विशेष भेंट

1st August 2021 at 08:14 IST

केन्द्रीय मंत्री से मिलीं जनजातीय कल्याण मंत्री सुश्री मीना सिंह


भोपाल
: रविवार, 1 अगस्त 2021 (मध्य प्रदेश स्क्रीन ब्यूरो):: 
  

अपने दिल्ली प्रवास के दौरान प्रदेश की आदिम जाति एवं जनजातीय कल्याण मंत्री सुश्री मीना सिंह ने केन्द्रीय इस्पात राज्य मंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते से मुलाकात की। इस भेंट में मध्यप्रदेश और देश के विकास से सबंधित कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई। 

Friday, March 19, 2021

65 लाख रूपये की नल-जल योजना का भूमि-पूजन

Thursday: 18th March 2021 at 20:23 IST

  भूमि-पूजन किया परिवहन मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने  


भोपाल
: गुरूवार: 18 मार्च 2021: (मध्यप्रदेश स्क्रीन ब्यूरो):: 

आज़ादी आने  सात दश्कों के बावजूद भी  अभी बहुत से इलाके ऐसे हैं जहां  पानी की गंभीर किल्लत लगातार  गंभीर बनी हुई है। घर परिवार की   महिलाओं को बाहर से पानी लाना पड़ता है। इस तरह  दुनिया  में कई जगहों पर पानी की किल्लत गंभीर बानी हुई है। इसी तरह की समस्या मध्यप्रदेश में भी है। मध्यप्रदेश की सरकार इस समस्या को कैसे हल कर रही है इसकी एक छोटी सी झलक आपको मिलेगी  हमारी इस रिपोर्ट में। मध्यप्रदेश स्क्रीन की इस पोस्ट में पढ़िए पूरी रिपोर्ट। 

परिवहन एवं राजस्व मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने सागर के ग्राम गेहलपुर एवं कंदेला में 65 लाख की नल-जल योजना का भूमि-पूजन किया। उन्होंने कहा कि इस पेयजल योजना से घर-घर तक पानी पहुँचेगा। पहाड़ी पर बसे इस गाँव की महिलाओं को अभी पेयजल के लिये काफी मशक्कत करना पड़ती है। श्री राजपूत ने कहा कि सुरखी क्षेत्र का एक भी घर ऐसा नहीं बचेगा, जिस घर में जल नल से नहीं आये। उन्होंने कहा राज्य सरकार पात्र लोगों के आयुष्मान-कार्ड बनवा रही है, गाँव के लोग अपना आयुष्मान-कार्ड बनवा लें। इस योजना में 5 लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त में होता है। उन्होंने कोरोना से बचाव के लिये चलाये जा रहे वैक्सीन अभियान में शामिल होने की अपील की।

साकार हुआ अपने घर का सपना

मंत्री श्री राजपूत ने प्रधानमंत्री आवास योजना में गृह-प्रवेश का शुभारंभ एवं हितग्राहियों को प्रमाण-पत्र वितरित किये। उन्होंने कहा कि गरीब आदमी के लिए पक्के मकान की सोच एक सपना होता था, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस सपने को साकार किया है। वर्ष 2022 तक सभी के पास पक्के मकान होंगें, यह जिम्मेदारी हमारी सरकार की है। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि सुरखी क्षेत्र में 25 साल पहले सड़कें नहीं थी। गेंती-फावड़ा लेकर क्षेत्र में आना पड़ता था। अब ऐसा कोई गाँव नहीं, जहाँ सड़क न हो। गेहलपुर से पिपरिया मार्ग एक करोड़ रुपये की लागत से मंजूर किया था, जिसका कार्य चल रहा है। ग्राम भजिया एवं गेहूँरास में सभी विकास कार्य प्रगति पर हैं।

आदर्श स्कूल की होगी स्थापना

मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि क्षेत्र की जनता के लिये मैं मंत्री नहीं, एक सेवक और परिवार का सदस्य हूँ। उन्होंने कहा कि सरकार नया सिस्टम ला रही है, जिसमें 20 से 25 कि.मी. के दायरे में इतना भव्य आदर्श स्कूल बनेगा, जो किसी प्राईवेट स्कूल से बेहतर होगा। स्कूल में अच्छे अध्यापकों सहित खेल व बच्चों के आने-जाने के लिए वाहनों की व्यवस्थाएँ भी रहेंगी। इससे गाँव के बच्चों को भी शहरों जैसे स्कूल में पढ़ने को मिलेगा। स्वामित्व योजना से गाँव में सभी को मकान का स्वामित्व मिलेगा, जिससे घर मालिक को मिलेगी घर की हकदारी। इस दौरान उन्होंने लाड़ली लक्ष्मी योजना के प्रमाण-पत्र एवं मध्यान्ह भोजन योजना अंतर्गत राशन वितरण भी किया।

यदि आपके पास पानी की किल्लत दूर करने के लिए कुछ ठोस सुझाव हों तो हमें अवश्य बताएं। विचारों की इंतज़ार रहेगी ही। 

मुकेश दुबे


Sunday, December 20, 2020

समूहों ने गरीब महिलाओं को दी नई और सशक्त पहचान

 Monday 09th November 2020 at 14:33 IST

 आजीविका गतिविधियों से ही हुआ सामाजिक आर्थिक सशक्तिकरण 


भोपाल
: सोमवार 9 नवम्बर2020: (मध्यप्रदेश स्क्रीन ब्यूरो)::

मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा वर्ष 2012 से ग्रामीण गरीब परिवारों की महिलाओं के सामाजिक आर्थिक सशक्तिकरण के लिये स्व-सहायता समूह बनाकर उनके संस्थागत विकास तथा आजीविका के संवहनीय अवसर उपलब्ध कराये जा रहे हैं। मिशन द्वारा प्रदेश में अब-तक समस्त जिलों के 43 हजार 781 ग्रामों में 3,08,676 स्व-सहायता समूहों का गठन किया गया है। इन समूहों से 34 लाख 78 हजार परिवारों को जोड़ा जा चुका है।

मिशन का उद्देश्य ग्रामीण निर्धन परिवारों की महिलाओं को स्व-सहायता समूह के रूप में संगठित कर उन्हें सशक्त बनाने हेतु प्रशिक्षित कर सहयोगात्मक मार्गदर्शन करना एवं समूह सदस्यों के परिवारों को रूचि अनुसार उपयोगी स्व-रोजगार एवं कौशल आधारित आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि मजबूत बुनियादी संस्थाओं के माध्यम से गरीवों की आजीविका को स्थायी आधार पर बेहतर बनाया जा सके।

ग्रामीण क्षेत्र में निवासरत निर्धन श्रेणी के परिवारों के इन समूहों को मिशन द्वारा चक्रीय निधि, सामुदायिक निवेश निधि आपदा कोष तथा बैंक लिंकेज के रूप में वित्तीय सहयोग किया जा रहा है। इस राशि से उनकी छोटी बड़ी आर्थिक आवश्यकताओं की पूर्ति हो जाती है, जिससे वह साहुकारों के कर्जजाल से बच जाते हैं।

मिशन द्वारा दिये जा रहे लगातार प्रशिक्षण, वित्तीय साक्षरता, वित्तीय सहयोग एवं सहयोगात्मक मार्गदर्शन से लाखों परिवारों की निर्धनता दूर हो गई है। प्रशिक्षणों का ही परिणाम है कि समूह सदस्यों के अन्दर गरीबी से उबरने की दृढ़ इच्छा शक्ति उत्पन्न हुई। परिणाम स्वरूप वह आगे बढ़कर पात्रता आनुसार अपने हक, अधिकार न केवल समझने लगे हैं बल्कि प्राप्त करने लगे हैं।

मिशन के प्रयासों से ग्रामीण निर्धन परिवारों के जीवन में अनेकों सकारात्मक परिवर्तन आ रहे हैं। इनमें सामाजिक, आर्थिक सशक्तिकरण प्रमुख रूप से देखा जा सकता है।

 ग्रामीण क्षेत्र में निर्धन परिवारों में महिलाओं की आय मूलक गतिविधियाँ करने के अवसर नहीं मिलते थे, उनका जीवन केवल चूल्हे-चौके व घर की चार दीवारी तक ही सीमित रह जाता था। घर के संचालन, आय-व्यय, क्रय-विक्रय आदि सहित अन्य मुद्दों पर निर्णय में पुरूषों का एकाधिकार था, यहाँ तक कि महिलाओं के आने-जाने, उठने-बैठने, पहनने-ओढ़ने, खाने-पीने आदि जैसे व्यक्तिगत मुद्दों पर भी उनकी राय लेना मुनासिव नहीं समझा जाता था, बल्कि सब कुछ एकतरफा उनपर थोप दिया जाता था। कभी परंपरा तो कभी संस्कार मर्यादा के नाम पर महिलाओं के पास इन्हें ढोने के अलावा कोई विकल्प नहीं होता था। उनकी अपनी कोई पहचान इच्छा-अनिच्छा, सहमति-असहमति नहीं होती थी। घर के संचालन एवं खेती वाड़ी तथा व्यवसायिक कार्यो में महिलाएँ तो जैसे सपनों की बातें हों।

मिशन के समूहों से जुड़कर महिलाओं को जो अवसर मिला उससे उन्होंने अपनी कावलियत को सिद्ध कर अपनी अलग पहचान बनाई। आज प्रदेश में समूहों से जुड़े 12 लाख 31 हजार से अधिक परिवार कृषि एवं पषुपालन आधारित आजीविका गतिविधियों से जुड़े हैं जबकि 3 लाख 85 हजार से अधिक परिवार गैर कृषि आधारित लघु उद्यम आजीविका गतिविधियों से जुड़कर काम कर रहे हैं।

ग्रामीण क्षेत्र में आजीविका गतिविधियों को और सुदृढ़ करने के लिये एक वर्ष में रू.1400 करोड़ बैंक ऋण समूहों को उपलब्ध कराने का लक्ष्य प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित किया गया है। साथ ही मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ विक्रेता योजना के अंतर्गत भी 10 हजार रूपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। यह राशि मिलने से समूहों की गतिविधियों में गति बढ़ गई है।

गैर आय मूलक नगण्य घरेलू कामों के अलावा अब समूह सदस्य महिलाएँ अपने परिवार के साथ-साथ गांव एवं सामुदायिक विकास के महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी राय देती हैं। उनके अन्दर आई जागरूकता के कारण न केवल घर में बल्कि गांव व क्षेत्र में भी उनके सम्मान में बढ़ोतरी है। समूहों, ग्राम संगठनों, संकुल स्तरीय संघो की नियमित बैठकों में भागीदारी करने से उनकी समझ व सक्रियता बढ़ गई है उनकी कार्यशैली में निखार एवं आत्म विष्वास में बढ़ोतरी हुई है। समूहों में सिखाये गये 13 सूत्रों ने उन्हें मूल मंत्र दे दिया जिससे वे निरंतर आगे बढती जा रही हैं। समूहों की बैठक में नियमित बचत लेन-देन, ऋण वापसी तथा दस्तावेजी करण, बैंकों में आने-जाने से उनके अंदर वित्तीय साक्षरता, व्यवसायिक प्रबंधन की क्षमता विकसित हो गई। इसी का परिणाम है कि घूंघट में रहने वाली शर्मीले स्वभाव की ग्रामीण महिला आज अपनी यह पहचान बदलकर बड़ी-बड़ी सभाओं में मंच से लाखों की भीड के सामने निर्भीक होकर अपने विचार व्यक्त करती है।

इस पूरे काम में एक खास बात यह है कि महिलाओं का अनपढ होना बाधक नहीं बना और वे सदियों पुरानी रूढियों को तोड़कर अपने गुमनाम जीवन से उठकर समुदाय में महत्वपूर्ण भूमिका में पहुंचने में कामयाब हो गई। आज उनकी पहचान केवल किसी की पत्नी, बहू या मां के रूप में ही नहीं है बल्कि अब वे समूहों संगठनों के महत्वपूर्ण पदाधिकारियों के रूप में जानी जाती हैं। घरों में अब नजारे उल्टे हैं, सास, ससुर पति सहित सभी एक स्वर में इनका नेतृत्व सहज स्वीकार करते देखे जा सकते हैं। इन्होंने इस सत्ता परिवर्तन के लिये कोई हिंसक लड़ाई नहीं लड़ी बल्कि अपनी काबलियत के दम पर सत्ता स्वीकार करने के लिये अपने परिजनों को तथा समुदाय को मजबूर कर दिया।

आज पत्नी से पूछकर पति बाहर जाता है घर में फसल, पढाई लिखाई, खरीद बिक्री, आदि निर्णय महिलाओं की राय पर ही लिये जाते हैं।

सामुदायिक विकास के क्षेत्र में भी महिलाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पहले की तुलना में ग्राम सभा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ना, पात्रता अनुसार स्वास्थ्य, पोषण, षिक्षा आदि के व्यक्तिगत एवं सामुदायिक मुद्दों पर भी जबरदस्त सकारात्मक परिवर्तन देखा जा सकता है। घर-घर में पोषण वाटिका लगाकर अपना, अपने परिवार का तथा अपने गांव में कुपोषण दूर करने के प्रयास देखे जा सकते हैं।

समूह सदस्यों के अन्य व्यवहार परिवर्तनों में एक अन्य महत्वपूर्ण परिवर्तन है नगद रहित व्यवहार, समूहों का समस्त लैन-दैन चैक के माध्यम से ही होता है या फिर बैंक सखियों द्वारा ई-ट्रांजिक्शन भी कराया जाता है। इस कारण आर्थिक धोखाधड़ी की संभावनाएँ कम हो गई हैं।

परंपरागत आय के साधन कृषि-पशुपालन के साथ-साथ अतिरिक्त आय अर्जित करने के लिये सिलाई, दुकान, साबुन, अगरबत्ती निर्माण, आदि सहित 103 प्रकार की लघु उद्यम गतिविधियां रूचि अनुसार की जा रही हैं जिस कारण संवहनीय आजीविका के अवसर मिलने से इनकी आय में उत्तरोत्तर वृद्धि निरंतर हो रही है। प्रदेश में 2 लाख से अधिक महिलाएँ ऐसी हैं जो न्यूनतम 10 हजार रू. मासिक आय अर्जित कर रही हैं।

समूहों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने का अवसर मिलने से जो नई पहचान मिली उसकी वजह से विभिन्न राजनैतिक पदों पर भी समूह सदस्य निर्वाचित हुई हैं। पंच-सरपंच से लेकर जपनद जिला पंचायत सदस्य, अध्यक्ष उपाध्यक्ष विधायक व राज्य सभा सदस्य जैसे पदों तक भी पहुंची हैं। इसके अलावा विभिन्न समितियों में भी महत्वपूर्ण पद मिले हैं।

ग्रामीण क्षेत्र में घूंघट की ओट में चूल्हे चौके तक सीमित रहकर गुमनाम जिंदगी जीने वाली महिलाएँ अपने परिवार गांव, जिले की पहचान व शान बन गईं।

समुदाय के बीच समूह की अवधारणा के प्रचार-प्रसार, क्षमता वर्धन, बैंक संयोजन, समूहों की आय अर्जन गतिविधियों में सहयोग आदि कार्य के लिये समूह सदस्यों में से ही सामुदायिक स्त्रोत व्यक्तियों का चिन्हांकन एवं प्रशिक्षण किया गया। सामुदायिक स्त्रोत व्यक्ति सामुदायिक संस्थाओं के स्थाई रूप से सषक्तिकरण में सहभागी बने, साथ ही इस कार्य से उन्हें अतिरिक्त आय भी प्राप्त हो रही है।

मिशन द्वारा लगभग 6000 महिलाओं को कम लागत कृषि एवं जैविक खेती पर प्रशिक्षित किया गया। इन्होंने मास्टर कृषि सी.आर.पी. के रूप में न केवल अपने घर, गांव जिला प्रदेश, बल्कि अन्य राज्यों जैसे-हरियाणा, उत्तरप्रदेश व पंजाब में भी सेवाएँ देकर अपनी अलग पहचान बनाई है। सामाजिक सषक्तिकरण के साथ-साथ आर्थिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी महिलाओं ने नये आयाम स्थापित किये हैं। समूहों से जुड़े कई ऐसे परिवार भी हैं जिनकी मासिक आय 50 हजार रूपये तक है। लाखों की संख्या में महिलाओं ने पुराने जीर्ण-शीर्ण घरों की जगह अपने पक्के मकान, दुकान आदि बनवा लिये, कृषि भूमि खरीदी है तथा साहूकारों के कर्ज जाल से मुक्ति पाकर नये जीवन की शुरूआत की है। बदलाव की नजीर देखें तो अकेले अजीराजपुर जिले के उद्यगढ़ क्षेत्र में 19 गांवों के 26 समूहों के 76 सदस्यों ने 26 लाख से अधिक रूपये से गिरबी रखी 176 एकड़ जमीन साहूकारों के कर्जे से वर्ष 2019 में मुक्त कराई। ऐसे एक नहीं अनेकों उदाहरण विभिन्न जिलों में हैं। समूह सदस्यों की आय में वृद्धि होने से आर्थिक रूप से आत्म निर्भर होने पर उन्होंने स्वयं की अपूर्ण पढाई फिर से शुरू कर व्यवसायिक कोर्स जैसे बी.एस.डब्ल्यू. एम.एस.डब्ल्यू. भी किया है। साथ ही बच्चों को अच्छे स्कूल में पढा रहे हैं, दो पहिया, चारपहिया वाहन, कृषि यंत्र आदि खरीदे हैं।

स्वयं का आर्थिक सामाजिक सशक्तिकरण करने के साथ-साथ अपने क्षेत्र में बाल विवाह रोकना, घरेलू हिंसा के विरूद्ध आवाज उठाना, नषा मुक्ति कराना, सामुदायिक विकास के कार्यो की निगरानी, गांव के बेरोजगार युवक युवतियों को रूचि अनुसार रोजगार, स्व-रोजगार प्रशिक्षण दिलाने जैसे काम विभिन्न उप-समितियों के माध्यम से महिलाएँ कर रही हैं। स्व-सहायता समूहों में मिले अवसर का पूरा लाभ उठाते हुए अपनी क्षमता के अनुसार काम करके प्रतिभा प्रदर्शन से मिली अलग पहचान की बदौलत ही महिलाओं ने ग्रामीण क्षेत्र में परिवारिक एवं सामुदायिक सत्ता पर अपना वर्चस्व कायम किया है, जो कि महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सषक्तिकरण के जीवंत उदाहरण हैं।

आर.एस. मीणा


Saturday, December 19, 2020

नए कृषि कानूनों से बिचौलियों में हड़कंप- मंत्री पटेल का दावा

Saturday, 19th December 2020 at 20:11 IST

  हरदा के ग्राम धुरगाड़ा में विधेयकों के समर्थन में चौपाल आयोजित 

भोपाल: 19 दिसम्बर 2020:, (मध्यप्रदेश स्क्रीन ब्यूरो)::

भारतीय जनता पार्टी की तरफ से किसानों के आंदोलन का मुकाबला जारी है। इस मकसद के लिए चौपालों का अयिजन भी किया जा रहा है। हाल ही में एक चौपाल हरदा के गांव धुरवाड़ा में भी आयोजित की गई जिसमें किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री श्री कमल पटेल भी पहुंचे। 

किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री श्री कमल पटेल ने कहा है कि नवीन कृषि कानूनों से बिचौलियों में हड़कंप मचा है। उन्होंने कहा कि अब तक बिचौलिए किसानों के लाभ को हजम कर जाते थे। इन कानूनों के आने के बाद किसानों को उनका वाजिब हक मिलेगा। श्री पटेल ने यह बात हरदा जिले के ग्राम धुरगाड़ा में नवीन कृषि विधेयकों के समर्थन में आयोजित किसान चौपाल में कहीं।

मंत्री श्री पटेल ने नए कृषि विधेयकों के समर्थन में आयोजित चौपाल में कहा कि विधेयक किसानों के हित में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा लाए गए हैं। इनसे किसानों की आय बढ़ेगी। खेती का उन्नत स्वरूप विकसित होगा। गांव में कृषि आधारित अधोसंरचनात्मक विकास होगा। किसान अपने उद्योग खुद लगा सकेंगे।   वे किसान के साथ-साथ उद्योगपति भी बन सकेंगे। श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के संबोधन से किसानों में सकारात्मकता का भाव आया है। किसान अब आगे बढ़कर नवीन कृषि विधेयकों का समर्थन कर रहे हैं। ग्राम धुरगाड़ा में भी किसानों ने नारे लगाए कि वे नवीन कृषि विधेयकों के मामले में केंद्र और प्रदेश सरकार के साथ हैं। उनका पूरा- पूरा समर्थन नवीन कृषि विधेयकों के लिए है।

           किसान चौपाल में मंत्री श्री पटेल ने किसानों को आश्वस्त किया कि मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्र में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार किसानों की आय को न सिर्फ दुगुना करेगी बल्कि किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त और समृद्ध बनाने का हर मुमकिन प्रयास करेगी।


मुख्यमंत्री श्री चौहान को भेंट की गई 'ज्वेल्स ऑफ गुजरात'

 Saturday: 19th December 2020 at 17:38 IST

 मनीष मीडिया जयपुर के चांदमल कुमावत ने लिखी है यह पुस्तक  

भोपाल: शनिवार 19 दिसम्बर 2020:(मध्यप्रदेश स्क्रीन ब्यूरो)::


मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को मनीष मीडिया जयपुर के चेयरमैन श्री चांदमल कुमावत ने अपनी पुस्तक 'ज्वेल्स ऑफ गुजरात' भेंट की। इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री कमल पटेल भी मौजूद थे। श्री कुमावत ने मध्यप्रदेश के 66वें स्थापना दिवस एक नवम्बर 2021 को प्रकाशित हो रही अपनी पुस्तक 'ज्वेल्स ऑफ मध्यप्रदेश' पर चर्चा करते हुए बताया कि इस पुस्तक में दुनिया-भर में बसे मध्यप्रदेश के ऐसे व्यक्तियों की जीवनियाँ होंगी, जिन्हें पढ़कर आने वाली पीढ़ी प्रेरणा प्राप्त कर सकेगी।

मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने किया शहीदों को नमन

Saturday;19th December 2020 at 05:34 PM

 फांसी का रस्सा चूमने वाले वीरों को दी श्रद्धांजलि 


भोपाल: 19 दिसंबर 2020: (मध्यप्रदेश स्क्रीन ब्यूरो):: 

देश की स्वतंत्रता के लिया अपनी जानें न्योछावर करने वालों को स्मरण करने का कर्तव्य मुख्यमंत्री शिवराज चौहान व्यस्त होने के बावजूद नहीं भूले। श्री चौहान ने शहीदों को नमन करने करते हुए अपनी आस्था और श्रद्धा को व्यक्त किया। 

आज निवास कार्यालय सभाकक्ष में शहीद सर्वश्री राजेंद्र नाथ लाहिड़ी, अशफाक उल्ला खां, रोशन सिंह और पं. राम प्रसाद बिस्मिल के चरणों में श्रद्धांजलि अर्पित की। मां भारती के इन वीर सपूतों को वर्ष 1925 में हुए काकोरी कांड के बाद फांसी की सजा सुनाई गई थी। श्री राजेंद्र नाथ लाहिड़ी को 17 दिसम्बर 1927 को और सर्वश्री अशफाक उल्ला खां, रोशन सिंह और पं. राम प्रसाद बिस्मिल को 19 दिसम्बर 1927 को फांसी दी गई थी।

चारों राष्ट्र प्रेमी मित्रों ने स्वतंत्रता और स्वाभिमान के लिए अपने जीवन का बलिदान किया। इसके बाद देश में क्रांतिकारी पहले से ज्यादा लोकप्रिय होने लगे थे। इन चारों सपूतों के बलिदान से युवाओं को देशभक्ति की प्रेरणा मिली। ये वीर सदैव देशवासियों के दिलों में जिंदा रहेंगे। वीर शहीदों के चरणों में कोटिश: नमन!